॥ शुभमस्तु ॥

नामकरण मुहूर्त अक्टूबर 2027

अक्टूबर 2027 में नामकरण के 8 शुभ मुहूर्त: 1, 4, 10, 11, 15, 20, 22, 31 अक्टूबर। तिथि, नक्षत्र, योग, भद्रा और राहुकाल के कारण सहित, अपने शहर के समय के साथ।
किस कार्य के लिए?
अपनी राशि से मिलाएँ (वैकल्पिक)

राशि से चंद्र बल और नक्षत्र से तारा बल जुड़ता है। विवाह में दोनों पक्षों के लिए अलग से देखें।

अवधि

आपके चयन के अनुसार परिणाम तैयार हैं।

नामकरण मुहूर्त: 8 शुभ तिथियाँ

1 अक्टूबर – 31 अक्टूबर 2027 · नई दिल्ली

जिन तिथियों को परिवार को भेजना है, उन्हें चुनें।

  1. 1अक्टूबरशुक्रवार

    शुभ

    दोपहर 12:10 – दोपहर 3:09

    अन्य समय: सुबह 6:13 – सुबह 10:41 · शाम 4:38 – शाम 6:07

    शुक्ल द्वितीया · चित्रा नक्षत्र · इन्द्र योग

    • शुक्रवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  2. 4अक्टूबरसोमवार

    उत्तम

    दोपहर 12:09 – शाम 6:04

    अन्य समय: सुबह 6:15 – सुबह 7:44 · सुबह 9:12 – सुबह 10:41

    शुक्ल पंचमी · अनुराधा नक्षत्र · प्रीति योग

    • सोमवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  3. 10अक्टूबररविवार

    शुभ

    सुबह 6:18 – दोपहर 12:08

    अन्य समय: दोपहर 1:35 – शाम 4:30

    शुक्ल दशमी · श्रवण नक्षत्र · धृति योग

    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  4. 11अक्टूबरसोमवार

    सामान्य

    दोपहर 2:09 – शाम 5:56

    शुक्ल एकादशी · धनिष्ठा नक्षत्र · शूल योग

    • सोमवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • भद्रा (विष्टि करण) का समय हटाया गया
  5. 15अक्टूबरशुक्रवार

    उत्तम

    शाम 4:25 – शाम 5:52

    अन्य समय: सुबह 7:07 – सुबह 10:40 · दोपहर 12:06 – दोपहर 2:59

    पूर्णिमा · रेवती नक्षत्र · व्याघात योग

    • शुक्रवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • अमृत सिद्धि योग
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
    • भद्रा (विष्टि करण) का समय हटाया गया
  6. 20अक्टूबरबुधवार

    शुभ

    सुबह 6:24 – सुबह 7:49

    अन्य समय: सुबह 9:15 – दोपहर 12:05 · दोपहर 1:31 – शाम 5:46

    कृष्ण पंचमी · मृगशिरा नक्षत्र · वरीयान योग

    • बुधवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  7. 22अक्टूबरशुक्रवार

    उत्तम

    सुबह 6:25 – सुबह 10:40

    कृष्ण सप्तमी · पुनर्वसु नक्षत्र · सिद्ध योग

    • शुक्रवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  8. 31अक्टूबररविवार

    शुभ

    सुबह 9:29 – दोपहर 12:04

    अन्य समय: दोपहर 1:27 – शाम 4:14

    शुक्ल द्वितीया · अनुराधा नक्षत्र · सौभाग्य योग

    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
छोड़ी गई तिथियाँ और कारण (23)
शनिवार इस कार्य के लिए वर्जित
2 अक्टू॰, 9 अक्टू॰, 16 अक्टू॰, 23 अक्टू॰, 30 अक्टू॰
तिथि, नक्षत्र और योग का शुभ मेल नहीं
3 अक्टू॰, 6 अक्टू॰, 7 अक्टू॰, 8 अक्टू॰, 13 अक्टू॰, 14 अक्टू॰, 17 अक्टू॰, 18 अक्टू॰, 21 अक्टू॰, 24 अक्टू॰, 25 अक्टू॰, 27 अक्टू॰, 28 अक्टू॰, 29 अक्टू॰
मंगलवार इस कार्य के लिए वर्जित
5 अक्टू॰, 12 अक्टू॰, 19 अक्टू॰, 26 अक्टू॰

अक्टूबर 2027 में नई दिल्ली के लिए नामकरण के 8 शुभ मुहूर्त हैं: 1 अक्टूबर, 4 अक्टूबर, 10 अक्टूबर, 11 अक्टूबर, 15 अक्टूबर, 20 अक्टूबर, 22 अक्टूबर, 31 अक्टूबर।

नामकरण मुहूर्त कैसे देखा जाता है

नामकरण संस्कार परंपरा से जन्म के 11वें या 12वें दिन होता है। उस दिन संभव न हो तो शुभ तिथि, मृदु या क्षिप्र नक्षत्र और सोम, बुध, गुरु या शुक्रवार का दिन चुना जाता है।

  • नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती और तीनों उत्तरा
  • मंगलवार और शनिवार नहीं
  • रिक्ता तिथि और अमावस्या नहीं
  • केवल दिन के समय-खंड

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नामकरण किस दिन करें?

परंपरा में जन्म के 11वें या 12वें दिन नामकरण होता है। सूतक के बाद की पहली शुभ तिथि भी ली जाती है।

नाम का पहला अक्षर कैसे तय होता है?

जन्म नक्षत्र के चरण से नाम का पहला अक्षर निकलता है। इसके लिए हमारा नक्षत्र कैलकुलेटर देखें।

अंतिम तिथि कैसे तय करें?

यह सूची सामान्य पंचांग नियमों पर आधारित है। अंतिम निर्णय से पहले अपने कुल-पुरोहित या पंडित जी से वर-वधू या परिवार की कुंडली के साथ मिलान अवश्य कराएँ।

ये तिथियाँ कैसे चुनी गईं

हर दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण और चंद्र राशि के सटीक बदलने के समय NASA JPL DE440s पंचांग गणना और लाहिड़ी अयनांश से निकाले जाते हैं। फिर कार्य के नियमों से मिलान होता है, और भद्रा, व्यतीपात, वैधृति, राहुकाल और यमगंड का समय हटाया जाता है।

पूरे दिन वर्जित
चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास (कार्य के अनुसार)
अतिरिक्त अंक
सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, गुरु-पुष्य, रवि-पुष्य, अभिजित मुहूर्त, शुक्ल पक्ष
व्यक्तिगत (वैकल्पिक)
चंद्र बल और तारा बल
लग्न शुद्धि और कुंडली मिलान इसमें शामिल नहीं हैं; इन्हें पंडित जी से देखवाएँ।

नामकरण मुहूर्त: महीने के अनुसार

अक्टूबर 2027 के अन्य मुहूर्त