लोहड़ी पर्व: मकर संक्रांति की पूर्व संध्या, अग्नि अर्घ्य, दुल्ला भट्टी लोककथा और परंपराएँ
सौर पौष मास की अंतिम संध्या पर लोहड़ी पर्व का पंचांगीय नियम, अग्नि परिक्रमा, तिल-गुड़-रेवड़ी-फुल्ले अर्घ्य और दुल्ला भट्टी की लोककथा जानें।
॥ असतो मा सद्गमय ॥
सौर पौष मास की अंतिम संध्या पर लोहड़ी पर्व का पंचांगीय नियम, अग्नि परिक्रमा, तिल-गुड़-रेवड़ी-फुल्ले अर्घ्य और दुल्ला भट्टी की लोककथा जानें।
चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से शुक्ल तृतीया तक 18-दिवसीय गणगौर उत्सव की संपूर्ण विधि: होलिका भस्म की ईसर-गौरी प्रतिमा, जवारे, सिंजारा, गुणे और शोभायात्रा।
कार्तिक कृष्ण अष्टमी पर अहोई अष्टमी पूजा विधि: अष्टकोष्ठक मंडल, चाँदी की स्याहु माला, करवा कलश, व्रत कथा, बयाना और तारा दर्शन अर्घ्य नियम जानें।
नवरात्रि की महाअष्टमी और मासिक दुर्गाष्टमी की संपूर्ण पूजा विधि: अष्टम नवदुर्गा महागौरी पूजन, 48-मिनट संधि पूजा, सामग्री, मंत्र, हवन और कन्या पूजन।
शहर और तारीख से चौघड़िया पढ़ना सीखें। दिन-रात की गणना, राहुकाल के साथ टकराव और आधी रात के बाद की तारीख को उदाहरण से समझें।
कुंडली मिलान के जन्म विवरण, गणना पद्धति, आठ कूटों के अंक और अपवाद जाँचें। काल्पनिक 28.5/36 रिपोर्ट से पूरी प्रक्रिया समझें।
गीता 2.47 का संस्कृत पाठ, लिप्यंतरण और चारों चरणों का सरल अर्थ पढ़ें। 2.48 के संदर्भ में कर्म, फल और अकर्म का अंतर समझें।
00:40 और 24:40 का अंतर, किसी तारीख में चंद्रोदय न होने का अर्थ और गणना बनाम दिखाई देने का समय उदाहरण से समझें।
कुंडली में दशमलव अंश, अंश-मिनट, राशि के भीतर स्थिति और नक्षत्र चरण का अंतर समझें। 134°10′ के उदाहरण से गणना जाँचें।
उद्धरेदात्मनात्मानं का संस्कृत पाठ, लिप्यंतरण और सरल भावार्थ पढ़ें। 6.6, 6.26 और 6.35 के संदर्भ में प्रयास तथा आत्मसंयम समझें।
सोमवार के पूरे उदाहरण से होरा समझें। सूर्योदय-सूर्यास्त से अवधि निकालें, ग्रह स्वामी का क्रम पढ़ें और आधी रात के बाद सही तारीख पहचानें।
कुंडली के वक्री चिह्न को अंशों के उदाहरण से समझें। आभासी गति, राशि की सीमा, स्थिर अवस्था और जन्म कुंडली व गोचर का अंतर जानें।
पूर्णमदः पूर्णमिदं का संस्कृत पाठ, लिप्यंतरण और सरल अर्थ पढ़ें। पूर्णता का दार्शनिक संदर्भ तथा ईशोपनिषद् के आरंभ में इसका स्थान समझें।
सूर्य-चंद्र के देशांतर जोड़कर नित्य योग और अंतर से करण निकालना समझें। 27 योग, 60 अर्ध-तिथियाँ तथा समाप्ति समय उदाहरण सहित पढ़ें।
दिन के पंद्रह भागों में आठवें अभिजित मुहूर्त की गणना सीखें। चार उदाहरणों से 48 मिनट की मान्यता, स्थानीय मध्याह्न और बुधवार का नियम समझें।
गीता 6.17 का संस्कृत श्लोक, लिप्यंतरण और सरल भावार्थ पढ़ें। 6.16–18 के संदर्भ में आहार-विहार, कर्म, नींद और जागने में संयम समझें।
छह उदाहरणों से पाराशरी नवांश गणना सीखें। 3°20′ के भाग, चर-स्थिर-द्विस्वभाव राशियों का आरंभ, सीमा पर गोलाई और वर्गोत्तम का अर्थ समझें।
सूर्योदय को नागरिक, नौवहन और खगोलीय भोर से अलग समझें। उदाहरण से देखें कि पंचांग की गणना में भोर का समय सूर्योदय की जगह क्यों नहीं रख सकते।
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