रामगीता: लक्ष्मण को राम का उपदेश
अध्यात्म रामायण के उत्तरकाण्ड की रामगीता जानें। आत्मज्ञान, विवेक, भक्ति और मुक्ति पर राम-लक्ष्मण संवाद पढ़ें।
॥ असतो मा सद्गमय ॥
अध्यात्म रामायण के उत्तरकाण्ड की रामगीता जानें। आत्मज्ञान, विवेक, भक्ति और मुक्ति पर राम-लक्ष्मण संवाद पढ़ें।
माण्डूक्य उपनिषद् के दसवें मंत्र में उकार, तैजस और स्वप्न-अवस्था का संबंध समझें। प्रमुख संस्कृत पद और अलग व्याख्याएँ पढ़ें।
माण्डूक्य उपनिषद् के तीसरे मंत्र में वैश्वानर, बाह्य चेतना तथा जाग्रत पाद के सात अंग और उन्नीस मुख का प्रतीकात्मक अर्थ समझें।
हिंदू तिलक के प्रमुख रूप समझें—वैष्णव ऊर्ध्वपुण्ड्र, शैव त्रिपुण्ड्र, उनके पदार्थ, धार्मिक उपयोग और क्षेत्रीय विविधता सहित।
शिव के त्रिशूल का रूप, प्रतिमा-कला में उसका स्थान, तीन नोकों की पारंपरिक व्याख्याएँ और शैव पूजा में उपयोग जानें।
भगवद्गीता में कर्मयोग का अर्थ, कर्तव्य और फल से उसका संबंध तथा अनासक्ति को उदासीनता समझे बिना सजग कर्म का अभ्यास जानें।
जानें लोग भगवद्गीता क्यों पढ़ते हैं, इसके संवाद में कौन-से विषय आते हैं, हिंदू परंपराएँ इसकी व्याख्या कैसे करती हैं और शुरुआत कैसे करें।
समझें कि उपनिषद व्यापक वैदिक साहित्य से कैसे जुड़े हैं, प्रमुख ग्रंथ कहाँ आते हैं और हर शाखा पर एक ही चार-भाग वाला ढाँचा क्यों लागू नहीं होता।
हिंदू ग्रंथों को विधा और परंपरा के अनुसार समझें। गीता, महाकाव्य, पुराण और आगम का स्थान जानें और अपनी रुचि के अनुसार पठन-क्रम चुनें।
गीता के श्लोक 2.47–48 के संदर्भ में कर्मयोग समझें; तीन जीवनोपयोगी उदाहरणों से निष्काम कर्म और जिम्मेदारी का अंतर जानें।
घोषित ईशोपनिषद पाठ-शाखा के सभी 18 मंत्र मूल लिप्यंतरण और नए अर्थानुवाद सहित पढ़ें; कर्म, विद्या और भाष्य का संदर्भ समझें।
चार वैदिक संहिताओं, प्रमुख शाखाओं, संहिता-ब्राह्मण-आरण्यक-उपनिषद परतों और मौखिक पाठ-विधियों को समझें तथा वैदिक अनुष्ठान को विज्ञान के दावों से अलग रखें।
दस प्रमुख उपनिषदों का उनकी वैदिक शाखाओं से संबंध जानें, ब्रह्म और आत्मन् पर शंकर, रामानुज व मध्व की व्याख्याओं की तुलना करें और अध्ययन-क्रम समझें।
महाभारत के भीष्मपर्व में स्थित भगवद्गीता के 18 अध्यायों की संरचना समझें, प्रमुख श्लोकों पर शंकर, रामानुज व मध्व के भाष्यों की तुलना करें और पठन-क्रम जानें।
अठारह महापुराणों, उपपुराणों, पंचलक्षण और भागवत पुराण 12.7 के दशलक्षण को समझें तथा पवित्र आख्यान को आधुनिक कालक्रम से अलग रखें।
हिंदू परंपरा में ‘इतिहास’ (इति-ह-आस) का शास्त्रीय अर्थ, वाल्मीकि रामायण के 7 कांड, महाभारत के 18 पर्व, श्रुति-पुराण से अंतर और धर्म-विमर्श समझें।
गीता 2.47 का संस्कृत पाठ, लिप्यंतरण और चारों चरणों का सरल अर्थ पढ़ें। 2.48 के संदर्भ में कर्म, फल और अकर्म का अंतर समझें।
उद्धरेदात्मनात्मानं का संस्कृत पाठ, लिप्यंतरण और सरल भावार्थ पढ़ें। 6.6, 6.26 और 6.35 के संदर्भ में प्रयास तथा आत्मसंयम समझें।
एस्ट्रोज्ञान को Google Search में अपने पसंदीदा स्रोतों में जोड़ें।