॥ शुभमस्तु ॥

विवाह मुहूर्त नवंबर 2026

नवंबर 2026 में विवाह के 4 शुभ मुहूर्त: 21, 25, 26, 30 नवंबर। तिथि, नक्षत्र, योग, भद्रा और राहुकाल के कारण सहित, अपने शहर के समय के साथ।
किस कार्य के लिए?
अपनी राशि से मिलाएँ (वैकल्पिक)

राशि से चंद्र बल और नक्षत्र से तारा बल जुड़ता है। विवाह में दोनों पक्षों के लिए अलग से देखें।

अवधि

आपके चयन के अनुसार परिणाम तैयार हैं।

विवाह मुहूर्त: 4 शुभ तिथियाँ

1 नवंबर – 30 नवंबर 2026 · नई दिल्ली

  • चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक)1 नव॰ – 20 नव॰: इन दिनों विवाह नहीं

जिन तिथियों को परिवार को भेजना है, उन्हें चुनें।

  1. 21नवंबरशनिवार

    शुभ

    सुबह 10:47 – दोपहर 1:26

    अन्य समय: सुबह 6:48 – सुबह 9:27 · दोपहर 2:46 – अगले दिन रात 2:26

    शुक्ल द्वादशी · उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र · सिद्धि योग

    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  2. 25नवंबरबुधवार

    उत्तम

    दोपहर 1:27 – अगले दिन सुबह 6:52

    अन्य समय: सुबह 6:51 – सुबह 8:10 · सुबह 9:29 – दोपहर 12:07

    कृष्ण प्रतिपदा · रोहिणी नक्षत्र · शिव योग

    • बुधवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  3. 26नवंबरगुरुवार

    शुभ

    सुबह 8:11 – दोपहर 1:27

    अन्य समय: दोपहर 2:46 – शाम 5:45

    कृष्ण द्वितीया · मृगशिरा नक्षत्र · साध्य योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  4. 30नवंबरसोमवार

    शुभ

    दोपहर 12:55 – दोपहर 2:23

    कृष्ण सप्तमी · मघा नक्षत्र · इन्द्र योग

    • सोमवार अनुकूल वार
    • भद्रा (विष्टि करण) का समय हटाया गया
छोड़ी गई तिथियाँ और कारण (26)
चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक)
1 नव॰, 2 नव॰, 3 नव॰, 4 नव॰, 5 नव॰, 6 नव॰, 7 नव॰, 8 नव॰, 9 नव॰, 10 नव॰, 11 नव॰, 12 नव॰, 13 नव॰, 14 नव॰, 15 नव॰, 16 नव॰, 17 नव॰, 18 नव॰, 19 नव॰, 20 नव॰
तिथि, नक्षत्र और योग का शुभ मेल नहीं
22 नव॰, 23 नव॰, 27 नव॰, 28 नव॰, 29 नव॰
मंगलवार इस कार्य के लिए वर्जित
24 नव॰

नवंबर 2026 में नई दिल्ली के लिए विवाह के 4 शुभ मुहूर्त हैं: 21 नवंबर, 25 नवंबर, 26 नवंबर, 30 नवंबर। 1 नवंबर से 20 नवंबर तक चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक) होने से इन दिनों विवाह नहीं किया जाता।

विवाह मुहूर्त कैसे देखा जाता है

विवाह मुहूर्त में शुभ तिथि, विवाह योग्य नक्षत्र, वार और योग देखे जाते हैं। चातुर्मास, खरमास, गुरु या शुक्र के अस्त और अधिक मास में विवाह नहीं किए जाते, और भद्रा तथा राहुकाल का समय छोड़ा जाता है।

  • नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
  • तिथि: रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) और अमावस्या छोड़कर
  • चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त और अधिक मास में विवाह वर्जित
  • भद्रा, व्यतीपात, वैधृति और राहुकाल का समय हटाया गया

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खरमास में विवाह क्यों नहीं होते?

जब सूर्य धनु या मीन राशि में होता है, उस अवधि को खरमास कहते हैं। परंपरा में इसे मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता, इसलिए विवाह मुहूर्त इस अवधि में नहीं दिए जाते।

क्या एक ही तिथि हर शहर में शुभ होती है?

तिथि और नक्षत्र पूरे भारत में लगभग एक जैसे रहते हैं, पर सूर्योदय, राहुकाल और समय-खंड शहर के अनुसार बदलते हैं। इसलिए अपना शहर चुनें।

क्या यह सूची कुंडली मिलान की जगह ले सकती है?

यह सूची सामान्य पंचांग नियमों पर आधारित है। अंतिम निर्णय से पहले अपने कुल-पुरोहित या पंडित जी से वर-वधू या परिवार की कुंडली के साथ मिलान अवश्य कराएँ।

ये तिथियाँ कैसे चुनी गईं

हर दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण और चंद्र राशि के सटीक बदलने के समय NASA JPL DE440s पंचांग गणना और लाहिड़ी अयनांश से निकाले जाते हैं। फिर कार्य के नियमों से मिलान होता है, और भद्रा, व्यतीपात, वैधृति, राहुकाल और यमगंड का समय हटाया जाता है।

पूरे दिन वर्जित
चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास (कार्य के अनुसार)
अतिरिक्त अंक
सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, गुरु-पुष्य, रवि-पुष्य, अभिजित मुहूर्त, शुक्ल पक्ष
व्यक्तिगत (वैकल्पिक)
चंद्र बल और तारा बल
लग्न शुद्धि और कुंडली मिलान इसमें शामिल नहीं हैं; इन्हें पंडित जी से देखवाएँ।

विवाह मुहूर्त: महीने के अनुसार

नवंबर 2026 के अन्य मुहूर्त