कूर्म अवतार: समुद्र-मंथन में कछुए के रूप में विष्णु
जानें कि समुद्र-मंथन में विष्णु का कूर्म रूप मंदर पर्वत को कैसे सँभालता है, अलग ग्रंथों में कथा कैसे बदलती है और कूर्म-पूजा कहाँ होती है।
॥ असतो मा सद्गमय ॥
जानें कि समुद्र-मंथन में विष्णु का कूर्म रूप मंदर पर्वत को कैसे सँभालता है, अलग ग्रंथों में कथा कैसे बदलती है और कूर्म-पूजा कहाँ होती है।
समुद्र-मंथन में विष्णु के कछुआ-स्वरूप कूर्मावतार, दशावतार में उनका स्थान और कूर्म तथा कूर्म पुराण का अंतर समझें।
देवी माहात्म्य में महामाया, विष्णु की योगनिद्रा और मधु-कैटभ की कथा तथा माया के कई अर्थ समझें।
गौड़ीय वैष्णव सृष्टि-दर्शन में महाविष्णु, विष्णु के तीन पुरुष-रूपों का भेद और संप्रदायों की अलग व्याख्या जानें।
महाविद्याओं में मातंगी का स्थान, वाणी-संगीत से उनका संबंध और गुरु-परंपरा के अनुसार बदलने वाले स्वरूप व तांत्रिक साधना जानें।
महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पूजा में म्हसोबा, खेत और गाँव की सीमा से जुड़े उनके रक्षक-स्वरूप तथा समुदायों के अनुसार बदलती रीति जानें।
श्रीविद्या के एक नित्या-क्रम में दशमी की दसवीं तिथि-नित्या नित्या देवी को समझें, चंद्र-काल का शाक्त उपासना में अर्थ जानें और इसे दशमी का सार्वभौमिक नियम क्यों नहीं मानना चाहिए।
जानें पांडुरंग कौन हैं, भक्त उन्हें विठ्ठल या विठोबा क्यों कहते हैं, पुंडलिक की कथा क्या है और पंढरपुर की वारी महाराष्ट्र के भक्ति-जीवन को कैसे आकार देती है।
सर्वमंगला नाम का अर्थ, चंद्र-देवियों के श्रीविद्या क्रम में उनका स्थान और उनका त्रयोदशी संबंध व्यापक हिंदू पर्वों से किस तरह अलग है—यह जानें।
शिवदूती के दो संदर्भ जानें: श्रीविद्या क्रम की सातवीं तिथि-नित्या और देवी माहात्म्य में शिव को अपना दूत नियुक्त करने वाली देवी।
उपनिषदों की अद्वैत वेदांत व्याख्या, आत्मा-ब्रह्म का संबंध, शंकराचार्य की भूमिका और वेदांत की दूसरी शाखाओं से अंतर को सरलता से समझें।
सुवर्चला देवी कौन हैं, कुछ परंपराएँ उन्हें हनुमान की पत्नी क्यों बताती हैं, इस कथा का ब्रह्मचर्य से क्या संबंध है और यह कहाँ प्रचलित है—जानें।
श्रीविद्या क्रम में आठवीं तिथि-नित्या के रूप में त्वरिता देवी का स्थान, उनके नाम का अर्थ और हिंदू परंपराओं में अष्टमी के अलग-अलग अनुष्ठान जानें।
जानें वेंकटेश्वर कौन हैं, भक्त उन्हें श्रीनिवास या बालाजी क्यों कहते हैं, तिरुमल की पवित्र कथाएँ क्या बताती हैं और मंदिर में श्रद्धापूर्वक दर्शन कैसे करें।
विजया नित्या का अर्थ, श्रीविद्या की एक सूची में उनका द्वादशी से संबंध और एकादशी व विजयादशमी के पर्वों से उनका अंतर जानें।
ऐतरेय उपनिषद् की सृष्टि-कथा में अन्न, इंद्रियों और प्राण की भूमिका समझें। इस प्रतीकात्मक वर्णन को आहार-नियम या चिकित्सा-दावा मानने की भूल न करें।
अक्षि उपनिषद् में सूर्य से संवाद, चाक्षुष्मती विद्या और ब्रह्मविद्या की शिक्षा समझें। नेत्र-लाभ के पारंपरिक दावों को चिकित्सा-सलाह न मानें।
अमृतबिंदु उपनिषद् में मन और इच्छा की शिक्षा, बंधन-मुक्ति का अर्थ तथा आत्म-निंदा किए बिना अनुशासन की सीख समझें।
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