॥ असतो मा सद्गमय ॥

ज्योतिष और परंपरा का अध्ययन

कुंडली, ग्रह, भाव, मंत्र, पर्व और पंचांग पर स्पष्ट, विस्तृत और संदर्भ-सचेत लेख। एक विषय से शुरू करें, एक-एक कदम।

ज्योतिष और कुंडली

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13 मिनट का अध्ययन

कुंडली में पुष्कल योग: चंद्र राशि स्वामी, लग्नेश और केंद्र के नियम तथा उदाहरण

जन्म-कुंडली में पुष्कल योग की परख: चंद्र-राशि स्वामी और लग्नेश का केंद्र या मित्र राशि में संबंध, लग्न में बली ग्रह, लग्न पर दृष्टि और उदाहरण।

15 मिनट का अध्ययन

महाभाग्य योग: दिन व रात्रि जन्म, विषम-सम लग्न, सूर्य व चंद्र राशि के नियम और उदाहरण

ज्योतिष में महाभाग्य योग की गणना: स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त से दिन-रात्रि जन्म और लग्न, सूर्य व चंद्र की विषम (ओज) या सम (युग्म) राशि समरूपता के नियम।

13 मिनट का अध्ययन

वैदिक ज्योतिष में दोष: कुंडली के प्रमुख दोष, मिलान कूट और शास्त्रीय संदर्भ

वैदिक ज्योतिष में दोष का शास्त्रीय विश्लेषण: जन्म-कुंडली के ग्रह दोष, अष्टकूट मिलान दोष और पंचांग मुहूर्त दोष के नियम, परिहार व व्यावहारिक जाँच।

13 मिनट का अध्ययन

शकट योग (शकट दोष): गुरु से छठे, आठवें या बारहवें भाव में चंद्रमा और भंग नियम

कुंडली में शकट योग (शकट दोष) की गणना: गुरु से 6, 8, 12वें भाव में चंद्रमा, फलदीपिका के लग्न-केंद्र भंग नियम, नाभस शकट भेद और उदाहरण।

13 मिनट का अध्ययन

कुंडली के कठिन (अव/दरिद्र) योग: शास्त्रीय नियम, योग-भंग और संतुलित व्याख्या

कुंडली के कठिन (अव, दरिद्र, केमद्रुम व दुःस्थान) योगों की शास्त्रीय जाँच: बृहत् पाराशर होरा शास्त्र और फलदीपिका के योग-भंग नियम व संतुलित अध्ययन।

13 मिनट का अध्ययन

कुंडली मिलान में वर्ण कूट: 1 अंक की राशि-आधारित गणना, सारणी और वास्तविक अर्थ

अष्टकूट कुंडली मिलान में वर्ण कूट की गणना: 1 अंक का चंद्र-राशि तत्व वर्गीकरण, 4x4 गुण सारणी, राशीश मैत्री नियम और सामाजिक वर्ण से स्पष्ट अंतर।

12 मिनट का अध्ययन

कुंडली मिलान में वश्य कूट: 2 अंक के पाँच राशि वर्ग, गणना सारणी और उदाहरण

कुंडली मिलान में वश्य कूट का संपूर्ण मार्गदर्शक: 2 अंक के पाँच राशि वर्ग, धनु-मकर का 15-अंश विभाजन, 5x5 अंक सारणी और व्यावहारिक उदाहरण।

14 मिनट का अध्ययन

प्रथम भाव (लग्न) में गुरु: दिग्बल, पंचम-सप्तम-नवम दृष्टि और 12 लग्नों में फल

प्रथम भाव (लग्न) में बृहस्पति का शास्त्रीय विश्लेषण: पूर्ण पूर्व दिग्बल, 5-7-9 धर्म-त्रिकोण दृष्टियाँ, हंस महापुरुष योग और 12 लग्नों में फल।

13 मिनट का अध्ययन

चतुर्थ भाव (सुख भाव) में गुरु: केंद्र नियम, दृष्टियाँ और 12 लग्नों में कुंडली उदाहरण

