प्रमुख शक्ति पीठ यात्रा

भारत के प्रमुख शक्ति पीठों का देवी-स्वरूप, स्थान, पर्व, यात्रा मार्ग और सांस्कृतिक परिचय।

शक्ति पीठों की संख्या और नाम अलग ग्रंथों तथा क्षेत्रीय परंपराओं में भिन्न मिलते हैं। यहाँ व्यापक रूप से पूजित प्रमुख शक्ति-स्थलों को यात्रा की दृष्टि से व्यवस्थित किया गया है।

इस संग्रह का दायरा

यह 8 प्रमुख शक्ति-स्थलों की यात्रा निर्देशिका है, सभी 51 या 52 पीठों की संपूर्ण सूची नहीं। देवी, भैरव, अंग और स्थान के संबंध अलग ग्रंथों तथा क्षेत्रीय परंपराओं में भिन्न मिलते हैं। इसलिए अप्रमाणित अंग-संबंध या एक सार्वभौमिक सूची यहाँ नहीं जोड़ी गई है।

तीर्थ खोजें और अपनी यात्रा में जोड़ें

8 स्थानों का परिचय, प्रमुख पर्व, मार्ग और मंदिर / पर्यटन विभाग के लिंक। नक्शे में स्थान संकेतक हैं; वर्तमान सड़क, मौसम या दर्शन उपलब्धता का दावा नहीं है।

राज्य
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8 स्थान मिले

कामाख्या

गुवाहाटी, असम · माँ कामाख्या

नीलाचल पहाड़ी पर स्थित कामाख्या तांत्रिक शाक्त परंपरा के सबसे प्रतिष्ठित तीर्थों में है। यहाँ देवी की पूजा योनिपीठ के प्रतीक में होती है।

पहुँचने का मार्ग

गुवाहाटी नगर से सड़क मार्ग उपलब्ध है। अम्बुबाची मेले में दर्शन और आवास के लिए अतिरिक्त समय रखें।

पर्व और दर्शन

अम्बुबाची मेला · दुर्गा पूजा · मनसा पूजा

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

कालीघाट

कोलकाता, पश्चिम बंगाल · माँ काली

आदि गंगा के निकट स्थित कालीघाट को शाक्त परंपरा में प्रमुख शक्तिपीठ माना जाता है और कोलकाता की धार्मिक पहचान से इसका गहरा संबंध है।

पहुँचने का मार्ग

कालीघाट मेट्रो स्टेशन से मंदिर क्षेत्र तक पैदल या स्थानीय वाहन से पहुँचा जा सकता है।

पर्व और दर्शन

काली पूजा · दुर्गा पूजा · पैला बैशाख

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

ज्वाला जी

ज्वालामुखी, हिमाचल प्रदेश · माँ ज्वाला

कांगड़ा क्षेत्र का ज्वाला जी मंदिर प्राकृतिक ज्वालाओं के रूप में देवी की उपासना के लिए प्रसिद्ध है।

पहुँचने का मार्ग

कांगड़ा, धर्मशाला और पठानकोट से सड़क मार्ग उपलब्ध है। नवरात्रि में भीड़ और यातायात अधिक रहता है।

पर्व और दर्शन

चैत्र नवरात्रि · शारदीय नवरात्रि

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

विशालाक्षी

वाराणसी, उत्तर प्रदेश · माँ विशालाक्षी

काशी के मीरघाट क्षेत्र में स्थित विशालाक्षी मंदिर शाक्त और काशी-तीर्थ परंपरा का महत्वपूर्ण स्थल है।

पहुँचने का मार्ग

पुराने शहर की संकरी गलियों से पैदल पहुँचना पड़ता है; काशी विश्वनाथ और गंगा घाट यात्रा के साथ जोड़ा जा सकता है।

पर्व और दर्शन

नवरात्रि · कजरी तीज

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

नैना देवी

बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश · माँ नैना देवी

शिवालिक पर्वत पर स्थित नैना देवी उत्तर भारत की प्रतिष्ठित शक्ति-उपासना परंपरा से जुड़ा तीर्थ है।

