द्वादश ज्योतिर्लिंग यात्रा

भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों का स्थान, महत्व, यात्रा मार्ग, प्रमुख पर्व और मंदिर की आधिकारिक जानकारी।

सोमनाथ से घृष्णेश्वर तक बारह ज्योतिर्लिंग अलग-अलग भूगोल, स्थापत्य और क्षेत्रीय परंपराओं से जुड़े हैं। यात्रा से पहले मौसम, भीड़ और उस दिन का दर्शन-समय अवश्य देखें।

द्वादश ज्योतिर्लिंग की यात्रा कैसे चुनें

एक यात्रा में सभी बारह स्थान पूरे करना जरूरी नहीं। राज्य और यात्रा-मार्ग के आधार पर छोटे समूह चुनें। वैद्यनाथ, नागेश्वर और भीमाशंकर की पहचान पर क्षेत्रीय परंपराएँ भिन्न स्थान भी बताती हैं; यहाँ प्रचलित यात्रा-स्थानों का परिचय दिया गया है।

तीर्थ खोजें और अपनी यात्रा में जोड़ें

12 स्थानों का परिचय, प्रमुख पर्व, मार्ग और मंदिर / पर्यटन विभाग के लिंक। नक्शे में स्थान संकेतक हैं; वर्तमान सड़क, मौसम या दर्शन उपलब्धता का दावा नहीं है।

राज्य
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12 स्थान मिले

सोमनाथ

प्रभास पाटन, गुजरात · भगवान शिव

अरब सागर के तट पर स्थित सोमनाथ को परंपरा में द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता है। वर्तमान मंदिर चालुक्य स्थापत्य शैली से प्रेरित है।

पहुँचने का मार्ग

निकटतम प्रमुख रेलवे स्टेशन वेरावल है। राजकोट और दीव से सड़क मार्ग उपलब्ध है।

पर्व और दर्शन

महाशिवरात्रि · श्रावण मास · कार्तिक पूर्णिमा

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

मल्लिकार्जुन

श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश · भगवान मल्लिकार्जुन और देवी भ्रमराम्बा

नल्लमाला पर्वतमाला में स्थित श्रीशैलम एक ज्योतिर्लिंग और शक्तिस्थल—दोनों परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण तीर्थ है।

पहुँचने का मार्ग

हैदराबाद से सड़क मार्ग प्रमुख विकल्प है। पहाड़ी मार्ग और वन क्षेत्र के कारण यात्रा समय पर्याप्त रखें।

पर्व और दर्शन

महाशिवरात्रि · कार्तिक मास · नवरात्रि

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

महाकालेश्वर

उज्जैन, मध्य प्रदेश · भगवान महाकाल

क्षिप्रा तट की प्राचीन नगरी उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग और भस्म आरती के लिए प्रसिद्ध है।

पहुँचने का मार्ग

उज्जैन रेलवे से अच्छी तरह जुड़ा है; निकटतम प्रमुख हवाई अड्डा इंदौर में है।

पर्व और दर्शन

महाशिवरात्रि · श्रावण · नाग पंचमी

भस्म आरती के लिए अग्रिम पंजीकरण और उस दिन का प्रवेश-समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

ओंकारेश्वर

मांधाता, मध्य प्रदेश · भगवान ओंकारेश्वर

नर्मदा नदी के मांधाता द्वीप पर स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग तीर्थ नर्मदा-परिक्रमा परंपरा से भी जुड़ा है।

पहुँचने का मार्ग

इंदौर और खंडवा से सड़क मार्ग उपलब्ध है। मंदिर तक पहुँचने के लिए पुल और घाट क्षेत्र से चलना पड़ सकता है।

पर्व और दर्शन

महाशिवरात्रि · श्रावण · कार्तिक पूर्णिमा

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

केदारनाथ

केदारनाथ, उत्तराखंड · भगवान केदारनाथ

हिमालय में स्थित केदारनाथ द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एक और उत्तराखंड के चार धामों में प्रमुख शिवतीर्थ है। शीतकाल में उत्सव-विग्रह की पूजा ऊखीमठ में होती है।

पहुँचने का मार्ग

गौरीकुंड से पैदल मार्ग है। यात्रा-पंजीकरण, मौसम, स्वास्थ्य और मार्ग की स्थिति देखकर ही प्रस्थान करें।

पर्व और दर्शन

कपाट उद्घाटन · महाशिवरात्रि · बदरी-केदार उत्सव

मंदिर केवल घोषित यात्रा-ऋतु में खुलता है; कपाट, पंजीकरण और मौसम की ताज़ा सूचना मंदिर समिति से देखें।

भीमाशंकर

भीमाशंकर, महाराष्ट्र · भगवान भीमाशंकर

सह्याद्री के वन क्षेत्र में स्थित भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग प्रकृति, प्राचीन नागर स्थापत्य और भीमा नदी के उद्गम से जुड़ा है।

पहुँचने का मार्ग

पुणे से सड़क मार्ग प्रमुख है। वर्षा ऋतु में पहाड़ी मार्ग, फिसलन और दृश्यता का ध्यान रखें।

पर्व और दर्शन

महाशिवरात्रि · श्रावण सोमवार

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

काशी विश्वनाथ

वाराणसी, उत्तर प्रदेश · भगवान विश्वनाथ

गंगा तट की काशी में स्थित विश्वनाथ मंदिर शिव के सबसे प्रतिष्ठित तीर्थों में है। मंदिर परिसर दशाश्वमेध घाट और ज्ञानवापी क्षेत्र के निकट है।

