॥ शुभमस्तु ॥
वाहन खरीद मुहूर्त अगस्त 2027
वाहन खरीद मुहूर्त: 11 शुभ तिथियाँ
1 अगस्त – 31 अगस्त 2027 · नई दिल्ली
जिन तिथियों को परिवार को भेजना है, उन्हें चुनें।
- 6अगस्तशुक्रवार
- 7अगस्तशनिवार
- 8अगस्तरविवार
- 11अगस्तबुधवार
- 14अगस्तशनिवार
- 15अगस्तरविवार
- 18अगस्तबुधवार
- 22अगस्तरविवार
- 23अगस्तसोमवार
- 26अगस्तगुरुवार
- 28अगस्तशनिवार
छोड़ी गई तिथियाँ और कारण (20)
- तिथि, नक्षत्र और योग का शुभ मेल नहीं
- 1 अग॰, 2 अग॰, 4 अग॰, 5 अग॰, 9 अग॰, 12 अग॰, 13 अग॰, 16 अग॰, 19 अग॰, 20 अग॰, 21 अग॰, 25 अग॰, 27 अग॰, 29 अग॰, 30 अग॰
- मंगलवार इस कार्य के लिए वर्जित
- 3 अग॰, 10 अग॰, 17 अग॰, 24 अग॰, 31 अग॰
अगस्त 2027 में नई दिल्ली के लिए वाहन खरीद के 11 शुभ मुहूर्त हैं: 6 अगस्त, 7 अगस्त, 8 अगस्त, 11 अगस्त, 14 अगस्त, 15 अगस्त, 18 अगस्त, 22 अगस्त, 23 अगस्त, 26 अगस्त, 28 अगस्त।
वाहन खरीद मुहूर्त कैसे देखा जाता है
नया वाहन लेने या उसकी डिलीवरी के लिए चर और लघु नक्षत्र, शुभ तिथि और भद्रा तथा राहुकाल से रहित समय देखा जाता है। गुरु-पुष्य और रवि-पुष्य योग खरीदारी के लिए विशेष शुभ माने जाते हैं।
- नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती और तीनों उत्तरा
- मंगलवार को वाहन खरीद नहीं
- गुरु-पुष्य और रवि-पुष्य को अतिरिक्त अंक
- खरमास में सावधानी का संकेत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
डिलीवरी का समय देखें या बुकिंग का?
परंपरा में वाहन को घर लाने या पहली बार चलाने का समय अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए डिलीवरी इसी समय-खंड में लें।
क्या एक ही तिथि हर शहर में शुभ होती है?
तिथि और नक्षत्र पूरे भारत में लगभग एक जैसे रहते हैं, पर सूर्योदय, राहुकाल और समय-खंड शहर के अनुसार बदलते हैं। इसलिए अपना शहर चुनें।
क्या खरमास में वाहन ले सकते हैं?
खरमास में विवाह जैसे संस्कार वर्जित हैं, पर खरीदारी को कई परिवार करते हैं। इसलिए यहाँ खरमास के दिन हटाए नहीं गए, केवल सावधानी के साथ कम अंक दिए गए हैं।
ये तिथियाँ कैसे चुनी गईं
हर दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक तिथि, नक्षत्र, योग, करण और चंद्र राशि के सटीक बदलने के समय NASA JPL DE440s पंचांग गणना और लाहिड़ी अयनांश से निकाले जाते हैं। फिर कार्य के नियमों से मिलान होता है, और भद्रा, व्यतीपात, वैधृति, राहुकाल और यमगंड का समय हटाया जाता है।
- पूरे दिन वर्जित
- चातुर्मास, खरमास, गुरु-शुक्र अस्त, अधिक मास (कार्य के अनुसार)
- अतिरिक्त अंक
- सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, गुरु-पुष्य, रवि-पुष्य, अभिजित मुहूर्त, शुक्ल पक्ष
- व्यक्तिगत (वैकल्पिक)
- चंद्र बल और तारा बल
- लग्न शुद्धि और कुंडली मिलान इसमें शामिल नहीं हैं; इन्हें पंडित जी से देखवाएँ।