॥ शुभमस्तु ॥

संपत्ति खरीद मुहूर्त सितंबर 2027

सितंबर 2027 में संपत्ति खरीद के 9 शुभ मुहूर्त: 2, 3, 5, 7, 9, 17, 18, 22, 25 सितंबर। तिथि, नक्षत्र, योग, भद्रा और राहुकाल के कारण सहित, अपने शहर के समय के साथ।
किस कार्य के लिए?
अपनी राशि से मिलाएँ (वैकल्पिक)

राशि से चंद्र बल और नक्षत्र से तारा बल जुड़ता है। विवाह में दोनों पक्षों के लिए अलग से देखें।

अवधि

आपके चयन के अनुसार परिणाम तैयार हैं।

संपत्ति खरीद मुहूर्त: 9 शुभ तिथियाँ

1 सितंबर – 30 सितंबर 2027 · नई दिल्ली

जिन तिथियों को परिवार को भेजना है, उन्हें चुनें।

  1. 2सितंबरगुरुवार

    उत्तम

    सुबह 7:34 – दोपहर 1:56

    अन्य समय: दोपहर 3:31 – शाम 6:42

    शुक्ल द्वितीया · उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · साध्य योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  2. 3सितंबरशुक्रवार

    शुभ

    दोपहर 12:20 – दोपहर 2:19

    अन्य समय: सुबह 6:00 – सुबह 10:45

    शुक्ल तृतीया · हस्त नक्षत्र · शुभ योग

    • शुक्रवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  3. 5सितंबररविवार

    सामान्य

    दोपहर 2:28 – शाम 5:03

    शुक्ल पंचमी · विशाखा नक्षत्र · इन्द्र योग

    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  4. 7सितंबरमंगलवार

    सामान्य

    सुबह 6:01 – सुबह 9:10

    अन्य समय: सुबह 10:44 – सुबह 11:28

    शुक्ल सप्तमी · अनुराधा नक्षत्र · विष्कम्भ योग

    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  5. 9सितंबरगुरुवार

    शुभ

    दोपहर 3:26 – शाम 6:33

    शुक्ल नवमी · मूल नक्षत्र · आयुष्मान योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  6. 17सितंबरशुक्रवार

    उत्तम

    शाम 4:52 – शाम 6:24

    अन्य समय: सुबह 6:06 – सुबह 10:43 · दोपहर 12:15 – दोपहर 3:19

    कृष्ण द्वितीया · उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र · गण्ड योग

    • शुक्रवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • अमृत सिद्धि योग
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  7. 18सितंबरशनिवार

    शुभ

    सुबह 10:43 – दोपहर 1:47

    अन्य समय: सुबह 6:07 – सुबह 9:11 · दोपहर 3:19 – शाम 4:45

    कृष्ण द्वितीया · रेवती नक्षत्र · वृद्धि योग

    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  8. 22सितंबरबुधवार

    शुभ

    शाम 5:17 – शाम 6:18

    कृष्ण सप्तमी · रोहिणी नक्षत्र · सिद्धि योग

    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • भद्रा (विष्टि करण) का समय हटाया गया
  9. 25सितंबरशनिवार

    सामान्य

    सुबह 6:10 – सुबह 9:11

    अन्य समय: सुबह 10:42 – सुबह 11:45

    कृष्ण दशमी · पुनर्वसु नक्षत्र · परिघ योग

    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
    • भद्रा (विष्टि करण) का समय हटाया गया
छोड़ी गई तिथियाँ और कारण (21)
तिथि, नक्षत्र और योग का शुभ मेल नहीं
1 सित॰, 4 सित॰, 6 सित॰, 8 सित॰, 10 सित॰, 11 सित॰, 12 सित॰, 13 सित॰, 14 सित॰, 15 सित॰, 16 सित॰, 19 सित॰, 20 सित॰, 21 सित॰, 23 सित॰, 24 सित॰, 26 सित॰, 27 सित॰, 28 सित॰, 29 सित॰, 30 सित॰

सितंबर 2027 में नई दिल्ली के लिए संपत्ति खरीद के 9 शुभ मुहूर्त हैं: 2 सितंबर, 3 सितंबर, 5 सितंबर, 7 सितंबर, 9 सितंबर, 17 सितंबर, 18 सितंबर, 22 सितंबर, 25 सितंबर।

संपत्ति खरीद मुहूर्त कैसे देखा जाता है

ज़मीन, फ्लैट या मकान की रजिस्ट्री और बयाना देने के लिए स्थिर नक्षत्र, शुभ तिथि और गुरु या शुक्रवार अच्छे माने जाते हैं। गुरु-पुष्य योग संपत्ति के लिए विशेष शुभ है।

  • नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, हस्त, विशाखा, अनुराधा, मूल, रेवती और तीनों उत्तरा
  • सोम, गुरु और शुक्रवार को प्राथमिकता
  • गुरु-पुष्य और रवि-पुष्य को अतिरिक्त अंक
  • खरमास और अधिक मास में सावधानी का संकेत

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रजिस्ट्री का समय देखें या बयाने का?

दोनों के लिए एक ही नियम लागू होते हैं। जो काम पहले हो रहा है, उसे शुभ समय-खंड में रखें।

क्या एक ही तिथि हर शहर में शुभ होती है?

तिथि और नक्षत्र पूरे भारत में लगभग एक जैसे रहते हैं, पर सूर्योदय, राहुकाल और समय-खंड शहर के अनुसार बदलते हैं। इसलिए अपना शहर चुनें।

अंतिम तिथि कैसे तय करें?

यह सूची सामान्य पंचांग नियमों पर आधारित है। अंतिम निर्णय से पहले अपने कुल-पुरोहित या पंडित जी से वर-वधू या परिवार की कुंडली के साथ मिलान अवश्य कराएँ।

ये तिथियाँ कैसे चुनी गईं

हर दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण और चंद्र राशि के सटीक बदलने के समय NASA JPL DE440s पंचांग गणना और लाहिड़ी अयनांश से निकाले जाते हैं। फिर कार्य के नियमों से मिलान होता है, और भद्रा, व्यतीपात, वैधृति, राहुकाल और यमगंड का समय हटाया जाता है।

पूरे दिन वर्जित
चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास (कार्य के अनुसार)
अतिरिक्त अंक
सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, गुरु-पुष्य, रवि-पुष्य, अभिजित मुहूर्त, शुक्ल पक्ष
व्यक्तिगत (वैकल्पिक)
चंद्र बल और तारा बल
लग्न शुद्धि और कुंडली मिलान इसमें शामिल नहीं हैं; इन्हें पंडित जी से देखवाएँ।

संपत्ति खरीद मुहूर्त: महीने के अनुसार

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