॥ असतो मा सद्गमय ॥

ज्योतिष और परंपरा का अध्ययन

कुंडली, ग्रह, भाव, मंत्र, पर्व और पंचांग पर स्पष्ट, विस्तृत और संदर्भ-सचेत लेख। एक विषय से शुरू करें, एक-एक कदम।

सभी अध्ययन लेख

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9 मिनट का अध्ययन

दुकान वास्तु: दुकान के नक्शे और ग्राहक आवाजाही की व्यावहारिक जानकारी

प्रवेश, काउंटर और सामान के दुकान वास्तु सुझावों के साथ सुलभता, सुरक्षित गलियारों और ग्राहक अनुभव पर उपयोगी मार्गदर्शन।

9 मिनट का अध्ययन

मंदिर वास्तु: घर के पूजास्थल और पवित्र जगह की सम्मानपूर्ण जानकारी

घर के मंदिर और पूजा स्थल पर वास्तु परंपराएँ जानें; पूजा-पद्धति के अंतर, सम्मानपूर्ण देखभाल और व्यावहारिक सुरक्षा सहित।

9 मिनट का अध्ययन

वास्तु पिरामिड: परंपरा, जगह और व्यावहारिक सावधानियाँ

वास्तु पिरामिड का पारंपरिक अर्थ, स्थान संबंधी अलग सलाह और जोखिम या अनावश्यक खर्च से बचते हुए उत्पाद जाँचने के तरीके समझें।

8 मिनट का अध्ययन

वास्तु शांति पूजा: अर्थ, तैयारी और विधि के अलग रूप

परिवार वास्तु शांति पूजा क्यों करते हैं, कुछ विधियों में क्या होता है और बिना डराने वाले दावों के इसकी तैयारी कैसे करें।

9 मिनट का अध्ययन

वास्तु यंत्र: अर्थ, उपयोग, स्थापना और व्यावहारिक मार्गदर्शन

जानें कि वास्तु यंत्र क्या दर्शाता है, परंपराओं में इसका उपयोग कैसे अलग हो सकता है, इसे चुनने से पहले क्या पूछें और यह भवन-मरम्मत का विकल्प क्यों नहीं है।

9 मिनट का अध्ययन

प्रथम भाव में चंद्र-मंगल युति: वैदिक ज्योतिष में अर्थ

प्रथम भाव में चंद्रमा और मंगल की युति का पारंपरिक अर्थ, कुंडली के प्रभावकारी कारक और इसकी संतुलित व्याख्या जानें।

9 मिनट का अध्ययन

प्रथम भाव में सूर्य-केतु युति: संतुलित वैदिक ज्योतिष मार्गदर्शिका

जानें कि ज्योतिष में प्रथम भाव की सूर्य-केतु युति की व्याख्या कैसे होती है, पूरी कुंडली क्यों जरूरी है और ग्रहण से जुड़े दावों में क्या संदर्भ चाहिए।

9 मिनट का अध्ययन

प्रथम भाव में सूर्य-मंगल युति: अर्थ, क्षमताएँ और संदर्भ

प्रथम भाव में सूर्य और मंगल की युति का संतुलित अर्थ, पारंपरिक संकेत, कुंडली के कारक और इस स्थिति की सीमाएँ जानें।

8 मिनट का अध्ययन

प्रथम भाव में सूर्य-राहु युति: बिना डर के पारंपरिक अर्थ

प्रथम भाव में सूर्य और राहु की युति की पारंपरिक व्याख्या, पूरी कुंडली की भूमिका और यह स्थिति अपने-आप ग्रहण क्यों नहीं है—जानें।

8 मिनट का अध्ययन

स्मार्त और वैष्णव एकादशी: व्रत की तिथियाँ अलग क्यों होती हैं?

एकादशी के दो व्रत-दिन क्यों आते हैं? नई दिल्ली के जाँचे हुए उदाहरण से सूर्योदय, अरुणोदय, पारण और सही कैलेंडर चुनने का तरीका समझें।

7 मिनट का अध्ययन

पंचांग में 25:30 और 26:15 का अर्थ: सही तारीख और समय निकालें

24+ पंचांग समय को सही नागरिक तारीख और घड़ी में बदलें। काम करने वाला कन्वर्टर, समयरेखा, उदाहरण तथा सूर्योदय और समय-क्षेत्र की स्पष्ट जानकारी।

7 मिनट का अध्ययन

जन्म समय नहीं पता: कुंडली से क्या निश्चित जान सकते हैं?

जन्म समय अज्ञात हो तो लग्न, चंद्र राशि और नक्षत्र कैसे बदलते हैं? नई दिल्ली के गणना-आधारित उदाहरण और समय की अनिश्चितता जाँचने का तरीका समझें।

7 मिनट का अध्ययन

अलग वेबसाइट पर कुंडली अलग क्यों आती है? सेटिंग मिलाने की गाइड

अलग कुंडलियों का कारण गणना के उदाहरण से समझें। राशि-चक्र, अयनांश, समय-क्षेत्र, भाव और चंद्र-नोड की सेटिंग मिलाने की उपयोगी सूची।

7 मिनट का अध्ययन

राशि कुंडली और भाव चलित: ग्रह का भाव क्यों बदलता है?

चित्र और जाँचे हुए उदाहरण से राशि कुंडली तथा भाव चलित का अंतर समझें। ग्रह के अंश और राशि समान रहते हुए उसका भाव कैसे बदल सकता है—जानें।

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