गीता 2.62–63 का अर्थ: आसक्ति, क्रोध और विवेक का क्रम
दोनों श्लोकों का संस्कृत पाठ, आठ पद-समूह, बाधित इच्छा और स्मृति पर शंकर की व्याख्या पढ़ें। आधुनिक उदाहरण से मनन और सुधार की जगह समझें।
॥ असतो मा सद्गमय ॥
दोनों श्लोकों का संस्कृत पाठ, आठ पद-समूह, बाधित इच्छा और स्मृति पर शंकर की व्याख्या पढ़ें। आधुनिक उदाहरण से मनन और सुधार की जगह समझें।
सूर्य के सात वर्ग-स्थान, मूलत्रिकोण, पंचधा मैत्री और 165 विरूप का जोड़ समझें। अलग गणना-परंपराओं तथा रूप-विरूप के अंतर सहित पूरा अभ्यास।
क्रांतिवृत्तीय दिशा से विषुवांश और क्रांति निकालें। पूरे सूत्र, मूल चित्र, अक्षांश के उदाहरण तथा अंश और RA-घंटों का अंतर सरल भाषा में समझें।
तेषां सततयुक्तानां का अर्थ संस्कृत, लिप्यंतरण, पद-विवेचन और 10.8–11 के संदर्भ से समझें। शंकर भाष्य तथा आधुनिक जीवन के सावधान उदाहरण सहित।
सूर्य और चंद्र के देशांतर से पक्ष बल निकालें। शुक्ल-कृष्ण पक्ष की सममिति, ग्रह-समूह, रूप-विरूप और चंद्र के प्रकाशित अंश का अंतर समझें।
विषुवांश, नाक्षत्र समय और स्थान से आकाशीय ऊँचाई तथा दिगंश निकालें। मूल चित्र, पूर्व-उत्तर-ऊपर सदिश और शीर्ष-बिंदु के उदाहरण सहित समझें।
अनपेक्षः शुचिर्दक्ष का अर्थ संस्कृत, पद-विवेचन और शंकर भाष्य से समझें। उदासीनता, सर्वारम्भपरित्याग और भक्ति के संबंध का विस्तृत अध्ययन।
UTC और भौगोलिक देशांतर से नतोन्नत बल निकालें। सात ग्रहों के अंक, आधी रात का मोड़, समय-क्षेत्र और माध्य-स्पष्ट सौर समय के उदाहरण समझें।
RA और क्रांति से महावृत्त की कोणीय दूरी निकालें। जाँचा हुआ ग्राफ, शून्य के पार उदाहरण, सदिश, छोटी दूरियाँ और युति की अलग परिभाषाएँ समझें।
यथा दीपो निवातस्थो का संस्कृत पाठ, पद-अर्थ, संधि और शंकर भाष्य पढ़ें। दीपक की उपमा को अध्याय के आध्यात्मिक संदर्भ और सीमित आधुनिक उदाहरण से समझें।
सूर्योदय, सूर्यास्त और अगले सूर्योदय से त्रिभाग बल निकालें। असमान दिन-रात, मध्यरात्रि, ठीक सीमा पर जन्म और सात ग्रहों के विरूप उदाहरण सहित समझें।
विषुवांश और क्रांति से स्थिति कोण निकालें। 20° दूरी के मौलिक चार्ट, सात दिशाओं, उलटे कोण और अपरिभाषित स्थितियों को उदाहरण सहित समझें।
आत्मौपम्येन सर्वत्र का संस्कृत पाठ, पद-अर्थ और शंकर भाष्य पढ़ें। अपने समान दूसरों का सुख-दुःख देखने को संदर्भ और सावधान आधुनिक उदाहरण से समझें।
D1 और नवांश की राशि-संख्या से ओजयुग्म बल निकालें। ग्यारह देशांतर, सात ग्रह, ठीक सीमा और 108 नवांश क्षेत्रों से 0, 15, 30 विरूप का नियम समझें।
अक्षांश, घंटा कोण और क्रांति से पैरालैक्टिक कोण निकालें। तीन मौलिक आकाश-पथ, शीर्षबिंदु के पास तेज बदलाव, meridian और field rotation समझें।
स्वकर्मणा तमभ्यर्च्य का संस्कृत पाठ, पद-अर्थ और शंकर भाष्य पढ़ें। ईश्वर की व्यापकता, स्वकर्म, ज्ञान की योग्यता और सावधान आधुनिक अनुप्रयोग समझें।
बारह भावों, दस अंश के खंडों, सात उदाहरणों और दो स्पष्ट द्रेष्काण नियमों से केंद्रादि तथा द्रेष्काण बल निकालें। सीमाएँ, इकाइयाँ और तुलना समझें।
ऊँचाई से एयरमास निकालें, समतल नियम की दो गोलाकार शिक्षण मॉडलों से तुलना करें और मौलिक चार्ट, गणना तथा प्रेक्षण-सीमाओं के उदाहरण समझें।
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