पहुँचने का मार्ग

आनंदपुर साहिब और बिलासपुर से सड़क मार्ग उपलब्ध है। पहाड़ी चढ़ाई के लिए पैदल मार्ग और रज्जुमार्ग के विकल्प देखे जा सकते हैं।

पर्व और दर्शन

चैत्र नवरात्रि · श्रावण अष्टमी · शारदीय नवरात्रि

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

चिंतपूर्णी

ऊना, हिमाचल प्रदेश · माँ चिंतपूर्णी

चिंतपूर्णी मंदिर हिमाचल की शक्ति-यात्रा परंपरा का प्रमुख केंद्र है और देवी के छिन्नमस्ता रूप से जोड़ा जाता है।

पहुँचने का मार्ग

ऊना और होशियारपुर से सड़क मार्ग उपलब्ध है। पर्वों पर विशेष यातायात व्यवस्था लागू हो सकती है।

पर्व और दर्शन

चैत्र नवरात्रि · श्रावण मेला · शारदीय नवरात्रि

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

बज्रेश्वरी देवी

कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश · माँ बज्रेश्वरी

कांगड़ा नगर का बज्रेश्वरी देवी मंदिर प्राचीन नगरकोट शक्ति-परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण तीर्थ है।

पहुँचने का मार्ग

कांगड़ा और धर्मशाला से सड़क मार्ग सरल है। निकटतम रेल संपर्क कांगड़ा घाटी रेलमार्ग पर है।

पर्व और दर्शन

मकर संक्रांति · नवरात्रि

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

तारा तारिणी

ब्रह्मपुर, ओडिशा · माँ तारा और तारिणी

रुशिकुल्या नदी के निकट पहाड़ी पर स्थित तारा तारिणी ओडिशा की प्राचीन शाक्त परंपरा का प्रमुख तीर्थ है।

पहुँचने का मार्ग

ब्रह्मपुर से सड़क मार्ग उपलब्ध है। पहाड़ी तक सीढ़ियाँ, सड़क और रज्जुमार्ग के विकल्प मिलते हैं।

पर्व और दर्शन

चैत्र यात्रा · संक्रांति

दैनिक दर्शन और विशेष पूजा का समय मंदिर की वेबसाइट पर देखें।

मेरी यात्रा योजना

स्थान जोड़ें, उनका क्रम बदलें और परिवहन, दर्शन तथा विश्राम सहित दिन तय करें। यहाँ दिन आपकी योजना हैं; अपने आप निकाला गया मार्ग या पर्याप्त यात्रा-अवधि नहीं।

यात्रा आरंभ

ऊपर से पहला तीर्थ जोड़कर शुरुआत करें।

सहेजी योजना इसी ब्राउज़र तक सीमित है। निजी पहचान-पत्र या भुगतान जानकारी टिप्पणियों में न रखें।

प्रस्थान से पहले जाँचें

  • किसी एक सूची को सभी परंपराओं की अंतिम सूची न मानें।
  • नवरात्रि और मेलों में आवास तथा यात्रा पहले से व्यवस्थित करें।
  • मंदिर की प्रवेश-नीति, वस्त्र, फोन / कैमरा और सामान रखने के नियम।
  • ठहरने, स्थानीय परिवहन, पैदल मार्ग और साथ यात्रा करने वालों की आवश्यकताएँ।
  • केवल मंदिर / सरकारी स्रोत से पूजा, दर्शन और पंजीकरण की वर्तमान जानकारी।

यात्रा के प्रश्न

शक्ति पीठों की संख्या अलग क्यों बताई जाती है?

ग्रंथ, क्षेत्र और परंपरा के अनुसार 51, 52 या अन्य सूचियाँ प्रचलित हैं। इस पृष्ठ में प्रमुख तीर्थों का यात्रा-परिचय है।

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