एक चंद्रग्रहण दो शहरों में अलग हिस्सों में क्यों दिखता है?
चंद्रग्रहण के संपर्क-समय चंद्रमा के पृथ्वी की छाया में प्रवेश और उससे बाहर निकलने की घटनाएँ बताते हैं। आपके शहर में दिखाई देने वाला भाग इस पर भी निर्भर है कि चंद्रमा कब स्थानीय क्षितिज के ऊपर है। पूर्णता के बीच चंद्रोदय हो या उसके समाप्त होने से पहले चंद्रास्त, तो उस चरण का केवल एक हिस्सा दिख सकता है।
ग्रहण की संपर्क-तालिका, समय-पद्धति और दृश्यता-मानचित्र साथ पढ़ें। इस लेख में उस प्रक्रिया के लिए काल्पनिक समय दिए गए हैं। यह अगले ग्रहण की सूची या किसी शहर के लिए वास्तविक संपर्क-समय की भविष्यवाणी नहीं है।
पूर्ण चंद्र जरूरी है, लेकिन अकेला पर्याप्त नहीं
चंद्रग्रहण में पूर्ण चंद्र की अवस्था के आसपास चंद्रमा पृथ्वी की छाया से गुजरता है। NASA की व्याख्या के अनुसार चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी के कक्षीय तल से झुकी है। इसलिए अधिकांश पूर्ण चंद्र छाया के लिए जरूरी संरेखण के ऊपर या नीचे निकल जाते हैं।
केवल पूर्णिमा की तारीख, लगभग पूरा प्रकाशित चंद्र-चिह्न या पूर्ण चंद्र का क्षण ग्रहण होना तय नहीं करता। छाया के साथ कक्षा का संरेखण भी देखना पड़ता है। पूर्ण चंद्र के क्षण और पूर्णिमा तिथि के अंतर के लिए चंद्र कला और तिथि पढ़ें।
चंद्र-पात बताते हैं कि कक्षा क्रांतिवृत्त को कहाँ काटती है। चार्ट में इनके प्रयोग का परिचय राहु–केतु गणना मार्गदर्शिका में है। जन्म-कुंडली का नोड-नाम वास्तविक ग्रहण की गणना का विकल्प नहीं है।
उपच्छाया, आंशिक और पूर्ण ग्रहण
उपच्छाया या penumbra बाहरी आंशिक छाया का क्षेत्र है। इसमें चंद्रमा की मंदता इतनी हल्की हो सकती है कि बदलाव पहचानना कठिन हो। प्रच्छाया या umbra केंद्रीय छाया है। आंशिक ग्रहण में चंद्रमा का कुछ हिस्सा इसके भीतर जाता है; पूर्ण ग्रहण में पूरा बिंब भीतर आता है।
पूर्ण ग्रहण में पूर्णता के पहले और बाद के चरण भी होते हैं। इसलिए सबसे पहला आरंभ-समय उस समय से काफी पहले हो सकता है जब पूरा बिंब प्रच्छाया में समा जाए। उपच्छाया ग्रहण में प्रच्छाया संपर्क नहीं होते और आंशिक ग्रहण में पूर्णता का अंतराल नहीं होता। U2 तथा U3 का खाली होना हमेशा अधूरी जानकारी नहीं है।
“पूर्ण” उस घटना में प्रच्छाया के साथ चंद्रमा का संबंध बताता है। इसका अर्थ हर शहर से सभी चरण दिखाई देना या स्थानीय चंद्रमा का उतनी पूरी अवधि क्षितिज के ऊपर रहना नहीं है।
P1, U1, U2, U3, U4 और P4 कैसे पढ़ें?
