परिमाण से चमक कैसे व्यक्त होती है?
खगोलीय परिमाण या magnitude प्राप्त फ्लक्स का लघुगणकीय वर्णन है। एक ही प्रकाशमितीय बैंड और परिमाण-प्रणाली में दो मापों के लिए Δm = m₂ − m₁ = −2.5 log₁₀(F₂/F₁)। इसलिए F₂/F₁ = 10^(−0.4Δm)। छोटी परिमाण संख्या अधिक चमकीले स्रोत को दर्शाती है; पाँच परिमाण का अंतर फ्लक्स में सौ गुने अंतर के बराबर होता है।
इस पैमाने की दिशा सामान्य अंक-तालिका से उलटी है। उसी बैंड में परिमाण 2 वाला स्रोत परिमाण 5 वाले स्रोत से अधिक चमकीला है। ऋणात्मक परिमाण भी एक वैध मान है। उससे प्रकाश या फ्लक्स के ऋणात्मक होने का अर्थ नहीं निकलता।
यहाँ के सभी संख्यात्मक उदाहरण समझाने के लिए बनाए गए हैं। ये किसी नामित तारे के वर्तमान अवलोकन या माप नहीं हैं। उद्देश्य है अनुपात समझना, अनेक स्रोतों के प्रकाश को जोड़ना और गणना के साथ उसकी आवश्यक शर्तें लिखना।
सबसे पहले बैंड और शून्य-बिंदु तय करें
सामान्य लघुगणकीय परिभाषा है m = −2.5 log₁₀(F/F₀)। यहाँ F₀ वह संदर्भ फ्लक्स है जिससे शून्य-बिंदु तय होता है। लघुगणक के भीतर F/F₀ एक विमाहीन अनुपात है। F = F₀ पर परिमाण शून्य होगा, लेकिन वास्तविक फ्लक्स शून्य नहीं होगा।
यदि दो मापों में F₀ समान है, तो उनकी परिभाषाएँ घटाने पर संदर्भ पद कट जाता है। इससे परिमाण-अंतर और फ्लक्स-अनुपात का सूत्र मिलता है। अलग फिल्टर या अलग शून्य-बिंदु प्रणालियों के बीच यह कटना बिना जाँच के मान लेना गलत होगा। दो बैंडों का रंग-सूचकांक भी अपनी निर्धारित अंशांकन-व्यवस्था के भीतर समझा जाता है।
जॉड्रेल बैंक के शिक्षण नोट्स प्राप्त चमक, उत्सर्जित ज्योति और परिमाण के लघुगणकीय संबंध को अलग करते हैं। इस लेख की तालिकाएँ समान बैंड और समान शून्य-बिंदु का संदर्भ रखती हैं। वास्तविक आँकड़ों में इस संदर्भ का नाम भी परिणाम के साथ लिखें।
धनात्मक और ऋणात्मक अंतर को अनुपात में बदलें
| Δm = m₂−m₁ | F₂/F₁ | F₁/F₂ |
|---|---|---|
| -5 | 100.000000 | 0.010000 |
| -2.5 | 10.000000 | 0.100000 |
| -1 | 2.511886 | 0.398107 |
| 0 | 1.000000 | 1.000000 |
| 0.5 | 0.630957 | 1.584893 |
| 1 | 0.398107 | 2.511886 |
| 2 | 0.158489 | 6.309573 |
| 2.5 | 0.100000 | 10.000000 |
| 3 | 0.063096 | 15.848932 |
| 5 | 0.010000 | 100.000000 |
| 10 | 0.000100 | 10000.000000 |
अनुपात की दिशा स्पष्ट रखना जरूरी है। यदि m₂ − m₁ = 2 है, तो F₂/F₁ लगभग 0.158489 है। दूसरे स्रोत का फ्लक्स पहले के लगभग 15.85 प्रतिशत के बराबर है। यही बात उलटे अनुपात में कहें तो पहला स्रोत लगभग 6.3096 गुना चमकीला है।
