बुध प्रदोष व्रत-कथा: कहानी, अर्थ और पूजा-विधि
बुधवार को त्रयोदशी और संध्या प्रदोष काल के मेल, शिव-व्रत कथा तथा सुरक्षित और अपनी रीति के अनुसार की जा सकने वाली पूजा समझें।
॥ असतो मा सद्गमय ॥
बुधवार को त्रयोदशी और संध्या प्रदोष काल के मेल, शिव-व्रत कथा तथा सुरक्षित और अपनी रीति के अनुसार की जा सकने वाली पूजा समझें।
चैत्र नवरात्रि पूजा की व्यावहारिक विधि, स्थानीय घटस्थापना समय, रोज़ की देवी-पूजा, उपवास के विकल्प और क्षेत्रीय रीति जानें।
चैत्र नवरात्रि संधि पूजा, अष्टमी-नवमी की तिथि-सीमा पर 48 मिनट की प्रचलित अवधि और क्षेत्रीय पूजा-विधियों को समझें।
चेटी चंड की चैत्र तिथि, झूलेलाल-भक्ति, जल-अर्पण, बहिराणा साहिब और सिंधी समुदायों के विविध उत्सव जानें।
गायत्री जयंती, गायत्री देवी और सावित्री मंत्र का अर्थ जानें; साथ ही अलग तिथि-परंपराएँ और घर की सरल पूजा समझें।
गीता जयंती का स्पष्ट परिचय: मार्गशीर्ष एकादशी, कुरुक्षेत्र के आयोजन, भगवद्गीता का अध्ययन और स्थानीय तिथि की जानकारी।
वैष्णव एकादशी की तिथियाँ कैसे तय होती हैं, पंचांगों में अंतर क्यों आता है और स्थानीय पारण कैसे देखें—जानें।
माघ शुक्ल पक्ष की जया एकादशी, माल्यवान-पुष्पवती की व्रत कथा और स्थानीय उपवास-पारण की जानकारी पढ़ें।
नवरात्रि में ज्योति कलश या अखंड ज्योत का अर्थ, अलग-अलग घरेलू परंपराएँ और सुरक्षित दीप-पूजन जानें।
कजरी तीज की तिथि, अन्य तीज पर्वों से अंतर और मानसून से जुड़े कजरी गीत व क्षेत्रीय रीति जानें।
कामदा एकादशी की तिथि, ललित-ललिता की व्रत कथा, अलग-अलग पालन-रीतियाँ और स्थानीय पारण का समय जानें।
पंचांग के अनुसार श्रावण या आषाढ़ में पड़ने वाली कामिका एकादशी, इसकी कथा, तुलसी-पूजा और स्थानीय पारण जानें।
सती और कोयल से जुड़ी कोकिला व्रत कथा, इसकी बदलती तिथि और अवधि तथा सुरक्षित क्षेत्रीय पालन समझें।
मंगल, भाव क्रम और मेष लग्न के संभावित गुणों को बिना रूढ़ि और निश्चित भविष्यवाणी के समझें।
शुक्र, स्थिरता और वृषभ लग्न के भाव क्रम को संतुलित तरीके से समझें।
अग्निचयन के वैदिक श्रौत स्वरूप, ईंटों से वेदि-निर्माण, मंत्रोच्चार, पुरोहितों की भूमिका और केरल की अतिरात्र परंपरा में सोमयाग से इसके संबंध को समझें।
दक्षिण भारत की कुछ परंपराओं में अंत्य पुष्करिणी स्नान, बताए गए मास और तिथियाँ तथा सुरक्षित ढंग से इस क्षेत्रीय अनुष्ठान में भाग लेने का तरीका जानें।
हिंदू धर्म के संस्थापक के प्रश्न का संतुलित उत्तर: वैदिक अपौरुषेयता की मान्यता, ऐतिहासिक साक्ष्य और विविध परंपराओं का अंतर समझें।
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