॥ शुभमस्तु ॥

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कार्य चुनें, अपना शहर और अवधि दें, और पंचांग के अनुसार शुभ तिथियाँ और समय कारण सहित देखें। तिथियाँ परिवार को WhatsApp पर भेजें।
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राशि से चंद्र बल और नक्षत्र से तारा बल जुड़ता है। विवाह में दोनों पक्षों के लिए अलग से देखें।

अवधि

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विवाह मुहूर्त: 6 शुभ तिथियाँ

6 नवंबर – 5 दिसंबर 2026 · नई दिल्ली

  • चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक)6 नव॰ – 20 नव॰: इन दिनों विवाह नहीं

जिन तिथियों को परिवार को भेजना है, उन्हें चुनें।

  1. 21नवंबरशनिवार

    शुभ

    सुबह 10:47 – दोपहर 1:26

    अन्य समय: सुबह 6:48 – सुबह 9:27 · दोपहर 2:46 – अगले दिन रात 2:26

    शुक्ल द्वादशी · उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र · सिद्धि योग

    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  2. 25नवंबरबुधवार

    उत्तम

    दोपहर 1:27 – अगले दिन सुबह 6:52

    अन्य समय: सुबह 6:51 – सुबह 8:10 · सुबह 9:29 – दोपहर 12:07

    कृष्ण प्रतिपदा · रोहिणी नक्षत्र · शिव योग

    • बुधवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  3. 26नवंबरगुरुवार

    शुभ

    सुबह 8:11 – दोपहर 1:27

    अन्य समय: दोपहर 2:46 – शाम 5:45

    कृष्ण द्वितीया · मृगशिरा नक्षत्र · साध्य योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  4. 30नवंबरसोमवार

    शुभ

    दोपहर 12:55 – दोपहर 2:23

    कृष्ण सप्तमी · मघा नक्षत्र · इन्द्र योग

    • सोमवार अनुकूल वार
    • भद्रा (विष्टि करण) का समय हटाया गया
  5. 2दिसंबरबुधवार

    शुभ

    रात 10:52 – अगले दिन सुबह 6:57

    कृष्ण नवमी · उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · प्रीति योग

    • बुधवार अनुकूल वार
  6. 3दिसंबरगुरुवार

    शुभ

    सुबह 8:15 – सुबह 10:54

    कृष्ण दशमी · उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · प्रीति योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
    • भद्रा (विष्टि करण) का समय हटाया गया
छोड़ी गई तिथियाँ और कारण (24)
चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक)
6 नव॰, 7 नव॰, 8 नव॰, 9 नव॰, 10 नव॰, 11 नव॰, 12 नव॰, 13 नव॰, 14 नव॰, 15 नव॰, 16 नव॰, 17 नव॰, 18 नव॰, 19 नव॰, 20 नव॰
तिथि, नक्षत्र और योग का शुभ मेल नहीं
22 नव॰, 23 नव॰, 27 नव॰, 28 नव॰, 29 नव॰, 4 दिस॰, 5 दिस॰
मंगलवार इस कार्य के लिए वर्जित
24 नव॰, 1 दिस॰

कार्य के अनुसार मुहूर्त

ये तिथियाँ कैसे चुनी गईं

हर दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण और चंद्र राशि के सटीक बदलने के समय NASA JPL DE440s पंचांग गणना और लाहिड़ी अयनांश से निकाले जाते हैं। फिर कार्य के नियमों से मिलान होता है, और भद्रा, व्यतीपात, वैधृति, राहुकाल और यमगंड का समय हटाया जाता है।

पूरे दिन वर्जित
चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास (कार्य के अनुसार)
अतिरिक्त अंक
सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, गुरु-पुष्य, रवि-पुष्य, अभिजित मुहूर्त, शुक्ल पक्ष
व्यक्तिगत (वैकल्पिक)
चंद्र बल और तारा बल
लग्न शुद्धि और कुंडली मिलान इसमें शामिल नहीं हैं; इन्हें पंडित जी से देखवाएँ।

विवाह मुहूर्त: महीने के अनुसार