Δm = −2.5 रखने पर F₂/F₁ = 10 मिलता है। इस बार दूसरा स्रोत अधिक चमकीला है। दोनों स्रोतों का क्रम बदलने पर अंतर का चिह्न बदलता है और फ्लक्स अनुपात उसका व्युत्क्रम हो जाता है। यह छोटी जाँच अक्सर सूत्र में चिह्न की गलती पकड़ लेती है।
एक परिमाण का अंतर चमकीले-से-मंद अनुपात में लगभग 2.511886 है। गणना में पूरी घात का प्रयोग करें। हर चरण में इसे 2.5 मानकर बार-बार गुणा करने से पाँच परिमाण का परिभाषित सौ गुना अनुपात ठीक नहीं मिलेगा। तालिका के छह दशमलव केवल गणना दोहराने की सुविधा हैं।
प्रकाश जोड़ें, फिर संयुक्त परिमाण निकालें
जब स्वतंत्र स्रोतों के प्राप्त फ्लक्स जुड़ते हैं, तो Ftotal = F₁ + F₂ + … होता है। उनकी परिमाण संख्याएँ सीधे नहीं जुड़तीं। हर घटक का फ्लक्स परिभाषा में रखने से समान शून्य-बिंदु के लिए mcombined = −2.5 log₁₀[Σ 10^(−0.4mᵢ)] मिलता है।
दो स्रोतों के मामले में Δm = m₂ − m₁ रखें। पहले स्रोत का फ्लक्स बाहर निकालने पर सूत्र बनता है mcombined = m₁ − 2.5 log₁₀[1 + 10^(−0.4Δm)]। घटाया गया धनात्मक पद बताता है कि पहले स्रोत के मुकाबले संयुक्त प्रकाश कितने परिमाण अधिक चमकीला है।
यह जोड़ उन फ्लक्सों का है जो बताई गई परिस्थितियों में वास्तव में प्राप्त होते हैं। यदि कोई स्रोत आंशिक रूप से ढका है, तो उसका पूरा अनावृत फ्लक्स नहीं जोड़ना चाहिए। इसी तरह संतृप्त डिटेक्टर की गिनती प्रकाश के अनुपात में नहीं बढ़ती। अनुपयुक्त इनपुट पर सही लघुगणकीय सूत्र लगाने से माप अपने आप सही नहीं हो जाता।
दो समान तारे लगभग 0.75 परिमाण की वृद्धि देते हैं
| समान स्रोत N | कुल/एक का फ्लक्स | संयुक्त m | परिमाण में उज्ज्वलता-वृद्धि |
|---|---|---|---|
| 1 | 1 | 5.000000 | 0.000000 |
| 2 | 2 | 4.247425 | 0.752575 |
| 3 | 3 | 3.807197 | 1.192803 |
| 5 | 5 | 3.252575 | 1.747425 |
| 10 | 10 | 2.500000 | 2.500000 |
| 100 | 100 | 0.000000 | 5.000000 |
परिमाण 5 के दो समान स्रोतों का कुल फ्लक्स अकेले स्रोत से दोगुना है। इसलिए संयुक्त परिमाण 5 − 2.5 log₁₀(2), अर्थात लगभग 4.247425 है। 5 + 5 करके परिमाण 10 कहना अतिरिक्त प्रकाश के बावजूद स्रोत को मंद बताएगा। यह परिणाम भौतिक दिशा में ही गलत है।
यदि प्रत्येक स्रोत का परिमाण m हो और ऐसे N स्रोत हों, तो संयुक्त परिमाण m − 2.5 log₁₀(N) होगा। दस समान स्रोत 2.5 परिमाण और सौ समान स्रोत 5 परिमाण की वृद्धि देते हैं। यह प्रकाश जोड़ने का कथन है; इससे यह तय नहीं होता कि दूरबीन उन स्रोतों को अलग-अलग पहचान सकेगी।
