वसुमती योग: उपचय भावों (3, 6, 10, 11) में शुभ ग्रह, नियम और उदाहरण
जन्म-कुंडली में वसुमती योग की गणना: लग्न या चंद्रमा से उपचय भावों (3, 6, 10, 11) में शुभ ग्रह, पूर्ण व आंशिक नियम और उदाहरण जानें।
॥ असतो मा सद्गमय ॥
जन्म-कुंडली में वसुमती योग की गणना: लग्न या चंद्रमा से उपचय भावों (3, 6, 10, 11) में शुभ ग्रह, पूर्ण व आंशिक नियम और उदाहरण जानें।
१३°२०′ से २६°४०′ सिंह तक पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के अंश, सिंह से वृश्चिक तक चार नवांश चरण, भग प्रतीक और २०-वर्षीय शुक्र महादशा की गणना समझें।
२६°४०′ सिंह से १०°००′ कन्या तक उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के अंश, धनु से मीन तक चार नवांश चरण, अर्यमा प्रतीक और १५०°००′ राशि-सीमा की गणना समझें।
६°४०′ से २०°००′ तुला तक स्वाति नक्षत्र के अंश, धनु से मीन तक चार नवांश चरण, वायु प्रतीक और १८-वर्षीय राहु महादशा-शेष की सटीक गणना समझें।
२०°००′ तुला से ३°२०′ वृश्चिक तक विशाखा नक्षत्र के अंश, मेष से कर्क तक चार नवांश चरण, इंद्राग्नि प्रतीक और २१०°००′ राशि-सीमा की गणना समझें।
१६°४०′ से ३०°००′ वृश्चिक तक ज्येष्ठा नक्षत्र के अंश, धनु से मीन तक चार नवांश चरण, इंद्र प्रतीक, १७-वर्षीय बुध दशा और २४०°००′ गंडांत नियम समझें।
१३°२०′ से २६°४०′ धनु तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के अंश, सिंह से वृश्चिक तक चार नवांश चरण, आपः (जल) प्रतीक और २०-वर्षीय शुक्र महादशा की गणना समझें।
२६°४०′ धनु से १०°००′ मकर तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के अंश, दोहरे वर्गोत्तम चरण, विश्वेदेव व अभिजित संबंध और ६-वर्षीय सूर्य दशा की गणना समझें।
१०°००′ से २३°२०′ मकर तक श्रवण नक्षत्र के अंश, मेष से कर्क तक चार नवांश चरण, विष्णु व त्रिविक्रम प्रतीक और १०-वर्षीय चंद्र महादशा की गणना समझें।
२३°२०′ मकर से ६°४०′ कुंभ तक धनिष्ठा नक्षत्र के अंश, चार चरण, अष्ट वसु प्रतीक, ३००°००′ से पंचक आरम्भ और ७-वर्षीय मंगल महादशा की गणना समझें।
६°४०′ से २०°००′ कुंभ तक शतभिषा नक्षत्र के अंश, वर्गोत्तम चरण ३ सहित चारों नवांश, वरुण प्रतीक और १८-वर्षीय राहु महादशा की गणना समझें।
महालया और षष्ठी बोधन से सप्तमी नवपत्रिका, ४८ मिनट की संधि पूजा, महानवमी होम और विजयदशमी विसर्जन तक शारदीय दुर्गा पूजा का शास्त्रीय क्रम जानें।
आश्विन शुक्ल दशमी पर अपराह्न काल और विजय मुहूर्त का नियम, शमी व अपराजिता पूजन, आयुध पूजा, रामलीला तथा मैसूर, कुल्लू और बस्तर दशहरे की परंपराएँ जानें।
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (हिंदू नववर्ष, गुड़ी पड़वा, उगादि) और घटस्थापना के चित्रा-वैधृति नियमों से लेकर अष्टमी हवन व राम नवमी मध्याह्न पूजा तक की विधि जानें।
कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवउठनी/प्रबोधिनी एकादशी) पर चातुर्मास समापन, गन्ने के मंडप में विष्णु जागरण विधि, तुलसी-शालिग्राम विवाह और द्वादशी पारण नियम जानें।
ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी (निर्जला/भीमसेनी/पांडव एकादशी) की पद्म पुराण भीम-व्यास कथा, निर्जला व फलाहारी विकल्प, जलकुंभ दान और द्वादशी पारण नियम जानें।
२०°००′ कुंभ से ३°२०′ मीन तक पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र के अंश, मेष से कर्क तक चार नवांश चरण, अज एकपाद प्रतीक और १६-वर्षीय गुरु महादशा की गणना समझें।
३°२०′ से १६°४०′ मीन तक उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के अंश, सिंह से वृश्चिक तक चार नवांश चरण, अहिर्बुध्न्य प्रतीक और १९-वर्षीय शनि महादशा की गणना समझें।
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