॥ असतो मा सद्गमय ॥

ज्योतिष और परंपरा का अध्ययन

कुंडली, ग्रह, भाव, मंत्र, पर्व और पंचांग पर स्पष्ट, विस्तृत और संदर्भ-सचेत लेख। एक विषय से शुरू करें, एक-एक कदम।

धर्मग्रंथ और दर्शन

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10 मिनट का अध्ययन

भगवद्गीता क्यों पढ़ें? शुरुआती मार्गदर्शिका

जानें लोग भगवद्गीता क्यों पढ़ते हैं, इसके संवाद में कौन-से विषय आते हैं, हिंदू परंपराएँ इसकी व्याख्या कैसे करती हैं और शुरुआत कैसे करें।

8 मिनट का अध्ययन

वेद और उपनिषद: संबंध और प्रमुख अंतर

समझें कि उपनिषद व्यापक वैदिक साहित्य से कैसे जुड़े हैं, प्रमुख ग्रंथ कहाँ आते हैं और हर शाखा पर एक ही चार-भाग वाला ढाँचा क्यों लागू नहीं होता।

8 मिनट का अध्ययन

हिंदू ग्रंथ: वेद, उपनिषद, महाकाव्य, पुराण और अन्य साहित्य

हिंदू ग्रंथों को विधा और परंपरा के अनुसार समझें। गीता, महाकाव्य, पुराण और आगम का स्थान जानें और अपनी रुचि के अनुसार पठन-क्रम चुनें।

10 मिनट का अध्ययन

वेद: चार संहिताएँ, वैदिक शाखाएँ और ग्रंथ-संरचना

चार वैदिक संहिताओं, प्रमुख शाखाओं, संहिता-ब्राह्मण-आरण्यक-उपनिषद परतों और मौखिक पाठ-विधियों को समझें तथा वैदिक अनुष्ठान को विज्ञान के दावों से अलग रखें।

8 मिनट का अध्ययन

उपनिषद: प्रमुख ग्रंथ, वेद-संबंध और दार्शनिक प्रश्न

दस प्रमुख उपनिषदों का उनकी वैदिक शाखाओं से संबंध जानें, ब्रह्म और आत्मन् पर शंकर, रामानुज व मध्व की व्याख्याओं की तुलना करें और अध्ययन-क्रम समझें।

10 मिनट का अध्ययन

भगवद्गीता: संरचना, अठारह अध्याय और भाष्य-परंपरा

महाभारत के भीष्मपर्व में स्थित भगवद्गीता के 18 अध्यायों की संरचना समझें, प्रमुख श्लोकों पर शंकर, रामानुज व मध्व के भाष्यों की तुलना करें और पठन-क्रम जानें।

11 मिनट का अध्ययन

पुराण: अठारह महापुराण, पंचलक्षण और जीवित परंपराएँ

अठारह महापुराणों, उपपुराणों, पंचलक्षण और भागवत पुराण 12.7 के दशलक्षण को समझें तथा पवित्र आख्यान को आधुनिक कालक्रम से अलग रखें।

13 मिनट का अध्ययन

हिंदू परंपरा में इतिहास (इतिहास-ग्रंथ): रामायण और महाभारत की संरचना, कांड-पर्व और दर्शन

हिंदू परंपरा में ‘इतिहास’ (इति-ह-आस) का शास्त्रीय अर्थ, वाल्मीकि रामायण के 7 कांड, महाभारत के 18 पर्व, श्रुति-पुराण से अंतर और धर्म-विमर्श समझें।

9 मिनट का अध्ययन

गीता 6.5 का अर्थ: उद्धरेदात्मनात्मानं और अपना मित्र बनना

उद्धरेदात्मनात्मानं का संस्कृत पाठ, लिप्यंतरण और सरल भावार्थ पढ़ें। 6.6, 6.26 और 6.35 के संदर्भ में प्रयास तथा आत्मसंयम समझें।

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