तालिका में हर घटक का परिमाण 5 रखा गया है। असमान स्रोतों के लिए केवल उनकी संख्या जानना पर्याप्त नहीं है। दस बहुत मंद स्रोत और दस समान चमकीले स्रोत एक जैसे परिणाम नहीं देंगे। हर घटक का सापेक्ष फ्लक्स शामिल करना होगा।
अलग परिमाण वाले स्रोतों के उदाहरण
| घटक परिमाण | संयुक्त m | सबसे चमकीले अकेले स्रोत से वृद्धि |
|---|---|---|
| 5 + 5 | 4.247425 | 0.752575 |
| 2 + 3 | 1.636149 | 0.363851 |
| 2 + 3 + 4 | 1.519560 | 0.480440 |
| 0 + 5 | -0.010803 | 0.010803 |
| -1 + 0 | -1.363851 | 0.363851 |
| 20 + 25 | 19.989197 | 0.010803 |
परिमाण 2 और 3 के उदाहरण में दूसरे स्रोत का फ्लक्स पहले का 10^(−0.4), लगभग 0.398107 है। कुल फ्लक्स पहले का लगभग 1.398107 गुना हुआ। इससे संयुक्त परिमाण लगभग 1.636149 मिलता है।
अब परिमाण 4 का तीसरा स्रोत जोड़ें। नया संयुक्त परिमाण लगभग 1.519560 होगा। अतिरिक्त धनात्मक प्रकाश ने संख्या को फिर छोटा किया। इसलिए परिणाम की बुनियादी जाँच यह है कि संयुक्त परिमाण सबसे चमकीले अकेले घटक के परिमाण से भी छोटा होना चाहिए।
0 और 5 वाले युग्म तथा 20 और 25 वाले युग्म में अंतर समान है। दोनों में उज्ज्वलता-वृद्धि लगभग 0.010803 है। यदि हर इनपुट में एक ही स्थिर संख्या जोड़ी जाए, तो संयुक्त परिमाण में भी उतनी ही संख्या जुड़ती है। स्रोतों के आपसी फ्लक्स अनुपात नहीं बदलते।
मंद साथी का योगदान कितना होता है?
| साथी का परिमाण-अंतर | साथी/मुख्य फ्लक्स | संयुक्त उज्ज्वलता-वृद्धि |
|---|---|---|
| 0 | 1.000000 | 0.752575 |
| 0.5 | 0.630957 | 0.531107 |
| 1 | 0.398107 | 0.363851 |
| 2 | 0.158489 | 0.159730 |
| 3 | 0.063096 | 0.066431 |
| 5 | 0.010000 | 0.010803 |
| 8 | 0.000631 | 0.000685 |
यहाँ मुख्य स्रोत अधिक चमकीला है, इसलिए क्षैतिज अक्ष पर अंतर ऋणात्मक नहीं है। शून्य अंतर पर दोनों समान हैं और वृद्धि लगभग 0.752575 परिमाण है। साथी जितना मंद होता जाता है, दोनों वक्र उतने ही शून्य की ओर जाते हैं।
ऊपर वाला अनुपात साथी का फ्लक्स मुख्य स्रोत के फ्लक्स से भाग देने पर मिला है। वह संयुक्त प्रकाश में साथी का हिस्सा नहीं है। अनुपात r हो तो कुल में हिस्सा r/(1+r) होगा। समान स्रोतों पर r = 1 है, लेकिन संयुक्त प्रकाश में प्रत्येक का हिस्सा आधा है।
चार्ट अंग्रेजी अक्ष-लेबल रखता है; साथ की हिंदी तालिका उन्हीं राशियों और सात प्रमुख बिंदुओं को स्पष्ट करती है। इससे चित्र के रंगों को अलग पहचानने में कठिनाई होने पर भी संख्यात्मक संबंध पढ़ा जा सकता है।
डिटेक्टर उदाहरण: शुद्ध गिनती की दर मिलाएँ
| स्रोत | एपर्चर गिनती | अनुमानित पृष्ठभूमि | शुद्ध गिनती | सेकंड | शुद्ध गिनती/सेकंड |