चतुर्थ भाव (सुख भाव) में गुरु का अध्ययन: केंद्र बल, अष्टम-दशम-द्वादश भावों पर 5-7-9 दृष्टि, हंस योग, केंद्राधिपति नियम और 12 लग्नों में फल।

14 मिनट का अध्ययन

पंचम भाव (सुत/विद्या भाव) में गुरु: त्रिकोण बल, कारको भावनाशाय नियम और उदाहरण

पंचम भाव (सुत व विद्या भाव) में गुरु की व्याख्या: त्रिकोण बल, कारको भावनाशाय सिद्धांत, नवम-एकादश-लग्न पर दृष्टि और 12 लग्नों के उदाहरण।

14 मिनट का अध्ययन

अष्टम भाव (रंध्र भाव) में गुरु: अनुसंधान, दृष्टियाँ, विपरीत योग और 12 लग्नों में फल

अष्टम भाव (रंध्र व आयु भाव) में बृहस्पति: गहन शोध, दीर्घायु, विपरीत राजयोग, द्वादश-द्वितीय-चतुर्थ भावों पर दृष्टि और 12 लग्नों में फल।

14 मिनट का अध्ययन

नवम भाव (धर्म/भाग्य भाव) में गुरु: त्रिकोण नियम, दृष्टियाँ और 12 लग्नों में उदाहरण

नवम भाव (धर्म व भाग्य भाव) में गुरु का विश्लेषण: भाग्य कारक नियम, लग्न-तृतीय-पंचम भावों पर 5-7-9 दृष्टि, राजयोग और 12 लग्नों में फल।

12 मिनट का अध्ययन

एकादश भाव (लाभ भाव) में गुरु: उपचय वृद्धि, दृष्टियाँ और 12 लग्नों में फल

एकादश भाव (लाभ भाव) में बृहस्पति का शास्त्रीय विश्लेषण: उपचय वृद्धि, तृतीय-पंचम-सप्तम भावों पर गुरु दृष्टि, वसुमती योग और बारह लग्नों में फल।

13 मिनट का अध्ययन

वैदिक ज्योतिष में प्रथम भाव (तनु/लग्न भाव): नियम, कारक, दिग्बल और कुंडली उदाहरण

वैदिक ज्योतिष में प्रथम भाव (तनु/लग्न भाव) का संपूर्ण मार्गदर्शक: केंद्र-त्रिकोण द्वैत नियम, सूर्य कारकत्व, गुरु-बुध दिग्बल और बारह लग्नों का विश्लेषण।

11 मिनट का अध्ययन

वैदिक ज्योतिष में नवम भाव (धर्म/भाग्य भाव): सर्वोच्च त्रिकोण, कारक और उदाहरण

वैदिक ज्योतिष में नवम भाव (धर्म/भाग्य भाव) का शास्त्रीय अध्ययन: पंचम से पंचम त्रिकोण सिद्धांत, गुरु-सूर्य कारकत्व, राजयोग और बारह लग्नों के नियम।

12 मिनट का अध्ययन

वैदिक ज्योतिष में चाप (कार्मुक) योग: नाभस व पाराशरी नियम तथा कुंडली उदाहरण

वैदिक ज्योतिष में चाप (कार्मुक) योग की दोनों शास्त्रीय परिभाषाएँ: दशम से लग्न तक आकृति नाभस चाप और उच्च लग्नेश व चतुर्थेश-दशमेश परिवर्तन नियम।

14 मिनट का अध्ययन

कुंडली में राजलक्षण योग: लग्न या केंद्र में गुरु, शुक्र, बुध और चंद्रमा के नियम

कुंडली में राजलक्षण योग की प्रामाणिक जाँच: लग्न या केंद्र में गुरु, शुक्र, बुध और बली चंद्रमा की स्थिति, अस्त दोष सीमा और कुंडली उदाहरण।

9 मिनट का अध्ययन

कुंडली मिलान रिपोर्ट कैसे जाँचें: जन्म विवरण, गुण और अपवाद

कुंडली मिलान के जन्म विवरण, गणना पद्धति, आठ कूटों के अंक और अपवाद जाँचें। काल्पनिक 28.5/36 रिपोर्ट से पूरी प्रक्रिया समझें।

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