भगवद्गीता 3.21 का अर्थ: उदाहरण से नेतृत्व, आचरण और साझा मानक
गीता 3.21 का संस्कृत पाठ, पदार्थ, अध्याय-संदर्भ और रामानुज की नामित व्याख्या पढ़ें। जिम्मेदार प्रभाव, सुधार और रोजमर्रा के उदाहरण विस्तार से समझें।
॥ असतो मा सद्गमय ॥
गीता 3.21 का संस्कृत पाठ, पदार्थ, अध्याय-संदर्भ और रामानुज की नामित व्याख्या पढ़ें। जिम्मेदार प्रभाव, सुधार और रोजमर्रा के उदाहरण विस्तार से समझें।
गीता 2.50 का संस्कृत पाठ, पदार्थ, संदर्भ और रामानुज की नामित व्याख्या पढ़ें। कर्म-कौशल, समता और जिम्मेदार अभ्यास को विस्तृत उदाहरणों से समझें।
न हि ज्ञानेन सदृशं को संस्कृत, पद-अर्थ, अध्याय के संदर्भ और शंकरभाष्य के साथ पढ़ें। मौलिक अभ्यास और सामान्य गलत पढ़तें समझें।
आपूर्यमाणमचलप्रतिष्ठं का संस्कृत पाठ, पदार्थ, अध्याय-संदर्भ और शंकरभाष्य पढ़ें। समुद्र की उपमा को मौलिक उदाहरणों और चिंतन-प्रश्नों से समझें।
असंशयं महाबाहो का पूरा श्लोक, पदार्थ और 6.33–36 का संवाद पढ़ें। शंकरभाष्य तथा मौलिक अध्ययन-उदाहरणों से अभ्यास और वैराग्य का संबंध समझें।
गीता 18.14 के संस्कृत पाठ, सरल हिंदी अर्थ, पाँच कारण और शंकर भाष्य को संदर्भ सहित पढ़ें। विनम्रता, दैव और जिम्मेदारी का अंतर समझें।
गीता 18.26 के संस्कृत पाठ, सरल हिंदी अर्थ और शंकर भाष्य में सात्त्विक कर्ता समझें। धृति और उत्साह को आसक्ति तथा अहंकार से अलग पढ़ें।
गीता 4.22 का संस्कृत पाठ, पदार्थ, शंकरभाष्य का संन्यासी-संदर्भ और संतोष, तुलना, समता तथा निष्क्रियता के अंतर विस्तार से पढ़ें।
गीता 2.58 का पूरा पाठ, पदार्थ और शंकरभाष्य पढ़ें; कछुए की उपमा से विषय-संपर्क, बचा आकर्षण और स्थिर समझ का अंतर जानें।
गीता 3.27 का पूरा संस्कृत पाठ, पद-अर्थ, 3.25–30 का प्रसंग और देह-इन्द्रियों से पहचान पर शंकरभाष्य की व्याख्या विस्तार से पढ़ें।
गीता 5.10 का संस्कृत पाठ, पद-अर्थ, 5.8–12 का संदर्भ और शंकर की व्याख्या पढ़ें। कमल-पत्र की उपमा को जिम्मेदार कर्म के उदाहरण से समझें।
दोनों श्लोकों का संस्कृत पाठ, आठ पद-समूह, बाधित इच्छा और स्मृति पर शंकर की व्याख्या पढ़ें। आधुनिक उदाहरण से मनन और सुधार की जगह समझें।
तेषां सततयुक्तानां का अर्थ संस्कृत, लिप्यंतरण, पद-विवेचन और 10.8–11 के संदर्भ से समझें। शंकर भाष्य तथा आधुनिक जीवन के सावधान उदाहरण सहित।
अनपेक्षः शुचिर्दक्ष का अर्थ संस्कृत, पद-विवेचन और शंकर भाष्य से समझें। उदासीनता, सर्वारम्भपरित्याग और भक्ति के संबंध का विस्तृत अध्ययन।
यथा दीपो निवातस्थो का संस्कृत पाठ, पद-अर्थ, संधि और शंकर भाष्य पढ़ें। दीपक की उपमा को अध्याय के आध्यात्मिक संदर्भ और सीमित आधुनिक उदाहरण से समझें।
आत्मौपम्येन सर्वत्र का संस्कृत पाठ, पद-अर्थ और शंकर भाष्य पढ़ें। अपने समान दूसरों का सुख-दुःख देखने को संदर्भ और सावधान आधुनिक उदाहरण से समझें।
स्वकर्मणा तमभ्यर्च्य का संस्कृत पाठ, पद-अर्थ और शंकर भाष्य पढ़ें। ईश्वर की व्यापकता, स्वकर्म, ज्ञान की योग्यता और सावधान आधुनिक अनुप्रयोग समझें।
गीता 17.20 का संस्कृत, IAST, पद-अर्थ और शंकर भाष्य पढ़ें। दान, प्रत्युपकार, देश-काल-पात्र और स्पष्ट आधुनिक उदाहरण से अर्थ समझें।
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