आज का राहुकाल
अपने शहर और तारीख के अनुसार राहुकाल, यमगण्ड और गुलिक काल देखें।
19 अक्टूबर 2026 | अयोध्या
पूरा पंचांग देखेंराहुकाल का महत्व
राहुकाल को नए शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए टालने योग्य समय माना जाता है। यह गणना सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर स्थानानुसार बदलती है।
- शहर-आधारित सूर्योदय से गणना
- राहुकाल के साथ यमगण्ड और गुलिक काल
- मुख्य पंचांग पेज से सीधा मिलान
ध्यान रखें
- स्थानीय परंपरा के अनुसार मतभेद हो सकते हैं।
- विवाह या बड़े संस्कार के लिए पूर्ण मुहूर्त परामर्श अलग से आवश्यक हो सकता है।
समय आपके चुने हुए स्थान, स्थानीय सूर्योदय और पारंपरिक पंचांग नियमों के आधार पर निकाला जाता है। गणना विधि पढ़ें