॥ शुभमस्तु ॥

विवाह मुहूर्त दिसंबर 2026

दिसंबर 2026 में विवाह के 5 शुभ मुहूर्त: 2, 3, 10, 11, 12 दिसंबर। तिथि, नक्षत्र, योग, भद्रा और राहुकाल के कारण सहित, अपने शहर के समय के साथ।
किस कार्य के लिए?
अपनी राशि से मिलाएँ (वैकल्पिक)

राशि से चंद्र बल और नक्षत्र से तारा बल जुड़ता है। विवाह में दोनों पक्षों के लिए अलग से देखें।

अवधि

आपके चयन के अनुसार परिणाम तैयार हैं।

विवाह मुहूर्त: 5 शुभ तिथियाँ

1 दिसंबर – 31 दिसंबर 2026 · नई दिल्ली

  • खरमास (सूर्य धनु या मीन में)17 दिस॰ – 31 दिस॰: इन दिनों विवाह नहीं

जिन तिथियों को परिवार को भेजना है, उन्हें चुनें।

  1. 2दिसंबरबुधवार

    शुभ

    रात 10:52 – अगले दिन सुबह 6:57

    कृष्ण नवमी · उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · प्रीति योग

    • बुधवार अनुकूल वार
  2. 3दिसंबरगुरुवार

    शुभ

    सुबह 8:15 – सुबह 10:54

    कृष्ण दशमी · उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · प्रीति योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
    • भद्रा (विष्टि करण) का समय हटाया गया
  3. 10दिसंबरगुरुवार

    शुभ

    सुबह 8:46 – दोपहर 1:31

    अन्य समय: दोपहर 2:49 – रात 11:56

    शुक्ल प्रतिपदा · मूल नक्षत्र · शूल योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  4. 11दिसंबरशुक्रवार

    शुभ

    रात 3:02 – अगले दिन सुबह 7:04

    शुक्ल द्वितीया · उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · वृद्धि योग

    • शुक्रवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
  5. 12दिसंबरशनिवार

    शुभ

    सुबह 10:57 – दोपहर 1:32

    अन्य समय: सुबह 7:04 – सुबह 9:39

    शुक्ल तृतीया · उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · वृद्धि योग

    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
छोड़ी गई तिथियाँ और कारण (26)
मंगलवार इस कार्य के लिए वर्जित
1 दिस॰, 8 दिस॰, 15 दिस॰
तिथि, नक्षत्र और योग का शुभ मेल नहीं
4 दिस॰, 5 दिस॰, 6 दिस॰, 7 दिस॰, 9 दिस॰, 13 दिस॰, 14 दिस॰, 16 दिस॰
खरमास (सूर्य धनु या मीन में)
17 दिस॰, 18 दिस॰, 19 दिस॰, 20 दिस॰, 21 दिस॰, 22 दिस॰, 23 दिस॰, 24 दिस॰, 25 दिस॰, 26 दिस॰, 27 दिस॰, 28 दिस॰, 29 दिस॰, 30 दिस॰, 31 दिस॰

दिसंबर 2026 में नई दिल्ली के लिए विवाह के 5 शुभ मुहूर्त हैं: 2 दिसंबर, 3 दिसंबर, 10 दिसंबर, 11 दिसंबर, 12 दिसंबर। 17 दिसंबर से 31 दिसंबर तक खरमास (सूर्य धनु या मीन में) होने से इन दिनों विवाह नहीं किया जाता।

विवाह मुहूर्त कैसे देखा जाता है

विवाह मुहूर्त में शुभ तिथि, विवाह योग्य नक्षत्र, वार और योग देखे जाते हैं। चातुर्मास, खरमास, गुरु या शुक्र के अस्त और अधिक मास में विवाह नहीं किए जाते, और भद्रा तथा राहुकाल का समय छोड़ा जाता है।

  • नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
  • तिथि: रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) और अमावस्या छोड़कर
  • चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त और अधिक मास में विवाह वर्जित
  • भद्रा, व्यतीपात, वैधृति और राहुकाल का समय हटाया गया

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खरमास में विवाह क्यों नहीं होते?

जब सूर्य धनु या मीन राशि में होता है, उस अवधि को खरमास कहते हैं। परंपरा में इसे मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता, इसलिए विवाह मुहूर्त इस अवधि में नहीं दिए जाते।

क्या एक ही तिथि हर शहर में शुभ होती है?

तिथि और नक्षत्र पूरे भारत में लगभग एक जैसे रहते हैं, पर सूर्योदय, राहुकाल और समय-खंड शहर के अनुसार बदलते हैं। इसलिए अपना शहर चुनें।

क्या यह सूची कुंडली मिलान की जगह ले सकती है?

यह सूची सामान्य पंचांग नियमों पर आधारित है। अंतिम निर्णय से पहले अपने कुल-पुरोहित या पंडित जी से वर-वधू या परिवार की कुंडली के साथ मिलान अवश्य कराएँ।

ये तिथियाँ कैसे चुनी गईं

हर दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण और चंद्र राशि के सटीक बदलने के समय NASA JPL DE440s पंचांग गणना और लाहिड़ी अयनांश से निकाले जाते हैं। फिर कार्य के नियमों से मिलान होता है, और भद्रा, व्यतीपात, वैधृति, राहुकाल और यमगंड का समय हटाया जाता है।

पूरे दिन वर्जित
चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास (कार्य के अनुसार)
अतिरिक्त अंक
सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, गुरु-पुष्य, रवि-पुष्य, अभिजित मुहूर्त, शुक्ल पक्ष
व्यक्तिगत (वैकल्पिक)
चंद्र बल और तारा बल
लग्न शुद्धि और कुंडली मिलान इसमें शामिल नहीं हैं; इन्हें पंडित जी से देखवाएँ।

विवाह मुहूर्त: महीने के अनुसार

दिसंबर 2026 के अन्य मुहूर्त