|---|---|---|---|---|---|
| लक्ष्य | 15000 | 3000 | 12000 | 60 | 200 |
| तुलना | 33000 | 3000 | 30000 | 30 | 1000 |
शेफील्ड के सापेक्ष प्रकाशमिति नोट्स पृष्ठभूमि का अनुमान और स्रोत की गिनती समझाते हैं। यहाँ संख्याएँ काल्पनिक हैं। मानें कि डिटेक्टर का उत्तर रैखिक है, प्रकाशीय दक्षता तुलनीय है और फिल्टर समान है। पृष्ठभूमि के दिए गए अनुमान संबंधित स्रोत-एपर्चर की पूरी गिनती के लिए हैं।
पृष्ठभूमि घटाने पर लक्ष्य की शुद्ध गिनती 12,000 और तुलना स्रोत की 30,000 है। एक्सपोजर अवधि अलग होने से इन्हें 60 तथा 30 सेकंड से भाग दें। दरें 200 और 1,000 गिनती प्रति सेकंड हैं। लक्ष्य/तुलना फ्लक्स अनुपात 0.2 होगा, केवल शुद्ध कुल गिनती से मिला 0.4 नहीं।
लक्ष्य −2.5 log₁₀(0.2), अर्थात लगभग 1.747425 परिमाण मंद है। यदि तुलना स्रोत का उसी प्रणाली में परिमाण 8 है, तो लक्ष्य का लगभग 9.747425 होगा। अवधि, अंशांकन और डिटेक्टर की शर्तें इस निष्कर्ष का हिस्सा हैं; केवल कुल गिनती पर्याप्त सूचना नहीं है।
स्थिर गणना और परिणाम की जाँच
बहुत बड़ी परिमाण संख्याओं पर सीधे छोटे फ्लक्स निकालने से सॉफ्टवेयर में underflow हो सकता है। सबसे छोटा इनपुट परिमाण b चुनें और mcombined = b − 2.5 log₁₀[Σ 10^(−0.4(mᵢ − b))] प्रयोग करें। सबसे चमकीले घटक का मापित योगदान इस योग में ठीक एक होगा।
N धनात्मक फ्लक्सों के लिए संयुक्त परिमाण b − 2.5 log₁₀(N) और b के बीच होना चाहिए। निचली सीमा तब मिलती है जब सभी N स्रोत b के बराबर हों। एक से अधिक सीमित धनात्मक घटक होने पर संयुक्त संख्या b से छोटी होगी, हालांकि अत्यंत मंद साथी का प्रभाव प्रदर्शित दशमलवों में छिप सकता है।
इनपुट का क्रम बदलने से उत्तर नहीं बदलना चाहिए। दो समूहों को फ्लक्स में जोड़कर फिर मिलाने पर वही उत्तर आना चाहिए जो सभी घटकों को एक साथ जोड़ने पर आए। सभी परिमाणों में समान स्थिरांक जोड़ने पर परिणाम भी उतना ही खिसकना चाहिए। ये जाँचें केवल किसी एक उदाहरण की नकल नहीं करतीं, बल्कि गणना की बनावट जाँचती हैं।
दशमलवों को मापन की विश्वसनीयता न समझें
परिमाण की परिभाषा का अवकलन करने पर छोटी त्रुटि के लिए σm ≈ (2.5/ln 10)(σF/F) ≈ 1.085736(σF/F) मिलता है। पाँच प्रतिशत फ्लक्स-अनिश्चितता इस स्थानीय रैखिक सन्निकटन में लगभग 0.0543 परिमाण है।
यह संबंध पर्याप्त छोटे भिन्नात्मक अनिश्चितता स्तर के लिए है। शुद्ध फ्लक्स शून्य के पास हो तो लघुगणक और त्रुटि का व्यवहार अधिक सावधानी से देखना पड़ता है। शून्य या ऋणात्मक पृष्ठभूमि-घटित अनुमान का इस सामान्य सूत्र में सीमित वास्तविक परिमाण नहीं है। चुपचाप उसका निरपेक्ष मान लेना उचित समाधान नहीं है।
