॥ असतो मा सद्गमय ॥

ज्योतिष और परंपरा का अध्ययन

कुंडली, ग्रह, भाव, मंत्र, पर्व और पंचांग पर स्पष्ट, विस्तृत और संदर्भ-सचेत लेख। एक विषय से शुरू करें, एक-एक कदम।

ज्योतिष और कुंडली

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8 मिनट का अध्ययन

प्रथम भाव में चंद्र-केतु: अर्थ, संदर्भ और संतुलन

प्रथम भाव में चंद्र-केतु की पारंपरिक ज्योतिषीय व्याख्या, पूरी कुंडली की भूमिका और इस स्थिति से क्या तय नहीं किया जा सकता—जानें।

8 मिनट का अध्ययन

प्रथम भाव में चंद्र-राहु: पारंपरिक अर्थ और संदर्भ

प्रथम भाव में चंद्र-राहु की ज्योतिषीय व्याख्या, यह अपने-आप ग्रहण क्यों नहीं है और सावधान पाठ में कौन-से कुंडली कारक देखे जाते हैं—जानें।

8 मिनट का अध्ययन

प्रथम भाव में चंद्र-शुक्र: भावना और मूल्यों की ज्योतिषीय मार्गदर्शिका

प्रथम भाव में चंद्र-शुक्र की पारंपरिक व्याख्या, पूरी जन्म-कुंडली की भूमिका और संबंध तथा आत्म-अभिव्यक्ति पर संतुलित चिंतन के तरीके जानें।

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प्रथम भाव में सूर्य-शनि: जिम्मेदारी, पहचान और धैर्य

प्रथम भाव में सूर्य-शनि की पारंपरिक ज्योतिषीय व्याख्या, राशि और अंश-दूरी की भूमिका तथा इसे निश्चित फैसला क्यों नहीं मानना चाहिए—जानें।

8 मिनट का अध्ययन

प्रथम भाव में सूर्य-शुक्र: पहचान, मूल्य और अभिव्यक्ति

प्रथम भाव में सूर्य-शुक्र की पारंपरिक व्याख्या, कुंडली-संदर्भ की भूमिका और इससे रूप या प्रसिद्धि की गारंटी क्यों नहीं मिलती—जानें।

9 मिनट का अध्ययन

प्रथम भाव में चंद्र-मंगल युति: वैदिक ज्योतिष में अर्थ

प्रथम भाव में चंद्रमा और मंगल की युति का पारंपरिक अर्थ, कुंडली के प्रभावकारी कारक और इसकी संतुलित व्याख्या जानें।

9 मिनट का अध्ययन

प्रथम भाव में सूर्य-केतु युति: संतुलित वैदिक ज्योतिष मार्गदर्शिका

जानें कि ज्योतिष में प्रथम भाव की सूर्य-केतु युति की व्याख्या कैसे होती है, पूरी कुंडली क्यों जरूरी है और ग्रहण से जुड़े दावों में क्या संदर्भ चाहिए।

9 मिनट का अध्ययन

प्रथम भाव में सूर्य-मंगल युति: अर्थ, क्षमताएँ और संदर्भ

प्रथम भाव में सूर्य और मंगल की युति का संतुलित अर्थ, पारंपरिक संकेत, कुंडली के कारक और इस स्थिति की सीमाएँ जानें।

8 मिनट का अध्ययन

प्रथम भाव में सूर्य-राहु युति: बिना डर के पारंपरिक अर्थ

प्रथम भाव में सूर्य और राहु की युति की पारंपरिक व्याख्या, पूरी कुंडली की भूमिका और यह स्थिति अपने-आप ग्रहण क्यों नहीं है—जानें।

7 मिनट का अध्ययन

जन्म समय नहीं पता: कुंडली से क्या निश्चित जान सकते हैं?

जन्म समय अज्ञात हो तो लग्न, चंद्र राशि और नक्षत्र कैसे बदलते हैं? नई दिल्ली के गणना-आधारित उदाहरण और समय की अनिश्चितता जाँचने का तरीका समझें।

7 मिनट का अध्ययन

अलग वेबसाइट पर कुंडली अलग क्यों आती है? सेटिंग मिलाने की गाइड

अलग कुंडलियों का कारण गणना के उदाहरण से समझें। राशि-चक्र, अयनांश, समय-क्षेत्र, भाव और चंद्र-नोड की सेटिंग मिलाने की उपयोगी सूची।

7 मिनट का अध्ययन

राशि कुंडली और भाव चलित: ग्रह का भाव क्यों बदलता है?

चित्र और जाँचे हुए उदाहरण से राशि कुंडली तथा भाव चलित का अंतर समझें। ग्रह के अंश और राशि समान रहते हुए उसका भाव कैसे बदल सकता है—जानें।

7 मिनट का अध्ययन

उत्तर भारतीय बनाम दक्षिण भारतीय कुंडली: चित्रों में क्या अंतर है?

उत्तर और दक्षिण भारतीय कुंडली समान जन्म-विवरण को अलग रूप में दिखाती हैं। स्थिर भाव, स्थिर राशियाँ और एक उदाहरण का रूपांतरण देखें।

7 मिनट का अध्ययन

लग्न, चंद्र राशि और सूर्य राशि में क्या अंतर है?

लग्न, चंद्र राशि और सूर्य राशि ज्योतिष के अलग संकेत हैं। जानें इनकी गणना कैसे होती है और एक जाँचा हुआ निरयन उदाहरण देखें।

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