NASA का चित्र-विवरण छाया की सीमाओं पर संपर्कों को पहचानता है। P1 और P4 उपच्छाया-प्रवेश तथा निकास की शुरुआत-अंत बताते हैं। U1 और U4 प्रच्छाया चरण को घेरते हैं। U2 और U3 के बीच पूरा चंद्र-बिंब प्रच्छाया में होता है।
नीचे सभी समय एक अनिर्दिष्ट तारीख के काल्पनिक UTC घड़ी-समय हैं। इन्हें अंकगणित के लिए चुना गया है; ये किसी वास्तविक ग्रहण से नहीं लिए गए।
| संपर्क | काल्पनिक UTC समय | घटना |
|---|---|---|
| P1 | 17:30 | उपच्छाया ग्रहण आरंभ |
| U1 | 18:25 | प्रच्छाया चरण आरंभ |
| U2 | 19:30 | पूर्णता आरंभ |
| U3 | 20:20 | पूर्णता समाप्त |
| U4 | 21:25 | प्रच्छाया चरण समाप्त |
| P4 | 22:20 | उपच्छाया ग्रहण समाप्त |
P1 को ऐसा क्षण न समझें जब साफ अँधेरा किनारा दिखना ही चाहिए। शुरुआती उपच्छाया बदलाव इतना सूक्ष्म होता है कि ऐसा वादा नहीं किया जा सकता। अलग लिखा “greatest eclipse” भी U2 नहीं है: वह चंद्रमा के छाया-अक्ष के सबसे पास पहुँचने का क्षण है, पूर्णता शुरू होने का नहीं।
चरण मिलाए बिना चार अवधियाँ निकालें
NASA का कैटलॉग-विवरण अवधियों को संपर्क-युग्मों से परिभाषित करता है। उदाहरण की तालिका में यही युग्म लगाएँ:
- उपच्छाया से पूरे गुजरने की अवधि: P4 − P1 = 22:20 − 17:30 = 290 मिनट।
- पूर्णता सहित पूरा प्रच्छाया चरण: U4 − U1 = 21:25 − 18:25 = 180 मिनट।
- पूर्णता: U3 − U2 = 20:20 − 19:30 = 50 मिनट।
- केवल आंशिक हिस्सों की संयुक्त अवधि: 180 − 50 = 130 मिनट।
प्रच्छाया की अवधि में पूर्णता पहले से शामिल है। 180 में 50 जोड़ने पर पूर्णता दो बार गिनी जाएगी। किसी कैटलॉग में U1 से U4 का खाना “partial” लिखा हो तो उसकी परिभाषा पढ़ें: पूर्ण ग्रहण में उसके बीच का पूर्णता-चरण भी उसी अंतराल में आता है।
इस उदाहरण में पूर्णता के दोनों ओर के केवल-आंशिक हिस्से 65–65 मिनट हैं। यह समानता काल्पनिक समयों की विशेषता है, हर वास्तविक तालिका पर लगाने वाला नियम नहीं।
एक ही समय-सारणी के चार स्थानीय दृश्य
चार काल्पनिक स्थानों के लिए नीचे दिए क्षितिज-अंतराल मान लें। इस अभ्यास में बादल, पहाड़ और गोधूलि को अलग रखा है। ज्यामितीय मिलान दिखने का अवसर है, साफ दृश्य की गारंटी नहीं।
| स्थान | क्षितिज से ऊपर माना समय | प्रच्छाया चरण का मिलान | मिनट | पूर्णता का मिलान | मिनट |
|---|---|---|---|---|---|
| A | 17:00–23:00 | 18:25–21:25 | 180 | 19:30–20:20 | 50 |
| B | 20:00–23:30 | 20:00–21:25 | 85 | 20:00–20:20 | 20 |
| C | 16:00–19:45 | 18:25–19:45 | 80 | 19:30–19:45 | 15 |
| D | 10:00–16:00 | — | 0 | — | 0 |
A में चंद्रमा पूरी घटना के दौरान माने हुए क्षितिज से ऊपर है। वहाँ प्रच्छाया के पूरे 180 मिनट और पूर्णता के पूरे 50 मिनट उपलब्ध हैं। B में चंद्रोदय 20:00 पर है, जब पूर्णता शुरू हो चुकी है। U3 तक केवल 20 मिनट बचते हैं।
C में चंद्रास्त 19:45 है। इसलिए U2 और चंद्रास्त के बीच पूर्णता के 15 मिनट उपलब्ध हैं। D में ग्रहण से कोई मिलान नहीं है। घटना हर पंक्ति में पूर्ण चंद्रग्रहण ही है; स्थानीय दृश्यता बदल रही है।
