॥ शुभमस्तु ॥

नामकरण मुहूर्त मई 2027

मई 2027 में नामकरण के 11 शुभ मुहूर्त: 3, 9, 10, 12, 17, 20, 21, 26, 27, 30, 31 मई। तिथि, नक्षत्र, योग, भद्रा और राहुकाल के कारण सहित, अपने शहर के समय के साथ।
किस कार्य के लिए?
अपनी राशि से मिलाएँ (वैकल्पिक)

राशि से चंद्र बल और नक्षत्र से तारा बल जुड़ता है। विवाह में दोनों पक्षों के लिए अलग से देखें।

अवधि

आपके चयन के अनुसार परिणाम तैयार हैं।

नामकरण मुहूर्त: 11 शुभ तिथियाँ

1 मई – 31 मई 2027 · नई दिल्ली

जिन तिथियों को परिवार को भेजना है, उन्हें चुनें।

  1. 3मईसोमवार

    सामान्य

    शाम 5:37 – शाम 6:57

    कृष्ण द्वादशी · उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र · विष्कम्भ योग

    • सोमवार अनुकूल वार
  2. 9मईरविवार

    शुभ

    सुबह 5:34 – सुबह 9:03

    शुक्ल तृतीया · मृगशिरा नक्षत्र · सुकर्मा योग

    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
  3. 10मईसोमवार

    शुभ

    शाम 6:07 – रात 7:01

    शुक्ल चतुर्थी · पुनर्वसु नक्षत्र · धृति योग

    • सोमवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
  4. 12मईबुधवार

    सामान्य

    सुबह 8:55 – दोपहर 12:17

    अन्य समय: सुबह 5:32 – सुबह 7:13 · दोपहर 1:59 – दोपहर 2:54

    शुक्ल सप्तमी · पुष्य नक्षत्र · गण्ड योग

    • बुधवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  5. 17मईसोमवार

    उत्तम

    दोपहर 12:17 – रात 7:05

    अन्य समय: सुबह 5:29 – सुबह 7:11 · सुबह 8:53 – सुबह 10:35

    शुक्ल द्वादशी · हस्त नक्षत्र · सिद्धि योग

    • सोमवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  6. 20मईगुरुवार

    शुभ

    दोपहर 3:42 – रात 7:07

    अन्य समय: दोपहर 1:20 – दोपहर 2:00

    पूर्णिमा · अनुराधा नक्षत्र · परिघ योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  7. 21मईशुक्रवार

    उत्तम

    दोपहर 12:17 – दोपहर 2:49

    अन्य समय: सुबह 5:27 – सुबह 10:35

    कृष्ण प्रतिपदा · अनुराधा नक्षत्र · शिव योग

    • शुक्रवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  8. 26मईबुधवार

    शुभ

    दोपहर 2:01 – रात 7:11

    अन्य समय: सुबह 5:25 – सुबह 7:08 · सुबह 8:51 – दोपहर 12:18

    कृष्ण षष्ठी · श्रवण नक्षत्र · ब्रह्म योग

    • बुधवार अनुकूल वार
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  9. 27मईगुरुवार

    शुभ

    शाम 5:18 – रात 7:11

    कृष्ण सप्तमी · धनिष्ठा नक्षत्र · इन्द्र योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • भद्रा (विष्टि करण) का समय हटाया गया
  10. 30मईरविवार

    शुभ

    सुबह 11:31 – दोपहर 12:18

    अन्य समय: दोपहर 2:02 – शाम 5:29

    कृष्ण नवमी · उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र · प्रीति योग

    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  11. 31मईसोमवार

    शुभ

    दोपहर 12:18 – रात 7:13

    अन्य समय: सुबह 10:02 – सुबह 10:35

    कृष्ण दशमी · उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र · आयुष्मान योग

    • सोमवार अनुकूल वार
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
    • भद्रा (विष्टि करण) का समय हटाया गया
छोड़ी गई तिथियाँ और कारण (20)
शनिवार इस कार्य के लिए वर्जित
1 मई, 8 मई, 15 मई, 22 मई, 29 मई
तिथि, नक्षत्र और योग का शुभ मेल नहीं
2 मई, 5 मई, 6 मई, 7 मई, 13 मई, 14 मई, 16 मई, 19 मई, 23 मई, 24 मई, 28 मई
मंगलवार इस कार्य के लिए वर्जित
4 मई, 11 मई, 18 मई, 25 मई

मई 2027 में नई दिल्ली के लिए नामकरण के 11 शुभ मुहूर्त हैं: 3 मई, 9 मई, 10 मई, 12 मई, 17 मई, 20 मई, 21 मई, 26 मई, 27 मई, 30 मई, 31 मई।

नामकरण मुहूर्त कैसे देखा जाता है

नामकरण संस्कार परंपरा से जन्म के 11वें या 12वें दिन होता है। उस दिन संभव न हो तो शुभ तिथि, मृदु या क्षिप्र नक्षत्र और सोम, बुध, गुरु या शुक्रवार का दिन चुना जाता है।

  • नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती और तीनों उत्तरा
  • मंगलवार और शनिवार नहीं
  • रिक्ता तिथि और अमावस्या नहीं
  • केवल दिन के समय-खंड

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नामकरण किस दिन करें?

परंपरा में जन्म के 11वें या 12वें दिन नामकरण होता है। सूतक के बाद की पहली शुभ तिथि भी ली जाती है।

नाम का पहला अक्षर कैसे तय होता है?

जन्म नक्षत्र के चरण से नाम का पहला अक्षर निकलता है। इसके लिए हमारा नक्षत्र कैलकुलेटर देखें।

अंतिम तिथि कैसे तय करें?

यह सूची सामान्य पंचांग नियमों पर आधारित है। अंतिम निर्णय से पहले अपने कुल-पुरोहित या पंडित जी से वर-वधू या परिवार की कुंडली के साथ मिलान अवश्य कराएँ।

ये तिथियाँ कैसे चुनी गईं

हर दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण और चंद्र राशि के सटीक बदलने के समय NASA JPL DE440s पंचांग गणना और लाहिड़ी अयनांश से निकाले जाते हैं। फिर कार्य के नियमों से मिलान होता है, और भद्रा, व्यतीपात, वैधृति, राहुकाल और यमगंड का समय हटाया जाता है।

पूरे दिन वर्जित
चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास (कार्य के अनुसार)
अतिरिक्त अंक
सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, गुरु-पुष्य, रवि-पुष्य, अभिजित मुहूर्त, शुक्ल पक्ष
व्यक्तिगत (वैकल्पिक)
चंद्र बल और तारा बल
लग्न शुद्धि और कुंडली मिलान इसमें शामिल नहीं हैं; इन्हें पंडित जी से देखवाएँ।

नामकरण मुहूर्त: महीने के अनुसार

मई 2027 के अन्य मुहूर्त