॥ शुभमस्तु ॥

विवाह मुहूर्त मई 2027

मई 2027 में विवाह के 12 शुभ मुहूर्त: 7, 8, 9, 15, 16, 17, 20, 21, 22, 23, 24, 30 मई। तिथि, नक्षत्र, योग, भद्रा और राहुकाल के कारण सहित, अपने शहर के समय के साथ।
किस कार्य के लिए?
अपनी राशि से मिलाएँ (वैकल्पिक)

राशि से चंद्र बल और नक्षत्र से तारा बल जुड़ता है। विवाह में दोनों पक्षों के लिए अलग से देखें।

अवधि

आपके चयन के अनुसार परिणाम तैयार हैं।

विवाह मुहूर्त: 12 शुभ तिथियाँ

1 मई – 31 मई 2027 · नई दिल्ली

जिन तिथियों को परिवार को भेजना है, उन्हें चुनें।

  1. 7मईशुक्रवार

    शुभ

    रात 11:41 – अगले दिन सुबह 5:35

    शुक्ल प्रतिपदा · रोहिणी नक्षत्र · शोभन योग

    • शुक्रवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
  2. 8मईशनिवार

    उत्तम

    सुबह 5:35 – सुबह 8:56

    अन्य समय: सुबह 10:37 – दोपहर 1:58 · दोपहर 3:39 – अगले दिन सुबह 5:34

    शुक्ल द्वितीया · रोहिणी नक्षत्र · शोभन योग

    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • अमृत सिद्धि योग
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  3. 9मईरविवार

    शुभ

    सुबह 5:34 – सुबह 9:03

    शुक्ल तृतीया · मृगशिरा नक्षत्र · सुकर्मा योग

    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
  4. 15मईशनिवार

    शुभ

    सुबह 11:59 – दोपहर 1:59

    अन्य समय: दोपहर 3:41 – अगले दिन सुबह 5:30

    शुक्ल दशमी · उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · हर्षण योग

    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  5. 16मईरविवार

    शुभ

    रात 7:05 – अगले दिन सुबह 5:29

    शुक्ल एकादशी · हस्त नक्षत्र · वज्र योग

    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • अमृत सिद्धि योग
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
    • भद्रा (विष्टि करण) का समय हटाया गया
  6. 17मईसोमवार

    शुभ

    सुबह 5:29 – सुबह 7:11

    अन्य समय: सुबह 8:53 – सुबह 10:35

    शुक्ल द्वादशी · हस्त नक्षत्र · सिद्धि योग

    • सोमवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  7. 20मईगुरुवार

    शुभ

    दोपहर 3:42 – अगले दिन सुबह 5:27

    पूर्णिमा · अनुराधा नक्षत्र · परिघ योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  8. 21मईशुक्रवार

    उत्तम

    दोपहर 12:17 – दोपहर 2:49

    अन्य समय: सुबह 5:27 – सुबह 10:35

    कृष्ण प्रतिपदा · अनुराधा नक्षत्र · शिव योग

    • शुक्रवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  9. 22मईशनिवार

    सामान्य

    शाम 4:49 – अगले दिन सुबह 5:26

    कृष्ण द्वितीया · मूल नक्षत्र · सिद्ध योग

    • 23मईरविवार

      शुभ

      सुबह 5:26 – सुबह 7:42

      कृष्ण तृतीया · मूल नक्षत्र · साध्य योग

      • सर्वार्थ सिद्धि योग
      • भद्रा (विष्टि करण) का समय हटाया गया
    • 24मईसोमवार

      शुभ

      रात 10:59 – अगले दिन सुबह 5:25

      कृष्ण चतुर्थी · उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · शुभ योग

      • सोमवार अनुकूल वार
    • 30मईरविवार

      शुभ

      दोपहर 2:02 – शाम 5:29

      अन्य समय: रात 7:13 – रात 9:55

      कृष्ण नवमी · उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र · प्रीति योग

      • सर्वार्थ सिद्धि योग
      • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
      • भद्रा (विष्टि करण) का समय हटाया गया
    छोड़ी गई तिथियाँ और कारण (19)
    तिथि, नक्षत्र और योग का शुभ मेल नहीं
    1 मई, 2 मई, 3 मई, 5 मई, 6 मई, 10 मई, 12 मई, 13 मई, 14 मई, 19 मई, 26 मई, 27 मई, 28 मई, 29 मई, 31 मई
    मंगलवार इस कार्य के लिए वर्जित
    4 मई, 11 मई, 18 मई, 25 मई

    मई 2027 में नई दिल्ली के लिए विवाह के 12 शुभ मुहूर्त हैं: 7 मई, 8 मई, 9 मई, 15 मई, 16 मई, 17 मई, 20 मई, 21 मई, 22 मई, 23 मई, 24 मई, 30 मई।

    विवाह मुहूर्त कैसे देखा जाता है

    विवाह मुहूर्त में शुभ तिथि, विवाह योग्य नक्षत्र, वार और योग देखे जाते हैं। चातुर्मास, खरमास, गुरु या शुक्र के अस्त और अधिक मास में विवाह नहीं किए जाते, और भद्रा तथा राहुकाल का समय छोड़ा जाता है।

    • नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
    • तिथि: रिक्ता (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) और अमावस्या छोड़कर
    • चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त और अधिक मास में विवाह वर्जित
    • भद्रा, व्यतीपात, वैधृति और राहुकाल का समय हटाया गया

    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

    खरमास में विवाह क्यों नहीं होते?

    जब सूर्य धनु या मीन राशि में होता है, उस अवधि को खरमास कहते हैं। परंपरा में इसे मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता, इसलिए विवाह मुहूर्त इस अवधि में नहीं दिए जाते।

    क्या एक ही तिथि हर शहर में शुभ होती है?

    तिथि और नक्षत्र पूरे भारत में लगभग एक जैसे रहते हैं, पर सूर्योदय, राहुकाल और समय-खंड शहर के अनुसार बदलते हैं। इसलिए अपना शहर चुनें।

    क्या यह सूची कुंडली मिलान की जगह ले सकती है?

    यह सूची सामान्य पंचांग नियमों पर आधारित है। अंतिम निर्णय से पहले अपने कुल-पुरोहित या पंडित जी से वर-वधू या परिवार की कुंडली के साथ मिलान अवश्य कराएँ।

    ये तिथियाँ कैसे चुनी गईं

    हर दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण और चंद्र राशि के सटीक बदलने के समय NASA JPL DE440s पंचांग गणना और लाहिड़ी अयनांश से निकाले जाते हैं। फिर कार्य के नियमों से मिलान होता है, और भद्रा, व्यतीपात, वैधृति, राहुकाल और यमगंड का समय हटाया जाता है।

    पूरे दिन वर्जित
    चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास (कार्य के अनुसार)
    अतिरिक्त अंक
    सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, गुरु-पुष्य, रवि-पुष्य, अभिजित मुहूर्त, शुक्ल पक्ष
    व्यक्तिगत (वैकल्पिक)
    चंद्र बल और तारा बल
    लग्न शुद्धि और कुंडली मिलान इसमें शामिल नहीं हैं; इन्हें पंडित जी से देखवाएँ।

    विवाह मुहूर्त: महीने के अनुसार

    मई 2027 के अन्य मुहूर्त