मिलान निकालने के लिए दोनों शुरुआतों में बाद वाला समय और दोनों समाप्तियों में पहले वाला समय लें। नई समाप्ति नई शुरुआत से आगे हो तभी अंतर घटाएँ। चंद्रोदय U3 पर या उसके बाद हो तो उस स्थान के लिए सकारात्मक अवधि वाली पूर्णता नहीं बचती।
तारीख, समय-क्षेत्र और समय-मापनी जाँचें
पहले संपर्कों तथा चंद्रोदय-चंद्रास्त को तारीख सहित एक संगत समयरेखा पर रखें। मध्यरात्रि के बाद की घटना अगली नागरिक तारीख पर हो सकती है। तारीख हटाकर 00:20 और 23:50 की तुलना करने से, रात पार होने पर, घटनाओं का क्रम उलटा पढ़ा जा सकता है।
समय-मापनी और समय-क्षेत्र अलग नाम हैं। उदाहरण के लिए NASA का चित्र-विवरण एक greatest-eclipse खाने के लिए Terrestrial Dynamical Time बताता है; किसी अन्य चित्र के संपर्क Universal Time में हो सकते हैं। उसी तालिका का विवरण पढ़ें। केवल स्थानीय समय-क्षेत्र का अंतर जोड़कर TT/TD को UTC न मान लें।
USNO का ग्रहण-चित्र विवरण अपने UT संपर्कों और दृश्यता-मानचित्र को समझाता है। जिस प्रकाशन को पढ़ रहे हैं, उसी के नियम लें; सभी चित्रों का प्रारूप एक जैसा न मानें।
अपने स्थान के लिए पढ़ने का क्रम
- वास्तविक ग्रहण चुनकर प्रकाशक की तारीख और समय-पद्धति पढ़ें।
- ग्रहण का प्रकार तथा उपलब्ध संपर्क-युग्म पहचानें।
- दृश्यता-मानचित्र में अपना स्थान देखें।
- उसी घटना और स्थान के लिए चंद्रोदय, चंद्रास्त तथा ऊँचाई जाँचें।
- अवधि निकालने से पहले तारीख सहित समयों को संगत करें।
- फिर स्थानीय क्षितिज और मौसम के अनुसार देखने की योजना बनाएँ।
Astrogyana का चंद्रोदय और चंद्रास्त उपकरण क्षितिज वाले भाग में मदद करता है; वह इस लेख के ग्रहण-संपर्क नहीं निकालता। मध्यरात्रि के बाद चंद्रोदय वाला लेख नागरिक तारीख बदलने को समझाता है। खगोलीय समय और किसी परंपरा के अनुष्ठान-नियम अलग पहचानकर पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या हर पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण होता है?
नहीं। चंद्र-कक्षा के झुकाव के कारण अधिकांश पूर्ण चंद्र पृथ्वी की छाया से गुजरने के लिए आवश्यक संरेखण में नहीं आते।
U2 और U3 क्या बताते हैं?
U2 पूर्णता की शुरुआत और U3 उसका अंत है। आंशिक या उपच्छाया चंद्रग्रहण में पूर्णता का यह अंतराल नहीं होता।
क्या प्रच्छाया और पूर्णता की अवधि जोड़नी चाहिए?
नहीं। U1 से U4 के प्रच्छाया अंतराल में U2 से U3 की पूर्णता शामिल है। दोनों जोड़ने से उस चरण की दोहरी गिनती होगी।
क्या पूर्ण चंद्रग्रहण मेरे शहर में केवल कुछ समय दिख सकता है?
हाँ। चंद्रमा किसी चरण के शुरू होने के बाद उदित या समाप्त होने से पहले अस्त हो सकता है। स्थानीय दृश्यता उस क्षितिज-अंतराल तक सीमित रहती है।
क्या उदाहरण के समय अगले ग्रहण की भविष्यवाणी हैं?
नहीं। समय और चारों स्थान अंतराल समझाने के लिए काल्पनिक हैं। वास्तविक घटना के लिए तारीख वाली ग्रहण-गणना और उसका दृश्यता-मानचित्र लें।
क्या चंद्रोदय की गणना से ग्रहण-संपर्क मिल जाते हैं?
अकेले उससे नहीं। चंद्रोदय और चंद्रास्त स्थानीय क्षितिज बताते हैं। ग्रहण-संपर्क के लिए अलग ग्रहण-गणना या प्रकाशित संपर्क-तालिका चाहिए।