॥ असतो मा सद्गमय ॥

ज्योतिष और परंपरा का अध्ययन

कुंडली, ग्रह, भाव, मंत्र, पर्व और पंचांग पर स्पष्ट, विस्तृत और संदर्भ-सचेत लेख। एक विषय से शुरू करें, एक-एक कदम।

सभी अध्ययन लेख

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5 मिनट का अध्ययन

कर्णवेध मुहूर्त

कर्णवेध संस्कार, पंचांग के तिथि-नक्षत्र नियम, नई दिल्ली का उदाहरण और सुरक्षित कान छेदन के जरूरी प्रश्न समझें।

5 मिनट का अध्ययन

उपग्रह दोष: अर्थ, गणना और कुंडली में जाँचने योग्य बातें

धूम और गुलिक जैसे उपग्रहों, गणना की सेटिंग के महत्त्व और “उपग्रह दोष” को एक सार्वभौमिक कुंडली-निदान न मानने का तरीका समझें।

5 मिनट का अध्ययन

पंचांग में अग्निवास: अर्थ, गणना और हवन में उपयोग

हिंदू पंचांग में अग्निवास का अर्थ, तिथि-वार की प्रचलित गणना, हवन में इसके उपयोग और स्थानीय अनुष्ठान-परंपरा पूछने की आवश्यकता जानें।

6 मिनट का अध्ययन

दीवाली द्यूत क्रीड़ा का समय: अर्थ, तारीख और सुरक्षित पारिवारिक परंपरा

द्यूत क्रीड़ा कब होती है, स्थानीय पंचांग से इसका समय कैसे देखें और दीवाली के इस खेल को बिना जुए के आनंदपूर्ण कैसे रखें—जानें।

6 मिनट का अध्ययन

दीवाली पूजा मुहूर्त: लक्ष्मी पूजा का सही स्थानीय समय कैसे जानें

जानें कि दीवाली लक्ष्मी पूजा अमावस्या के प्रदोष काल में क्यों होती है, शहर के अनुसार मुहूर्त कैसे बदलता है और घर की पूजा शांतिपूर्वक कैसे तय करें।

6 मिनट का अध्ययन

पंचांग में होमाहुति: अर्थ, उपयोग और सावधानी से पढ़ने का तरीका

कुछ हिंदू पंचांगों में होमाहुति की प्रविष्टि का अर्थ, अग्निवास तथा वास्तविक आहुति से इसका अंतर और हवन तय करने से पहले पूछे जाने वाले सवाल जानें।

5 मिनट का अध्ययन

ज्वालामुखी योग: पाँच तिथि–नक्षत्र संयोगों की सरल व्याख्या

ज्वालामुखी योग के पाँच परंपरागत संयोग, तिथि और नक्षत्र की स्थानीय अवधि से समय निकालने का तरीका तथा इसे भय के बिना समझना जानें।

6 मिनट का अध्ययन

हिंदू पंचांग में कल्पादि दिन: नाम, तिथि और स्थानीय तारीखें

हिंदू पंचांग-परंपराओं में कल्पादि दिनों का अर्थ, मन्वादि और युगादि से उनका अंतर तथा स्थान के अनुसार तारीख बदलने का कारण जानें।

6 मिनट का अध्ययन

करि दिन: तमिल पंचांग के पाँच दिन और उन्हें जाँचने का तरीका

तमिल पंचांग में करि दिन के पाँच अवसर, संक्रांति और चंद्र तिथियों से उनकी गणना तथा स्थानीय शहर का पंचांग जाँचने का तरीका जानें।

6 मिनट का अध्ययन

मन्वादि दिन: 2026 की तारीखें, तिथियाँ और स्थानीय पंचांग

हिंदू पंचांग के मन्वादि दिनों का अर्थ, 2026 का स्थान-आधारित उदाहरण और सूर्योदय से स्थानीय तारीख तय होने का तरीका जानें।

5 मिनट का अध्ययन

पंचांग दिन शुद्धि: मुहूर्त जाँचने की सावधान मार्गदर्शिका

पंचांग दिन शुद्धि में क्या जाँचा जाता है, यह पाँच पंचांग-अंगों से कैसे अलग है और किसी दोष को निश्चित भविष्यवाणी माने बिना समय कैसे परखें—जानें।

5 मिनट का अध्ययन

विवाह के निषिद्ध योग: नौ नित्य योगों का अर्थ और सावधानी

जानें कि कुछ मुहूर्त-परंपराएँ विवाह के लिए किन नौ नित्य योगों की जाँच करती हैं, विषघटी का क्या अर्थ है और एक योग दंपति का भविष्य क्यों तय नहीं करता।

6 मिनट का अध्ययन

शारदीय नवरात्रि: तिथियाँ, नौ रूप, पूजा और क्षेत्रीय उत्सव

आश्विन की शरद नवरात्रि, उसकी तिथि-आधारित गणना, घटस्थापना, नवदुर्गा-पूजा और विजयादशमी तक अलग-अलग समुदायों के उत्सव जानें।

5 मिनट का अध्ययन

युगादि दिन: चार युगारंभ तिथियों की पारंपरिक सूची

वार्षिक पंचांग में युगादि दिनों का अर्थ, सत्य, त्रेता, द्वापर और कलियुग से जुड़ी तिथियाँ और इन्हें उगादि नववर्ष से अलग पहचानना जानें।

4 मिनट का अध्ययन

मेष लग्न

मेष लग्न में मंगल कुंडली के केंद्र में आता है। भाव-स्वामित्व और लग्न को स्थिर व्यक्तित्व न मानने का तरीका समझें।

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