॥ असतो मा सद्गमय ॥

ज्योतिष और परंपरा का अध्ययन

कुंडली, ग्रह, भाव, मंत्र, पर्व और पंचांग पर स्पष्ट, विस्तृत और संदर्भ-सचेत लेख। एक विषय से शुरू करें, एक-एक कदम।

सभी अध्ययन लेख

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13 मिनट का अध्ययन

वसुमती योग: उपचय भावों (3, 6, 10, 11) में शुभ ग्रह, नियम और उदाहरण

जन्म-कुंडली में वसुमती योग की गणना: लग्न या चंद्रमा से उपचय भावों (3, 6, 10, 11) में शुभ ग्रह, पूर्ण व आंशिक नियम और उदाहरण जानें।

10 मिनट का अध्ययन

पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र: सिंह के अंश, चार चरण, भग प्रतीक और उदाहरण

१३°२०′ से २६°४०′ सिंह तक पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के अंश, सिंह से वृश्चिक तक चार नवांश चरण, भग प्रतीक और २०-वर्षीय शुक्र महादशा की गणना समझें।

10 मिनट का अध्ययन

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र: सिंह-कन्या के अंश, चार चरण और अर्यमा प्रतीक

२६°४०′ सिंह से १०°००′ कन्या तक उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के अंश, धनु से मीन तक चार नवांश चरण, अर्यमा प्रतीक और १५०°००′ राशि-सीमा की गणना समझें।

10 मिनट का अध्ययन

स्वाति नक्षत्र: तुला के अंश, चार चरण, वायु प्रतीक और दशा गणना

६°४०′ से २०°००′ तुला तक स्वाति नक्षत्र के अंश, धनु से मीन तक चार नवांश चरण, वायु प्रतीक और १८-वर्षीय राहु महादशा-शेष की सटीक गणना समझें।

11 मिनट का अध्ययन

विशाखा नक्षत्र: तुला-वृश्चिक के अंश, चार चरण और इंद्राग्नि प्रतीक

२०°००′ तुला से ३°२०′ वृश्चिक तक विशाखा नक्षत्र के अंश, मेष से कर्क तक चार नवांश चरण, इंद्राग्नि प्रतीक और २१०°००′ राशि-सीमा की गणना समझें।

11 मिनट का अध्ययन

ज्येष्ठा नक्षत्र: वृश्चिक के अंश, चार चरण, इंद्र प्रतीक और गंडांत नियम

१६°४०′ से ३०°००′ वृश्चिक तक ज्येष्ठा नक्षत्र के अंश, धनु से मीन तक चार नवांश चरण, इंद्र प्रतीक, १७-वर्षीय बुध दशा और २४०°००′ गंडांत नियम समझें।

11 मिनट का अध्ययन

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र: धनु के अंश, चार चरण, आपः (जल) प्रतीक और उदाहरण

१३°२०′ से २६°४०′ धनु तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के अंश, सिंह से वृश्चिक तक चार नवांश चरण, आपः (जल) प्रतीक और २०-वर्षीय शुक्र महादशा की गणना समझें।

11 मिनट का अध्ययन

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र: धनु-मकर के अंश, चार चरण और विश्वेदेव प्रतीक

२६°४०′ धनु से १०°००′ मकर तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के अंश, दोहरे वर्गोत्तम चरण, विश्वेदेव व अभिजित संबंध और ६-वर्षीय सूर्य दशा की गणना समझें।

11 मिनट का अध्ययन

श्रवण नक्षत्र: मकर के अंश, चार चरण, विष्णु प्रतीक और दशा गणना

१०°००′ से २३°२०′ मकर तक श्रवण नक्षत्र के अंश, मेष से कर्क तक चार नवांश चरण, विष्णु व त्रिविक्रम प्रतीक और १०-वर्षीय चंद्र महादशा की गणना समझें।

11 मिनट का अध्ययन

धनिष्ठा नक्षत्र: मकर-कुंभ के अंश, चार चरण, अष्ट वसु और पंचक नियम

२३°२०′ मकर से ६°४०′ कुंभ तक धनिष्ठा नक्षत्र के अंश, चार चरण, अष्ट वसु प्रतीक, ३००°००′ से पंचक आरम्भ और ७-वर्षीय मंगल महादशा की गणना समझें।

11 मिनट का अध्ययन

शतभिषा नक्षत्र: कुंभ के अंश, चार चरण, वरुण प्रतीक और दशा गणना

६°४०′ से २०°००′ कुंभ तक शतभिषा नक्षत्र के अंश, वर्गोत्तम चरण ३ सहित चारों नवांश, वरुण प्रतीक और १८-वर्षीय राहु महादशा की गणना समझें।

11 मिनट का अध्ययन

दुर्गा पूजा: षष्ठी से विजयदशमी अनुष्ठान, संधि पूजा काल और परंपराएँ

महालया और षष्ठी बोधन से सप्तमी नवपत्रिका, ४८ मिनट की संधि पूजा, महानवमी होम और विजयदशमी विसर्जन तक शारदीय दुर्गा पूजा का शास्त्रीय क्रम जानें।

11 मिनट का अध्ययन

दशहरा (विजयदशमी): आश्विन शुक्ल दशमी, अपराजिता व शमी पूजा और क्षेत्रीय परंपराएँ

आश्विन शुक्ल दशमी पर अपराह्न काल और विजय मुहूर्त का नियम, शमी व अपराजिता पूजन, आयुध पूजा, रामलीला तथा मैसूर, कुल्लू और बस्तर दशहरे की परंपराएँ जानें।

11 मिनट का अध्ययन

चैत्र नवरात्रि (वसंत नवरात्रि): शुक्ल प्रतिपदा से राम नवमी पंचांग और पूजा विधि

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (हिंदू नववर्ष, गुड़ी पड़वा, उगादि) और घटस्थापना के चित्रा-वैधृति नियमों से लेकर अष्टमी हवन व राम नवमी मध्याह्न पूजा तक की विधि जानें।

11 मिनट का अध्ययन

देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी: कार्तिक शुक्ल एकादशी, चातुर्मास समापन और तुलसी विवाह

कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवउठनी/प्रबोधिनी एकादशी) पर चातुर्मास समापन, गन्ने के मंडप में विष्णु जागरण विधि, तुलसी-शालिग्राम विवाह और द्वादशी पारण नियम जानें।

11 मिनट का अध्ययन

निर्जला एकादशी (भीमसेनी एकादशी): ज्येष्ठ शुक्ल नियम, व्रत कथा और पारण विधि

ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी (निर्जला/भीमसेनी/पांडव एकादशी) की पद्म पुराण भीम-व्यास कथा, निर्जला व फलाहारी विकल्प, जलकुंभ दान और द्वादशी पारण नियम जानें।

12 मिनट का अध्ययन

पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र: कुंभ-मीन के अंश, चार चरण और अज एकपाद प्रतीक

२०°००′ कुंभ से ३°२०′ मीन तक पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र के अंश, मेष से कर्क तक चार नवांश चरण, अज एकपाद प्रतीक और १६-वर्षीय गुरु महादशा की गणना समझें।

12 मिनट का अध्ययन

उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र: मीन के अंश, चार चरण और अहिर्बुध्न्य प्रतीक

३°२०′ से १६°४०′ मीन तक उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के अंश, सिंह से वृश्चिक तक चार नवांश चरण, अहिर्बुध्न्य प्रतीक और १९-वर्षीय शनि महादशा की गणना समझें।

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