॥ शुभमस्तु ॥

व्यापार आरंभ मुहूर्त

दुकान, ऑफिस या नए काम का शुभारंभ। अपने शहर के लिए अगले दिनों की शुभ तिथियाँ और समय, पंचांग के कारणों के साथ। नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा, श्रवण, रेवती और तीनों उत्तरा।
किस कार्य के लिए?
अपनी राशि से मिलाएँ (वैकल्पिक)

राशि से चंद्र बल और नक्षत्र से तारा बल जुड़ता है। विवाह में दोनों पक्षों के लिए अलग से देखें।

अवधि

आपके चयन के अनुसार परिणाम तैयार हैं।

व्यापार आरंभ मुहूर्त: 9 शुभ तिथियाँ

6 नवंबर – 5 दिसंबर 2026 · नई दिल्ली

जिन तिथियों को परिवार को भेजना है, उन्हें चुनें।

  1. 11नवंबरबुधवार

    उत्तम

    सुबह 9:22 – सुबह 11:35

    अन्य समय: सुबह 6:40 – सुबह 8:01

    शुक्ल द्वितीया · अनुराधा नक्षत्र · अतिगण्ड योग

    • बुधवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • अमृत सिद्धि योग
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  2. 15नवंबररविवार

    शुभ

    सुबह 6:43 – दोपहर 12:05

    अन्य समय: दोपहर 1:26 – शाम 4:07

    शुक्ल षष्ठी · उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · गण्ड योग

    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  3. 16नवंबरसोमवार

    उत्तम

    दोपहर 12:05 – शाम 5:27

    अन्य समय: सुबह 6:44 – सुबह 8:04 · सुबह 9:25 – सुबह 10:45

    शुक्ल सप्तमी · श्रवण नक्षत्र · गण्ड योग

    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  4. 20नवंबरशुक्रवार

    शुभ

    दोपहर 12:06 – दोपहर 2:46

    अन्य समय: सुबह 6:54 – सुबह 10:46 · शाम 4:05 – शाम 5:25

    शुक्ल दशमी · उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र · वज्र योग

    • शुक्रवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  5. 21नवंबरशनिवार

    शुभ

    सुबह 10:47 – दोपहर 1:26

    अन्य समय: सुबह 6:48 – सुबह 9:27 · दोपहर 2:46 – शाम 5:25

    शुक्ल द्वादशी · उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र · सिद्धि योग

    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  6. 25नवंबरबुधवार

    शुभ

    शाम 4:50 – शाम 5:24

    कृष्ण प्रतिपदा · रोहिणी नक्षत्र · सिद्ध योग

    • बुधवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
  7. 26नवंबरगुरुवार

    शुभ

    सुबह 8:11 – दोपहर 1:27

    अन्य समय: दोपहर 2:46 – शाम 5:24

    कृष्ण द्वितीया · मृगशिरा नक्षत्र · साध्य योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  8. 28नवंबरशनिवार

    सामान्य

    दोपहर 2:46 – शाम 5:23

    अन्य समय: दोपहर 12:48 – दोपहर 1:27

    कृष्ण पंचमी · पुष्य नक्षत्र · शुक्ल योग

    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  9. 3दिसंबरगुरुवार

    शुभ

    सुबह 8:15 – सुबह 10:54

    कृष्ण दशमी · उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · प्रीति योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
    • भद्रा (विष्टि करण) का समय हटाया गया
छोड़ी गई तिथियाँ और कारण (21)
तिथि, नक्षत्र और योग का शुभ मेल नहीं
6 नव॰, 7 नव॰, 8 नव॰, 9 नव॰, 12 नव॰, 13 नव॰, 14 नव॰, 18 नव॰, 19 नव॰, 22 नव॰, 23 नव॰, 27 नव॰, 29 नव॰, 30 नव॰, 2 दिस॰, 4 दिस॰, 5 दिस॰
मंगलवार इस कार्य के लिए वर्जित
10 नव॰, 17 नव॰, 24 नव॰, 1 दिस॰

व्यापार आरंभ मुहूर्त कैसे देखा जाता है

दुकान, ऑफिस या नया व्यापार शुरू करने के लिए बुध, गुरु और शुक्रवार, क्षिप्र और स्थिर नक्षत्र तथा भद्रा-रहित समय उत्तम माने जाते हैं।

  • नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा, श्रवण, रेवती और तीनों उत्तरा
  • बुध, गुरु और शुक्रवार को प्राथमिकता, मंगलवार नहीं
  • गुरु-पुष्य और रवि-पुष्य को अतिरिक्त अंक
  • भद्रा और राहुकाल हटाए गए

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उद्घाटन के समय क्या करें?

चुने गए समय-खंड में गणेश पूजन, बही-खाता पूजन या पहला सौदा करना शुभ माना जाता है।

क्या एक ही तिथि हर शहर में शुभ होती है?

तिथि और नक्षत्र पूरे भारत में लगभग एक जैसे रहते हैं, पर सूर्योदय, राहुकाल और समय-खंड शहर के अनुसार बदलते हैं। इसलिए अपना शहर चुनें।

अंतिम तिथि कैसे तय करें?

यह सूची सामान्य पंचांग नियमों पर आधारित है। अंतिम निर्णय से पहले अपने कुल-पुरोहित या पंडित जी से वर-वधू या परिवार की कुंडली के साथ मिलान अवश्य कराएँ।

ये तिथियाँ कैसे चुनी गईं

हर दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण और चंद्र राशि के सटीक बदलने के समय NASA JPL DE440s पंचांग गणना और लाहिड़ी अयनांश से निकाले जाते हैं। फिर कार्य के नियमों से मिलान होता है, और भद्रा, व्यतीपात, वैधृति, राहुकाल और यमगंड का समय हटाया जाता है।

पूरे दिन वर्जित
चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास (कार्य के अनुसार)
अतिरिक्त अंक
सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, गुरु-पुष्य, रवि-पुष्य, अभिजित मुहूर्त, शुक्ल पक्ष
व्यक्तिगत (वैकल्पिक)
चंद्र बल और तारा बल
लग्न शुद्धि और कुंडली मिलान इसमें शामिल नहीं हैं; इन्हें पंडित जी से देखवाएँ।

व्यापार आरंभ मुहूर्त: महीने के अनुसार

अन्य कार्यों के मुहूर्त