॥ शुभमस्तु ॥

मुंडन मुहूर्त मार्च 2027

मार्च 2027 में मुंडन के 3 शुभ मुहूर्त: 10, 11, 15 मार्च। तिथि, नक्षत्र, योग, भद्रा और राहुकाल के कारण सहित, अपने शहर के समय के साथ।
किस कार्य के लिए?
अपनी राशि से मिलाएँ (वैकल्पिक)

राशि से चंद्र बल और नक्षत्र से तारा बल जुड़ता है। विवाह में दोनों पक्षों के लिए अलग से देखें।

अवधि

आपके चयन के अनुसार परिणाम तैयार हैं।

मुंडन मुहूर्त: 3 शुभ तिथियाँ

1 मार्च – 31 मार्च 2027 · नई दिल्ली

  • खरमास (सूर्य धनु या मीन में)16 मार्च – 31 मार्च: इन दिनों मुंडन नहीं

जिन तिथियों को परिवार को भेजना है, उन्हें चुनें।

  1. 10मार्चबुधवार

    शुभ

    दोपहर 2:00 – शाम 6:26

    अन्य समय: सुबह 10:51 – दोपहर 12:31

    शुक्ल द्वितीया · रेवती नक्षत्र · शुक्ल योग

    • बुधवार अनुकूल वार
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  2. 11मार्चगुरुवार

    उत्तम

    सुबह 8:04 – दोपहर 2:00

    शुक्ल तृतीया · रेवती नक्षत्र · ब्रह्म योग

    • गुरुवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • अभिजित मुहूर्त शामिल
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
  3. 15मार्चसोमवार

    उत्तम

    सुबह 9:30 – सुबह 10:51

    शुक्ल सप्तमी · मृगशिरा नक्षत्र · प्रीति योग

    • सोमवार अनुकूल वार
    • सर्वार्थ सिद्धि योग
    • अमृत सिद्धि योग
    • शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्रमा)
    • राहुकाल और यमगंड का समय हटाया गया
छोड़ी गई तिथियाँ और कारण (28)
तिथि, नक्षत्र और योग का शुभ मेल नहीं
1 मार्च, 3 मार्च, 4 मार्च, 5 मार्च, 7 मार्च, 8 मार्च, 12 मार्च, 14 मार्च
मंगलवार इस कार्य के लिए वर्जित
2 मार्च, 9 मार्च
शनिवार इस कार्य के लिए वर्जित
6 मार्च, 13 मार्च
खरमास (सूर्य धनु या मीन में)
16 मार्च, 17 मार्च, 18 मार्च, 19 मार्च, 20 मार्च, 21 मार्च, 22 मार्च, 23 मार्च, 24 मार्च, 25 मार्च, 26 मार्च, 27 मार्च, 28 मार्च, 29 मार्च, 30 मार्च, 31 मार्च

मार्च 2027 में नई दिल्ली के लिए मुंडन के 3 शुभ मुहूर्त हैं: 10 मार्च, 11 मार्च, 15 मार्च। 16 मार्च से 31 मार्च तक खरमास (सूर्य धनु या मीन में) होने से इन दिनों मुंडन नहीं किया जाता।

मुंडन मुहूर्त कैसे देखा जाता है

मुंडन (चूड़ाकर्म) संस्कार के लिए चर और लघु नक्षत्र, शुभ तिथि और सोम, बुध, गुरु या शुक्रवार देखे जाते हैं। यह संस्कार दिन में किया जाता है और चातुर्मास, खरमास तथा गुरु-शुक्र अस्त में नहीं होता।

  • नक्षत्र: अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती
  • मंगलवार और शनिवार नहीं
  • चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त और अधिक मास वर्जित
  • केवल दिन के समय-खंड

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंडन किस उम्र में होता है?

अधिकतर परिवार पहले, तीसरे या पाँचवें वर्ष में मुंडन कराते हैं। उम्र का नियम कुल-परंपरा के अनुसार बदलता है।

क्या एक ही तिथि हर शहर में शुभ होती है?

तिथि और नक्षत्र पूरे भारत में लगभग एक जैसे रहते हैं, पर सूर्योदय, राहुकाल और समय-खंड शहर के अनुसार बदलते हैं। इसलिए अपना शहर चुनें।

अंतिम तिथि कैसे तय करें?

यह सूची सामान्य पंचांग नियमों पर आधारित है। अंतिम निर्णय से पहले अपने कुल-पुरोहित या पंडित जी से वर-वधू या परिवार की कुंडली के साथ मिलान अवश्य कराएँ।

ये तिथियाँ कैसे चुनी गईं

हर दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण और चंद्र राशि के सटीक बदलने के समय NASA JPL DE440s पंचांग गणना और लाहिड़ी अयनांश से निकाले जाते हैं। फिर कार्य के नियमों से मिलान होता है, और भद्रा, व्यतीपात, वैधृति, राहुकाल और यमगंड का समय हटाया जाता है।

पूरे दिन वर्जित
चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास (कार्य के अनुसार)
अतिरिक्त अंक
सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, गुरु-पुष्य, रवि-पुष्य, अभिजित मुहूर्त, शुक्ल पक्ष
व्यक्तिगत (वैकल्पिक)
चंद्र बल और तारा बल
लग्न शुद्धि और कुंडली मिलान इसमें शामिल नहीं हैं; इन्हें पंडित जी से देखवाएँ।

मुंडन मुहूर्त: महीने के अनुसार

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