पहुँचने का मार्ग

पुराने शहर में वाहन-प्रवेश सीमित हो सकता है। घाट या निर्धारित प्रवेश-द्वार से पैदल जाने की तैयारी रखें।

पर्व और दर्शन

महाशिवरात्रि · देव दीपावली · श्रावण

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

त्र्यंबकेश्वर

त्र्यंबक, महाराष्ट्र · भगवान त्र्यंबकेश्वर

ब्रह्मगिरि पर्वत और गोदावरी के उद्गम क्षेत्र के निकट स्थित त्र्यंबकेश्वर अपने त्रिमुखी ज्योतिर्लिंग और काले पत्थर की स्थापत्य-कला के लिए जाना जाता है।

पहुँचने का मार्ग

नाशिक से लगभग 28 किलोमीटर सड़क मार्ग है। बड़े पर्वों पर यातायात और आवास पहले से व्यवस्थित करें।

पर्व और दर्शन

महाशिवरात्रि · श्रावण · कुंभ पर्व

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

बैद्यनाथ धाम

देवघर, झारखंड · भगवान बैद्यनाथ

देवघर का बैद्यनाथ धाम ज्योतिर्लिंग परंपरा का प्रमुख तीर्थ है। श्रावण में सुल्तानगंज से गंगाजल लाने वाली काँवर यात्रा विशेष प्रसिद्ध है।

पहुँचने का मार्ग

देवघर रेल और वायु मार्ग से जुड़ा है। श्रावणी मेले में अलग कतार और यातायात व्यवस्था लागू रहती है।

पर्व और दर्शन

श्रावणी मेला · महाशिवरात्रि

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

नागेश्वर

द्वारका, गुजरात · भगवान नागेश्वर

द्वारका और बेट द्वारका के मार्ग पर स्थित नागेश्वर मंदिर द्वादश ज्योतिर्लिंग परंपरा से जुड़ा शिवतीर्थ है।

पहुँचने का मार्ग

द्वारका से सड़क मार्ग उपलब्ध है और इसे बेट द्वारका यात्रा के साथ जोड़ा जा सकता है।

पर्व और दर्शन

महाशिवरात्रि · श्रावण

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

रामनाथस्वामी

रामेश्वरम्, तमिलनाडु · भगवान रामनाथस्वामी

रामेश्वरम् का रामनाथस्वामी मंदिर ज्योतिर्लिंग और चार धाम—दोनों परंपराओं में प्रतिष्ठित है। मंदिर के दीर्घ स्तंभित गलियारे और तीर्थ-कुंड प्रसिद्ध हैं।

पहुँचने का मार्ग

रामेश्वरम् रेल और सड़क से जुड़ा है। मंदिर के भीतर स्नान और वस्त्र संबंधी स्थानीय व्यवस्था पहले जान लें।

पर्व और दर्शन

महाशिवरात्रि · आर्द्रा दर्शन · नवरात्रि

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

घृष्णेश्वर

वेरूळ, महाराष्ट्र · भगवान घृष्णेश्वर

एलोरा गुफाओं के निकट स्थित घृष्णेश्वर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में गिना जाता है। लाल पत्थर और हेमाडपंती प्रभाव वाला मंदिर परिसर इसकी विशेषता है।

पहुँचने का मार्ग

छत्रपति संभाजीनगर से सड़क मार्ग उपलब्ध है। एलोरा और दौलताबाद यात्रा के साथ इसे जोड़ा जा सकता है।

पर्व और दर्शन

महाशिवरात्रि · श्रावण

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

मेरी यात्रा योजना

स्थान जोड़ें, उनका क्रम बदलें और परिवहन, दर्शन तथा विश्राम सहित दिन तय करें। यहाँ दिन आपकी योजना हैं; अपने आप निकाला गया मार्ग या पर्याप्त यात्रा-अवधि नहीं।

यात्रा आरंभ

ऊपर से पहला तीर्थ जोड़कर शुरुआत करें।

सहेजी योजना इसी ब्राउज़र तक सीमित है। निजी पहचान-पत्र या भुगतान जानकारी टिप्पणियों में न रखें।

प्रस्थान से पहले जाँचें

  • पर्व और श्रावण मास में प्रतीक्षा अधिक हो सकती है।
  • दान या पूजा-आरक्षण केवल मंदिर की अपनी वेबसाइट पर करें।
  • मंदिर की प्रवेश-नीति, वस्त्र, फोन / कैमरा और सामान रखने के नियम।
  • ठहरने, स्थानीय परिवहन, पैदल मार्ग और साथ यात्रा करने वालों की आवश्यकताएँ।
  • केवल मंदिर / सरकारी स्रोत से पूजा, दर्शन और पंजीकरण की वर्तमान जानकारी।

यात्रा के प्रश्न

क्या सभी बारह ज्योतिर्लिंग यहाँ हैं?

हाँ, इस यात्रा-पृष्ठ में परंपरागत द्वादश ज्योतिर्लिंगों का संक्षिप्त परिचय दिया गया है।

क्या यहीं से पूजा आरक्षित की जा सकती है?

नहीं। जहाँ सुविधा उपलब्ध है, वहाँ मंदिर की अपनी वेबसाइट का लिंक दिया गया है।

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