॥ शुभमस्तु ॥

अन्नप्राशन मुहूर्त अप्रैल 2027

अप्रैल 2027 में अन्नप्राशन के 7 शुभ मुहूर्त: 1, 8, 11, 18, 23, 28, 30 अप्रैल। तिथि, नक्षत्र, योग, भद्रा और राहुकाल के कारण सहित, अपने शहर के समय के साथ।
किस कार्य के लिए?
अपनी राशि से मिलाएँ (वैकल्पिक)

राशि से चंद्र बल और नक्षत्र से तारा बल जुड़ता है। विवाह में दोनों पक्षों के लिए अलग से देखें।

अवधि

आपके चयन के अनुसार परिणाम तैयार हैं।

अन्नप्राशन मुहूर्त: 7 शुभ तिथियाँ

1 अप्रैल – 30 अप्रैल 2027 · नई दिल्ली

जिन तिथियों को परिवार को भेजना है, उन्हें चुनें।

  1. 1अप्रैलगुरुवार

    सामान्य

    सुबह 7:45 – सुबह 11:33

    कृष्ण दशमी · उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · शिव योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
    • भद्रा (विष्टि करण) का समय हटाया गया
    • सावधानी: खरमास (सूर्य धनु या मीन में)
  2. 8अप्रैलगुरुवार

    शुभ

    सुबह 7:38 – दोपहर 1:58

    अन्य समय: दोपहर 3:33 – शाम 5:58

    शुक्ल द्वितीया · अश्विनी नक्षत्र · विष्कम्भ योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
    • सावधानी: खरमास (सूर्य धनु या मीन में)
  3. 11अप्रैलरविवार

    शुभ

    सुबह 6:00 – दोपहर 12:22

    अन्य समय: दोपहर 1:58 – शाम 5:09

    शुक्ल पंचमी · रोहिणी नक्षत्र · सौभाग्य योग

    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
    • सावधानी: खरमास (सूर्य धनु या मीन में)
  4. 18अप्रैलरविवार

    उत्तम

    सुबह 6:04 – दोपहर 12:20

    अन्य समय: दोपहर 1:57 – शाम 5:11

    शुक्ल द्वादशी · उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · ध्रुव योग

    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  5. 23अप्रैलशुक्रवार

    शुभ

    दोपहर 2:11 – दोपहर 3:35

    कृष्ण तृतीया · अनुराधा नक्षत्र · वरीयान योग

    • शुक्रवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
    • भद्रा (विष्टि करण) का समय हटाया गया
  6. 28अप्रैलबुधवार

    शुभ

    सुबह 9:01 – दोपहर 12:18

    अन्य समय: सुबह 5:43 – सुबह 7:22

    कृष्ण सप्तमी · उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · साध्य योग

    • बुधवार अनुकूल वार
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  7. 30अप्रैलशुक्रवार

    शुभ

    शाम 5:16 – शाम 6:55

    कृष्ण नवमी · धनिष्ठा नक्षत्र · शुक्ल योग

    • शुक्रवार अनुकूल वार
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
छोड़ी गई तिथियाँ और कारण (23)
तिथि, नक्षत्र और योग का शुभ मेल नहीं
2 अप्रैल, 4 अप्रैल, 5 अप्रैल, 7 अप्रैल, 9 अप्रैल, 12 अप्रैल, 14 अप्रैल, 15 अप्रैल, 16 अप्रैल, 19 अप्रैल, 21 अप्रैल, 22 अप्रैल, 25 अप्रैल, 26 अप्रैल, 29 अप्रैल
शनिवार इस कार्य के लिए वर्जित
3 अप्रैल, 10 अप्रैल, 17 अप्रैल, 24 अप्रैल
मंगलवार इस कार्य के लिए वर्जित
6 अप्रैल, 13 अप्रैल, 20 अप्रैल, 27 अप्रैल

अप्रैल 2027 में नई दिल्ली के लिए अन्नप्राशन के 7 शुभ मुहूर्त हैं: 1 अप्रैल, 8 अप्रैल, 11 अप्रैल, 18 अप्रैल, 23 अप्रैल, 28 अप्रैल, 30 अप्रैल।

अन्नप्राशन मुहूर्त कैसे देखा जाता है

अन्नप्राशन में शिशु को पहली बार अन्न खिलाया जाता है। लड़कों के लिए सम महीनों (6, 8) और लड़कियों के लिए विषम महीनों (5, 7) में शुभ तिथि, शुभ नक्षत्र और दिन का समय चुना जाता है।

  • नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती और तीनों उत्तरा
  • मंगलवार और शनिवार नहीं
  • गुरु-शुक्र अस्त और अधिक मास वर्जित
  • केवल दिन के समय-खंड

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अन्नप्राशन किस महीने में करें?

सामान्यतः लड़कों का छठे या आठवें महीने में और लड़कियों का पाँचवें या सातवें महीने में अन्नप्राशन होता है।

क्या एक ही तिथि हर शहर में शुभ होती है?

तिथि और नक्षत्र पूरे भारत में लगभग एक जैसे रहते हैं, पर सूर्योदय, राहुकाल और समय-खंड शहर के अनुसार बदलते हैं। इसलिए अपना शहर चुनें।

अंतिम तिथि कैसे तय करें?

यह सूची सामान्य पंचांग नियमों पर आधारित है। अंतिम निर्णय से पहले अपने कुल-पुरोहित या पंडित जी से वर-वधू या परिवार की कुंडली के साथ मिलान अवश्य कराएँ।

ये तिथियाँ कैसे चुनी गईं

हर दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण और चंद्र राशि के सटीक बदलने के समय NASA JPL DE440s पंचांग गणना और लाहिड़ी अयनांश से निकाले जाते हैं। फिर कार्य के नियमों से मिलान होता है, और भद्रा, व्यतीपात, वैधृति, राहुकाल और यमगंड का समय हटाया जाता है।

पूरे दिन वर्जित
चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास (कार्य के अनुसार)
अतिरिक्त अंक
सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, गुरु-पुष्य, रवि-पुष्य, अभिजित मुहूर्त, शुक्ल पक्ष
व्यक्तिगत (वैकल्पिक)
चंद्र बल और तारा बल
लग्न शुद्धि और कुंडली मिलान इसमें शामिल नहीं हैं; इन्हें पंडित जी से देखवाएँ।

अन्नप्राशन मुहूर्त: महीने के अनुसार

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