तालिकाओं के छह दशमलव मॉडल दोहराने की सुविधा देते हैं। वे छह दशमलव तक सही अवलोकन होने का दावा नहीं हैं। वास्तविक परिणाम के साथ बैंड, शून्य-बिंदु प्रणाली, अनिश्चितता और देखने की परिस्थितियाँ दर्ज करना आवश्यक है।
आभासी परिमाण, निरपेक्ष परिमाण और दृश्यता
आभासी परिमाण प्राप्त फ्लक्स बताता है। निरपेक्ष परिमाण निर्धारित परंपरा में दस पारसेक की मानक दूरी पर वस्तु के परिमाण को संदर्भित करता है। अधिक चमकीली दिखने वाली वस्तु जरूरी नहीं कि कुल अधिक ऊर्जा उत्सर्जित करती हो; दूरी और प्रकाश का क्षीणन भी असर डालते हैं।
कुल परिमाण और सतही चमक अलग राशियाँ हैं। दो विस्तृत वस्तुओं का कुल फ्लक्स बराबर होते हुए वह अलग कोणीय क्षेत्रों में फैला हो सकता है। एक समान फैलाव वाले कल्पित मॉडल में उसी फ्लक्स को दस गुने क्षेत्र में फैलाने पर प्रति इकाई क्षेत्र फ्लक्स दसवाँ हो जाता है। समान क्षेत्र-इकाई में यह 2.5 परिमाण का अंतर है।
देखने की वास्तविक स्थिति पर एयरमास, पृष्ठभूमि प्रकाश, कोणीय विस्तार और उपकरण का उत्तर भी प्रभाव डालते हैं। परिमाण रूपांतरण इनमें से किसी को समाप्त नहीं करता। इसी तरह ज्योतिष का नैसर्गिक बल एक पारंपरिक निश्चित अंक है; वह किसी रात किसी स्रोत की मापी गई चमक या दृश्यता नहीं बताता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
परिमाण 2 और 5 में कौन अधिक चमकीला है?
समान बैंड और प्रणाली में परिमाण 2 वाला स्रोत अधिक चमकीला है। तीन परिमाण का अंतर लगभग 15.8489 गुने फ्लक्स के बराबर है।
पाँच परिमाण का अंतर क्या बताता है?
वह फ्लक्स में सौ गुने अंतर को दर्शाता है। छोटी परिमाण संख्या वाला स्रोत अधिक चमकीला होता है।
परिमाण 5 के दो तारों को कैसे जोड़ें?
उनके फ्लक्स जोड़कर फिर परिमाण निकालें। संयुक्त परिणाम 5 − 2.5 log10(2), लगभग 4.247425 है।
क्या परिमाणों का साधारण औसत संयुक्त चमक देता है?
नहीं। संयुक्त चमक के लिए संगत फ्लक्सों का योग चाहिए। परिमाणों का अंकगणितीय औसत अलग प्रक्रिया है।
पृष्ठभूमि और एक्सपोजर अवधि क्यों जाँचें?
पृष्ठभूमि ऐसी गिनती जोड़ती है जो स्रोत की नहीं है। अलग अवधि से कुल गिनती भी बदलती है। तुलनीय रैखिक उत्तर में पृष्ठभूमि घटाकर गिनती की दरों की तुलना की जा सकती है।
शून्य या ऋणात्मक शुद्ध फ्लक्स पर यही सूत्र चलेगा?
सामान्य सीमित वास्तविक लघुगणकीय परिमाण के रूप में नहीं। ऐसे मापों में अनिश्चितता या सीमा का उपयुक्त उपचार चाहिए; फ्लक्स का चिह्न चुपचाप बदलना सही नहीं है।