कुंडली के अंश कैसे पढ़ें: राशि, नक्षत्र और चरण की गणना
कुंडली में दशमलव अंश, अंश-मिनट, राशि के भीतर स्थिति और नक्षत्र चरण का अंतर समझें। 134°10′ के उदाहरण से गणना जाँचें।
॥ असतो मा सद्गमय ॥
कुंडली में दशमलव अंश, अंश-मिनट, राशि के भीतर स्थिति और नक्षत्र चरण का अंतर समझें। 134°10′ के उदाहरण से गणना जाँचें।
कुंडली के वक्री चिह्न को अंशों के उदाहरण से समझें। आभासी गति, राशि की सीमा, स्थिर अवस्था और जन्म कुंडली व गोचर का अंतर जानें।
छह उदाहरणों से पाराशरी नवांश गणना सीखें। 3°20′ के भाग, चर-स्थिर-द्विस्वभाव राशियों का आरंभ, सीमा पर गोलाई और वर्गोत्तम का अर्थ समझें।
माध्य और स्पष्ट राहु का अंतर, तीन काल्पनिक अंशों की तुलना और राहु से केतु निकालना सीखें। राशि-सीमा, अयनांश और रिपोर्ट की सेटिंग समझें।
नाक्षत्र समय का अर्थ, ग्रीनिच से स्थानीय समय के देशांतर उदाहरण और जन्म-समय, समय-क्षेत्र तथा अयनांश के अलग उपयोग सरल भाषा में समझें।
तीन अंश-सीमाओं और सात उदाहरणों से वर्गोत्तम जाँचें। समान राशि, समान भाव, उच्च-नीच स्थिति और फलित व्याख्या का अंतर समझें।
Astrogyana में ग्रह अस्त कब माना जाता है? ग्रहवार अंश-सीमा, वक्री बुध और शुक्र का नियम, राशि की सीमा और सात गणना-उदाहरण समझें।
महादशा, अंतर्दशा और प्रत्यंतर्दशा को शुक्र की पूरी समयरेखा से समझें। अवधि का अनुपात, जन्म पर बचा भाग और तारीखों की गणना का अंतर जानें।
पूर्ण ग्रह दृष्टि की समावेशी गिनती सीखें। मंगल, गुरु और शनि के उदाहरण से राशि, भाव, अंशों की दूरी और राशि दृष्टि का अंतर समझें।
आत्मकारक की गणना राशि के भीतर अंशों से सीखें। आठ ग्रहों का उदाहरण, राहु का उल्टा माप, सात ग्रहों की तुलना और गोलाई की जाँच समझें।
षड्बल के छह घटक, रूप-विरूप का अंतर और हर ग्रह के अलग संदर्भ-मान समझें। उदाहरण से कुल, ऋणात्मक दृक् बल और गोल अंकों की जाँच करें।
निरयण ग्रह-स्थिति से पाराशरी D3 राशि निकालें। आठ उदाहरण, ठीक 10° व 20° की सीमाएँ और पूरे देशांतर को तीन से गुणा करने की भूल समझें।
दस 3° भागों से D10 राशि निकालें। विषम-सम राशियों का आरंभ, आठ पूरी गणनाएँ, सटीक सीमाएँ और राशि व भाव का अंतर समझें।
बारह 2°30′ भागों से D12 राशि निकालें। आठ स्थितियाँ और सटीक सीमाएँ जाँचें, फिर D1–D12 राशि-जोड़ी से संभावित अंश-अंतराल पहचानें।
D7 की आवर्ती 30°/7 सीमाएँ बिना समय से पहले गोल किए समझें। विषम-सम राशियाँ, आठ निर्देशांक और सातवें हार्मोनिक से मेल जाँचें।
D4 के चार 7°30′ भाग और जन्मराशि से पहली, चौथी, सातवीं, दसवीं राशि का नियम समझें। पूरी सारणी, आठ उदाहरण और चर-स्थिर-द्विस्वभाव जाँच पढ़ें।
1°15′ के भाग, विषम राशि में सिंह और सम में कर्क से सिद्धांश निकालें। दस उदाहरणों और पूरी सारणी से एक परिणाम के दो अंश-अंतराल समझें।
1°52′30″ के सटीक भागों और चर-स्थिर-द्विस्वभाव राशि से D16 निकालें। दस उदाहरण, D4 की तुलना और देशांतर को सोलह से गुणा करने की जाँच पढ़ें।
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