चालीसा संग्रह

चालीसा सामान्यतः चालीस चौपाइयों या पदों वाला भक्तिपाठ है। अलग पुस्तकों में वर्तनी और पाठांतर मिल सकते हैं; नियमित पाठ में एक सुवाच्य संस्करण चुनना उपयोगी रहता है।

हनुमान चालीसा

गोस्वामी तुलसीदास से संबद्ध यह लोकप्रिय अवधी पाठ हनुमान के ज्ञान, बल, सेवा और रामभक्ति का गुणगान करता है। आरंभिक चौपाई है—“जय हनुमान ज्ञान गुन सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर।”

दुर्गा चालीसा

देवी दुर्गा के विविध स्वरूपों और करुणा का स्तवन करने वाला यह पाठ नवरात्रि और देवी-पूजन में प्रचलित है। आरंभिक पंक्ति है—“नमो नमो दुर्गे सुख करनी, नमो नमो अम्बे दुःख हरनी।”

शिव चालीसा

शिव के करुणामय, औघड़ और कल्याणकारी स्वरूप का यह भक्तिपाठ सोमवार, प्रदोष और महाशिवरात्रि पर प्रचलित है। आरंभिक पंक्ति है—“जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।”

पाठ का अभ्यास

पहले धीरे और स्पष्ट उच्चारण से पढ़ें। अर्थ समझते हुए पाठ करना केवल गति या संख्या पर ध्यान देने से अधिक उपयोगी है। यदि परिवार या गुरु-परंपरा में निश्चित क्रम हो तो उसी का पालन करें।

पाठ, अर्थ और विस्तृत संदर्भ

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