॥ असतो मा सद्गमय ॥

ज्योतिष और परंपरा का अध्ययन

कुंडली, ग्रह, भाव, मंत्र, पर्व और पंचांग पर स्पष्ट, विस्तृत और संदर्भ-सचेत लेख। एक विषय से शुरू करें, एक-एक कदम।

धर्मग्रंथ और दर्शन

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8 मिनट का अध्ययन

अवधूत अनुभूति गीता: दत्तात्रेय के अद्वैतपरक गीत का परिचय

अवधूत अनुभूति गीता नाम का अर्थ, दत्तात्रेय से संबद्ध अवधूत गीता से उसका संबंध और अद्वैत शिक्षा को जिम्मेदारी से पढ़ने का तरीका जानें।

8 मिनट का अध्ययन

हिंदू धर्म की मूल मान्यताएँ: विविध परंपराओं का सरल परिचय

धर्म, कर्म, संसार, मोक्ष, भक्ति और ईश्वर जैसे हिंदू परंपराओं के विचार समझें—साथ ही जानें कि कोई एक मत हर हिंदू को परिभाषित नहीं करता।

8 मिनट का अध्ययन

भगवद्गीता 12.15 का अर्थ: शांति देने वाला भक्त

भगवद्गीता 12.15 को संदर्भ में समझें: संसार को उद्विग्न न करना और उससे विचलित न होना क्या है, तथा समता मौन या भाव-दमन से कैसे अलग है।

9 मिनट का अध्ययन

भगवद्गीता अध्याय 17: श्रद्धा, भोजन, अनुशासन और दान

भगवद्गीता के श्रद्धात्रयविभागयोग अध्याय में तीन गुणों से श्रद्धा, पूजा, भोजन, यज्ञ, तप, दान और ॐ तत् सत् का संबंध समझें।

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भगवद्गीता 7.15 का अर्थ: माया, मोह और शरणागति

भगवद्गीता 7.15 को संदर्भ सहित समझें: कठिन संस्कृत पद, माया की भूमिका और इस श्लोक को पूरे समुदाय की निंदा में क्यों नहीं बदलना चाहिए।

8 मिनट का अध्ययन

भगवद्गीता 7.16 का अर्थ: भक्तों के चार प्रकार

भगवद्गीता 7.16 में आर्त, जिज्ञासु, अर्थार्थी और ज्ञानी—चार प्रकार के साधक समझें और जानें कि वे अलग प्रेरणाओं से कृष्ण की ओर कैसे आते हैं।

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भगवद्गीता 7.17 का अर्थ: ज्ञानी भक्त कृष्ण को प्रिय क्यों है

भगवद्गीता 7.17 में ज्ञानी की नित्य-युक्त और अनन्य भक्ति, चार साधकों के बाद उसका स्थान और अन्य भक्तों की अवहेलना न करने की बात समझें।

8 मिनट का अध्ययन

भगवद्गीता 7.18 का अर्थ: सभी साधक उदार हैं

भगवद्गीता 7.18 का संदर्भ समझें: कृष्ण चारों भक्तों को उदार क्यों कहते हैं, ज्ञानी को अपना स्वरूप कहने का क्या अर्थ है और भाष्य कहाँ अलग हैं।

9 मिनट का अध्ययन

भगवद्गीता में सुख के तीन प्रकार: सात्त्विक, राजसिक और तामसिक

भगवद्गीता 18.36–39 में सुख के तीन प्रकार, समय के साथ उनके प्रभाव और गुणों को निदान या स्थायी लेबल न मानने की बात समझें।

9 मिनट का अध्ययन

हिंदू धर्म में ईश्वर की अवधारणा: ब्रह्मन्, त्रिमूर्ति और 33 करोड़ देवता

हिंदू ईश्वर-चिंतन में ब्रह्मन्, ब्रह्मा, त्रिमूर्ति, देव-देवी और 33 करोड़ वाली लोकप्रिय धारणा के अलग अर्थ सरल भाषा में समझें।

9 मिनट का अध्ययन

हिंदू धर्म में उपवास: व्रत, नियम और आध्यात्मिक अर्थ

हिंदू उपवास में उपवास और व्रत का संबंध, आम रूप, पर्व-परंपराएँ, क्षेत्रीय भिन्नता और सुरक्षित व विचारपूर्ण पालन समझें।

9 मिनट का अध्ययन

माण्डूक्य उपनिषद मंत्र 5 का अर्थ: सुषुप्ति और प्राज्ञ

माण्डूक्य उपनिषद के पाँचवें मंत्र में सुषुप्ति, आत्मा के तीसरे पाद प्राज्ञ और प्रमुख संस्कृत पदों की वेदान्त व्याख्या संदर्भ सहित समझें।

7 मिनट का अध्ययन

माण्डूक्य उपनिषद का पहला मंत्र: ॐ, काल और उसका अर्थ

माण्डूक्य उपनिषद के पहले मंत्र का सरल अर्थ जानें—ॐ, भूत-वर्तमान-भविष्य, कालातीत सत्ता, पाठ का संदर्भ और अध्ययन की विधि।

6 मिनट का अध्ययन

श्री राघवेन्द्र स्वामी की गीता विवृत्ति: द्वैत भाष्य का परिचय

जानें गीता विवृत्ति क्या है, श्री राघवेन्द्र तीर्थ भगवद्गीता को द्वैत वेदान्त में कैसे समझाते हैं और इस ग्रंथ का अध्ययन कैसे करें।

7 मिनट का अध्ययन

हिंदू इतिहास: सनातन धर्म की एक स्पष्ट समयरेखा

वैदिक परंपरा, उपनिषद, महाकाव्य, मंदिर पूजा, भक्ति और आधुनिक बदलाव के माध्यम से हिंदू इतिहास समझें—विवादित उद्गम-दावों को सावधानी से देखते हुए।

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