हिंदू परंपराओं में गौतम बुद्ध: जीवन, शिक्षा और विष्णु-अवतार का प्रश्न
गौतम बुद्ध के जीवन की रूपरेखा जानें, बौद्ध परंपरा को वैष्णव अवतार-विचार से अलग समझें और हिंदू व्याख्याओं में मतभेद पहचानें।
॥ असतो मा सद्गमय ॥
गौतम बुद्ध के जीवन की रूपरेखा जानें, बौद्ध परंपरा को वैष्णव अवतार-विचार से अलग समझें और हिंदू व्याख्याओं में मतभेद पहचानें।
महाभारत में इरावन का परिचय, तमिल अरावन परंपरा का विकास और ट्रांसजेंडर समुदायों के लिए कूवागम उत्सव का महत्त्व जानें।
वैष्णव भविष्यवाणी में कल्कि की भूमिका, शंभल की भागवत पुराण कथा और आज की कोई निश्चित तारीख या पहचान बताने की सीमा समझें।
कामदेव को इच्छा के देवता के रूप में जानें, उनके पुष्प-बाण और पत्नी रति को समझें तथा शिव द्वारा काम को भस्म करने की कथा पढ़ें।
जानें कि कुछ श्रीविद्या परंपराओं में कामेश्वरी का संबंध शुक्ल प्रतिपदा से क्यों है, तिथि-नित्या को कैसे समझते हैं और साधना में कहाँ भेद है।
स्कंद, सुब्रह्मण्य और मुरुगन नामों से पूजे जाने वाले कार्तिकेय की कथाएँ, वेल और मयूर के प्रतीक तथा क्षेत्रीय उपासना जानें।
महाराष्ट्र और दक्कन में पूजे जाने वाले खंडोबा, मल्हारी मार्तंड, जेजुरी मंदिर और समुदायों के अनुसार बदलती क्षेत्रीय कथाओं को जानें।
व्रज की बाल-लीलाओं, भगवद्गीता में कृष्ण के उपदेश, उनके परिचित प्रतीकों और वैष्णव परंपराओं में उनके अलग-अलग स्वरूपों को जानें।
जानें कि समुद्र-मंथन में विष्णु का कूर्म रूप मंदर पर्वत को कैसे सँभालता है, अलग ग्रंथों में कथा कैसे बदलती है और कूर्म-पूजा कहाँ होती है।
समुद्र-मंथन में विष्णु के कछुआ-स्वरूप कूर्मावतार, दशावतार में उनका स्थान और कूर्म तथा कूर्म पुराण का अंतर समझें।
देवी माहात्म्य में महामाया, विष्णु की योगनिद्रा और मधु-कैटभ की कथा तथा माया के कई अर्थ समझें।
गौड़ीय वैष्णव सृष्टि-दर्शन में महाविष्णु, विष्णु के तीन पुरुष-रूपों का भेद और संप्रदायों की अलग व्याख्या जानें।
महाविद्याओं में मातंगी का स्थान, वाणी-संगीत से उनका संबंध और गुरु-परंपरा के अनुसार बदलने वाले स्वरूप व तांत्रिक साधना जानें।
महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पूजा में म्हसोबा, खेत और गाँव की सीमा से जुड़े उनके रक्षक-स्वरूप तथा समुदायों के अनुसार बदलती रीति जानें।
श्रीविद्या के एक नित्या-क्रम में दशमी की दसवीं तिथि-नित्या नित्या देवी को समझें, चंद्र-काल का शाक्त उपासना में अर्थ जानें और इसे दशमी का सार्वभौमिक नियम क्यों नहीं मानना चाहिए।
जानें पांडुरंग कौन हैं, भक्त उन्हें विठ्ठल या विठोबा क्यों कहते हैं, पुंडलिक की कथा क्या है और पंढरपुर की वारी महाराष्ट्र के भक्ति-जीवन को कैसे आकार देती है।
सर्वमंगला नाम का अर्थ, चंद्र-देवियों के श्रीविद्या क्रम में उनका स्थान और उनका त्रयोदशी संबंध व्यापक हिंदू पर्वों से किस तरह अलग है—यह जानें।
शिवदूती के दो संदर्भ जानें: श्रीविद्या क्रम की सातवीं तिथि-नित्या और देवी माहात्म्य में शिव को अपना दूत नियुक्त करने वाली देवी।
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