॥ असतो मा सद्गमय ॥

ज्योतिष और परंपरा का अध्ययन

कुंडली, ग्रह, भाव, मंत्र, पर्व और पंचांग पर स्पष्ट, विस्तृत और संदर्भ-सचेत लेख। एक विषय से शुरू करें, एक-एक कदम।

परंपरा और परिचय

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4 मिनट का अध्ययन

गौरी योग: नियमों के भेद और कुंडली-जाँच सूची

गौरी योग के लिए ज्योतिष लेखन में एक से अधिक नियम मिलते हैं; यह मार्गदर्शिका नवांश वाले नियम को चंद्र-गुरु के अलग रूप से अलग रखती है।

5 मिनट का अध्ययन

कुंडली में लग्न दोष: अर्थ, जाँच और आम गलतफहमियाँ

लग्न दोष से ज्योतिषी का क्या आशय हो सकता है, लग्न और लग्नेश को कैसे जाँचें तथा एक कमजोर स्थिति पूरी कुंडली का फैसला क्यों नहीं है—जानें।

5 मिनट का अध्ययन

कर्णवेध मुहूर्त

कर्णवेध संस्कार, पंचांग के तिथि-नक्षत्र नियम, नई दिल्ली का उदाहरण और सुरक्षित कान छेदन के जरूरी प्रश्न समझें।

5 मिनट का अध्ययन

उपग्रह दोष: अर्थ, गणना और कुंडली में जाँचने योग्य बातें

धूम और गुलिक जैसे उपग्रहों, गणना की सेटिंग के महत्त्व और “उपग्रह दोष” को एक सार्वभौमिक कुंडली-निदान न मानने का तरीका समझें।

5 मिनट का अध्ययन

पंचांग में अग्निवास: अर्थ, गणना और हवन में उपयोग

हिंदू पंचांग में अग्निवास का अर्थ, तिथि-वार की प्रचलित गणना, हवन में इसके उपयोग और स्थानीय अनुष्ठान-परंपरा पूछने की आवश्यकता जानें।

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