॥ शुभमस्तु ॥

नामकरण मुहूर्त फरवरी 2028

फरवरी 2028 में नामकरण के 8 शुभ मुहूर्त: 2, 3, 6, 7, 14, 25, 27, 28 फरवरी। तिथि, नक्षत्र, योग, भद्रा और राहुकाल के कारण सहित, अपने शहर के समय के साथ।
किस कार्य के लिए?
अपनी राशि से मिलाएँ (वैकल्पिक)

राशि से चंद्र बल और नक्षत्र से तारा बल जुड़ता है। विवाह में दोनों पक्षों के लिए अलग से देखें।

अवधि

आपके चयन के अनुसार परिणाम तैयार हैं।

नामकरण मुहूर्त: 8 शुभ तिथियाँ

1 फ़रवरी – 29 फ़रवरी 2028 · नई दिल्ली

जिन तिथियों को परिवार को भेजना है, उन्हें चुनें।

  1. 2फ़रवरीबुधवार

    शुभ

    दोपहर 1:56 – शाम 6:00

    अन्य समय: सुबह 7:09 – सुबह 8:30 · सुबह 9:51 – दोपहर 12:34

    शुक्ल षष्ठी · रेवती नक्षत्र · साध्य योग

    • बुधवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  2. 3फ़रवरीगुरुवार

    उत्तम

    सुबह 8:30 – सुबह 11:38

    शुक्ल सप्तमी · अश्विनी नक्षत्र · शुभ योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  3. 6फ़रवरीरविवार

    शुभ

    सुबह 7:06 – दोपहर 12:35

    शुक्ल दशमी · रोहिणी नक्षत्र · इन्द्र योग

    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  4. 7फ़रवरीसोमवार

    शुभ

    सुबह 10:31 – सुबह 11:08

    शुक्ल एकादशी · मृगशिरा नक्षत्र · विष्कम्भ योग

    • सोमवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • अमृत सिद्धि योग
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
  5. 14फ़रवरीसोमवार

    सामान्य

    दोपहर 12:35 – शाम 6:10

    अन्य समय: सुबह 7:00 – सुबह 8:24 · सुबह 9:48 – सुबह 11:11

    कृष्ण पंचमी · हस्त नक्षत्र · शूल योग

    • सोमवार अनुकूल वार
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  6. 25फ़रवरीशुक्रवार

    शुभ

    शाम 4:52 – शाम 6:17

    अमावस्या · शतभिषा नक्षत्र · शिव योग

    • शुक्रवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  7. 27फ़रवरीरविवार

    उत्तम

    सुबह 11:00 – दोपहर 12:34

    अन्य समय: दोपहर 2:00 – शाम 4:52

    शुक्ल द्वितीया · उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र · साध्य योग

    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  8. 28फ़रवरीसोमवार

    उत्तम

    दोपहर 12:33 – शाम 6:19

    अन्य समय: सुबह 6:48 – सुबह 8:14 · सुबह 9:41 – सुबह 11:07

    शुक्ल तृतीया · उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र · शुभ योग

    • सोमवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
छोड़ी गई तिथियाँ और कारण (21)
मंगलवार इस कार्य के लिए वर्जित
1 फ़र॰, 8 फ़र॰, 15 फ़र॰, 22 फ़र॰, 29 फ़र॰
तिथि, नक्षत्र और योग का शुभ मेल नहीं
4 फ़र॰, 9 फ़र॰, 10 फ़र॰, 11 फ़र॰, 13 फ़र॰, 16 फ़र॰, 17 फ़र॰, 18 फ़र॰, 20 फ़र॰, 21 फ़र॰, 23 फ़र॰, 24 फ़र॰
शनिवार इस कार्य के लिए वर्जित
5 फ़र॰, 12 फ़र॰, 19 फ़र॰, 26 फ़र॰

फरवरी 2028 में नई दिल्ली के लिए नामकरण के 8 शुभ मुहूर्त हैं: 2 फ़रवरी, 3 फ़रवरी, 6 फ़रवरी, 7 फ़रवरी, 14 फ़रवरी, 25 फ़रवरी, 27 फ़रवरी, 28 फ़रवरी।

नामकरण मुहूर्त कैसे देखा जाता है

नामकरण संस्कार परंपरा से जन्म के 11वें या 12वें दिन होता है। उस दिन संभव न हो तो शुभ तिथि, मृदु या क्षिप्र नक्षत्र और सोम, बुध, गुरु या शुक्रवार का दिन चुना जाता है।

  • नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती और तीनों उत्तरा
  • मंगलवार और शनिवार नहीं
  • रिक्ता तिथि और अमावस्या नहीं
  • केवल दिन के समय-खंड

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नामकरण किस दिन करें?

परंपरा में जन्म के 11वें या 12वें दिन नामकरण होता है। सूतक के बाद की पहली शुभ तिथि भी ली जाती है।

नाम का पहला अक्षर कैसे तय होता है?

जन्म नक्षत्र के चरण से नाम का पहला अक्षर निकलता है। इसके लिए हमारा नक्षत्र कैलकुलेटर देखें।

अंतिम तिथि कैसे तय करें?

यह सूची सामान्य पंचांग नियमों पर आधारित है। अंतिम निर्णय से पहले अपने कुल-पुरोहित या पंडित जी से वर-वधू या परिवार की कुंडली के साथ मिलान अवश्य कराएँ।

ये तिथियाँ कैसे चुनी गईं

हर दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण और चंद्र राशि के सटीक बदलने के समय NASA JPL DE440s पंचांग गणना और लाहिड़ी अयनांश से निकाले जाते हैं। फिर कार्य के नियमों से मिलान होता है, और भद्रा, व्यतीपात, वैधृति, राहुकाल और यमगंड का समय हटाया जाता है।

पूरे दिन वर्जित
चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास (कार्य के अनुसार)
अतिरिक्त अंक
सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, गुरु-पुष्य, रवि-पुष्य, अभिजित मुहूर्त, शुक्ल पक्ष
व्यक्तिगत (वैकल्पिक)
चंद्र बल और तारा बल
लग्न शुद्धि और कुंडली मिलान इसमें शामिल नहीं हैं; इन्हें पंडित जी से देखवाएँ।

नामकरण मुहूर्त: महीने के अनुसार

फरवरी 2028 के अन्य मुहूर्त