॥ शुभमस्तु ॥

नामकरण मुहूर्त अप्रैल 2028

अप्रैल 2028 में नामकरण के 7 शुभ मुहूर्त: 7, 9, 10, 19, 20, 27, 30 अप्रैल। तिथि, नक्षत्र, योग, भद्रा और राहुकाल के कारण सहित, अपने शहर के समय के साथ।
किस कार्य के लिए?
अपनी राशि से मिलाएँ (वैकल्पिक)

राशि से चंद्र बल और नक्षत्र से तारा बल जुड़ता है। विवाह में दोनों पक्षों के लिए अलग से देखें।

अवधि

आपके चयन के अनुसार परिणाम तैयार हैं।

नामकरण मुहूर्त: 7 शुभ तिथियाँ

1 अप्रैल – 30 अप्रैल 2028 · नई दिल्ली

जिन तिथियों को परिवार को भेजना है, उन्हें चुनें।

  1. 7अप्रैलशुक्रवार

    शुभ

    शाम 5:07 – शाम 6:42

    शुक्ल त्रयोदशी · उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · वृद्धि योग

    • शुक्रवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  2. 9अप्रैलरविवार

    उत्तम

    सुबह 6:01 – दोपहर 12:22

    अन्य समय: दोपहर 1:58 – शाम 5:08

    पूर्णिमा · हस्त नक्षत्र · व्याघात योग

    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • अमृत सिद्धि योग
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  3. 10अप्रैलसोमवार

    शुभ

    दोपहर 12:22 – शाम 6:44

    अन्य समय: सुबह 6:00 – सुबह 7:36 · सुबह 9:11 – सुबह 10:47

    कृष्ण प्रतिपदा · चित्रा नक्षत्र · हर्षण योग

    • सोमवार अनुकूल वार
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  4. 19अप्रैलबुधवार

    शुभ

    शाम 4:14 – शाम 6:49

    कृष्ण दशमी · धनिष्ठा नक्षत्र · शुक्ल योग

    • बुधवार अनुकूल वार
    • भद्रा (विष्टि करण) का समय हटाया गया
  5. 20अप्रैलगुरुवार

    शुभ

    सुबह 7:27 – दोपहर 1:57

    अन्य समय: दोपहर 3:35 – शाम 6:50

    कृष्ण एकादशी · शतभिषा नक्षत्र · शुक्ल योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  6. 27अप्रैलगुरुवार

    उत्तम

    सुबह 7:32 – दोपहर 1:57

    अन्य समय: दोपहर 3:36 – शाम 6:54

    शुक्ल तृतीया · रोहिणी नक्षत्र · सौभाग्य योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  7. 30अप्रैलरविवार

    शुभ

    सुबह 7:22 – दोपहर 12:18

    अन्य समय: दोपहर 1:57 – शाम 5:16

    शुक्ल षष्ठी · पुनर्वसु नक्षत्र · धृति योग

    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
छोड़ी गई तिथियाँ और कारण (23)
शनिवार इस कार्य के लिए वर्जित
1 अप्रैल, 8 अप्रैल, 15 अप्रैल, 22 अप्रैल, 29 अप्रैल
तिथि, नक्षत्र और योग का शुभ मेल नहीं
2 अप्रैल, 3 अप्रैल, 5 अप्रैल, 6 अप्रैल, 12 अप्रैल, 13 अप्रैल, 14 अप्रैल, 16 अप्रैल, 17 अप्रैल, 21 अप्रैल, 23 अप्रैल, 24 अप्रैल, 26 अप्रैल, 28 अप्रैल
मंगलवार इस कार्य के लिए वर्जित
4 अप्रैल, 11 अप्रैल, 18 अप्रैल, 25 अप्रैल

अप्रैल 2028 में नई दिल्ली के लिए नामकरण के 7 शुभ मुहूर्त हैं: 7 अप्रैल, 9 अप्रैल, 10 अप्रैल, 19 अप्रैल, 20 अप्रैल, 27 अप्रैल, 30 अप्रैल।

नामकरण मुहूर्त कैसे देखा जाता है

नामकरण संस्कार परंपरा से जन्म के 11वें या 12वें दिन होता है। उस दिन संभव न हो तो शुभ तिथि, मृदु या क्षिप्र नक्षत्र और सोम, बुध, गुरु या शुक्रवार का दिन चुना जाता है।

  • नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती और तीनों उत्तरा
  • मंगलवार और शनिवार नहीं
  • रिक्ता तिथि और अमावस्या नहीं
  • केवल दिन के समय-खंड

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नामकरण किस दिन करें?

परंपरा में जन्म के 11वें या 12वें दिन नामकरण होता है। सूतक के बाद की पहली शुभ तिथि भी ली जाती है।

नाम का पहला अक्षर कैसे तय होता है?

जन्म नक्षत्र के चरण से नाम का पहला अक्षर निकलता है। इसके लिए हमारा नक्षत्र कैलकुलेटर देखें।

अंतिम तिथि कैसे तय करें?

यह सूची सामान्य पंचांग नियमों पर आधारित है। अंतिम निर्णय से पहले अपने कुल-पुरोहित या पंडित जी से वर-वधू या परिवार की कुंडली के साथ मिलान अवश्य कराएँ।

ये तिथियाँ कैसे चुनी गईं

हर दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण और चंद्र राशि के सटीक बदलने के समय NASA JPL DE440s पंचांग गणना और लाहिड़ी अयनांश से निकाले जाते हैं। फिर कार्य के नियमों से मिलान होता है, और भद्रा, व्यतीपात, वैधृति, राहुकाल और यमगंड का समय हटाया जाता है।

पूरे दिन वर्जित
चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास (कार्य के अनुसार)
अतिरिक्त अंक
सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, गुरु-पुष्य, रवि-पुष्य, अभिजित मुहूर्त, शुक्ल पक्ष
व्यक्तिगत (वैकल्पिक)
चंद्र बल और तारा बल
लग्न शुद्धि और कुंडली मिलान इसमें शामिल नहीं हैं; इन्हें पंडित जी से देखवाएँ।

नामकरण मुहूर्त: महीने के अनुसार

अप्रैल 2028 के अन्य मुहूर्त