श्रेयस और प्रेयस: कठोपनिषद् 1.2.1–2 का अर्थ और विवेक
श्रेयस और प्रेयस के संस्कृत मंत्र, लिप्यंतरण और प्रसंग पढ़ें। आधुनिक उदाहरणों से विवेक समझें और आत्मविद्या के मूल संदर्भ को साथ रखें।
॥ असतो मा सद्गमय ॥
श्रेयस और प्रेयस के संस्कृत मंत्र, लिप्यंतरण और प्रसंग पढ़ें। आधुनिक उदाहरणों से विवेक समझें और आत्मविद्या के मूल संदर्भ को साथ रखें।
D4 के चार 7°30′ भाग और जन्मराशि से पहली, चौथी, सातवीं, दसवीं राशि का नियम समझें। पूरी सारणी, आठ उदाहरण और चर-स्थिर-द्विस्वभाव जाँच पढ़ें।
चंद्र आकार-भ्रम को वास्तविक कोणीय आकार से अलग समझें। नियंत्रित तस्वीरों, पिक्सेल उदाहरणों और स्वतंत्र ज्यामिति-सारणी से अपना निरीक्षण जाँचें।
परा-अपरा विद्या के संस्कृत मंत्र, चार वेद और छह वेदाङ्ग समझें। अक्षर के ज्ञान का उद्देश्य पढ़ें और पाठ-अध्ययन को अनुभूति से अलग पहचानें।
1°15′ के भाग, विषम राशि में सिंह और सम में कर्क से सिद्धांश निकालें। दस उदाहरणों और पूरी सारणी से एक परिणाम के दो अंश-अंतराल समझें।
दिन के आकाश में चंद्रमा की रोशनी, बढ़ती-घटती कलाओं का समय, आदर्श ज्यामिति और दो उदाहरणों से दिन में संभावित दर्शन का अंतराल समझें।
गीता 18.63 का संस्कृत पाठ, विमृश्य और यथेच्छसि का अर्थ, शंकर-रामानुज भाष्य के संकेत तथा अर्जुन के उत्तर तक का प्रसंग सरल हिंदी में पढ़ें।
1°52′30″ के सटीक भागों और चर-स्थिर-द्विस्वभाव राशि से D16 निकालें। दस उदाहरण, D4 की तुलना और देशांतर को सोलह से गुणा करने की जाँच पढ़ें।
क्षितिज के नारंगी चंद्रमा को ग्रहण से अलग समझें। प्रकाश के दो रास्ते, सरल ज्यामिति और चार काल्पनिक अवलोकनों से सही जाँच करना सीखें।
गीता 17.16 का संस्कृत पाठ और मनःप्रसाद, सौम्यता, मौन, आत्मविनिग्रह तथा भावशुद्धि समझें। प्रसंग, नामित भाष्य और सरल अभ्यास साथ पढ़ें।
विषम और सम राशियों की पाराशरी D30 सारणियाँ, सोलह सीमा-उदाहरण और तीस बराबर भागों से अंतर पढ़ें। मूल अंश से सही परिणाम पहचानें।
वास्तविक उत्तर से चंद्रमा का दिगंश पढ़ें। अक्षांश और चंद्र क्रांति से उदय-बिंदु का बदलाव, आदर्श सारणी और स्थानीय अवलोकन का अंतर समझें।
गीता 9.26 का संस्कृत पाठ, चार साधारण अर्पण और भक्ति से जुड़े पद समझें। 9.27–28 का संदर्भ तथा स्वयं विचार करने के सरल अभ्यास भी पढ़ें।
निरयण देशांतर से D20 निकालें। बीस भागों की पूरी सारणी, सोलह परीक्षण-स्थितियाँ, हार्मोनिक जाँच और D16 से आरंभिक राशियों का अंतर समझें।
चंद्र-पारगमन को नौ अक्षांश-स्थितियों, पाँच कोणों की सारणी और अवलोकन-क्रम से समझें। याम्योत्तर पार करना, अधिकतम ऊँचाई और खमध्य अलग पहचानें।
गीता 12.13 का संस्कृत पाठ, सात प्रमुख पद, 12.14 में वाक्य की पूर्णता और चार स्वतंत्र उदाहरणों से मित्रभाव, करुणा तथा जिम्मेदारी समझें।
भांश D27 की चार तत्वों वाली पूरी सारणी, अठारह उदाहरण और हार्मोनिक जाँच समझें। 1°06′40″ के भागों को 27 नक्षत्रों से अलग पहचानें।
चंद्रमा की दिन–रात सीमा पर क्रेटर स्पष्ट क्यों दिखते हैं? छाया-लंबाई के उदाहरण, चित्र के प्रक्षेपण और उपयोगी अवलोकन-पुस्तिका से समझें।
एस्ट्रोज्ञान को Google Search में अपने पसंदीदा स्रोतों में जोड़ें।