अपने शहर के लिए एकादशी पारण का समय कैसे खोजें
अपनी परंपरा, स्थानीय सूर्योदय, द्वादशी और समय-क्षेत्र देखकर एकादशी पारण का सही समय खोजें।
॥ असतो मा सद्गमय ॥
अपनी परंपरा, स्थानीय सूर्योदय, द्वादशी और समय-क्षेत्र देखकर एकादशी पारण का सही समय खोजें।
जानें कि स्थानीय सूर्योदय पंचांग की तारीख से कैसे जुड़ता है, सूर्योदय की गणना अलग क्यों होती है और कौन-से पर्व दूसरे समय पर निर्भर हैं।
विदेश में पर्व की तारीख स्थानीय शहर, परंपरा और अनुष्ठान के नियम से चुनें; भारत की तारीख में केवल समय-क्षेत्र न जोड़ें।
समझें कि हिंदू तिथि अंग्रेजी तारीख से कैसे अलग है, वह आधी रात क्यों पार करती है और पंचांग में सूर्योदय से दिन का नाम कैसे तय होता है।
पंचांग ऐप की सही तुलना करें: स्थान, समय-क्षेत्र, सूर्योदय की सेटिंग, गणना-पद्धति और पर्व-नियम अलग हो सकते हैं।
जानें अमांत और पूर्णिमांत में चंद्र मास कहाँ समाप्त होता है, कृष्ण पक्ष का नाम क्यों बदल सकता है और दो पंचांग कैसे मिलाएँ।
अधिक मास क्यों आता है, दो अमावस्याओं के बीच संक्रांति न होने का नियम और 2023 के अधिक श्रावण का जाँचा हुआ उदाहरण पढ़ें।
राहुकाल के आठ भागों की गणना, वार का नियम, शहर और ऋतु से समय बदलने का कारण और पंचांग मिलाने की विधि जानें।
एक ही तारीख, एक ही गणना-तंत्र और सूर्य-चंद्र उदाहरण से लाहिड़ी, रमन और कृष्णमूर्ति अयनांश की तुलना करें।
जन्म के क्षण की तिथि पहचानें और उसे वार्षिक पालन के लिए चुनी जाने वाली स्थानीय तारीख से अलग समझें।
उत्तर भारतीय कुंडली में लग्न पहचानें, भाव और राशि संख्या अलग रखें, ग्रह संकेत समझें और 12 भावों का उदाहरण पढ़ें।
उत्तर और दक्षिण भारतीय कुंडली समान जन्म-विवरण को अलग रूप में दिखाती हैं। स्थिर भाव, स्थिर राशियाँ और एक उदाहरण का रूपांतरण देखें।
लग्न, चंद्र राशि और सूर्य राशि ज्योतिष के अलग संकेत हैं। जानें इनकी गणना कैसे होती है और एक जाँचा हुआ निरयन उदाहरण देखें।
क्या कुंडली के एक ही भाव में ग्रह होना हमेशा युति है? राशि, भाव और सही अंश-दूरी के उदाहरणों से अंतर समझें।
जानें कि 10 मिनट का जन्म-समय अंतर वैदिक कुंडली में क्या बदल सकता है। जयपुर के दो जाँचे उदाहरण स्थिर लग्न और राशि-सीमा पार दिखाते हैं।
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