वायुमंडलीय अपवर्तन: सूर्य की ज्यामितीय और दृश्य ऊँचाई

घोषित NOAA मॉडल से दृश्य सौर ऊँचाई निकालें। कोणीय इकाइयाँ, उलटी गणना, सूर्य-चक्र का ऊर्ध्व संपीड़न और सूर्योदय के सुधार का अंतर समझें।

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लेखन और प्रकाशन: Astrogyana

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संपादकीय नीति · सुधार कैसे भेजें

सूर्य अपनी ज्यामितीय स्थिति से ऊँचा क्यों दिख सकता है?

वायुमंडलीय अपवर्तन प्रकाश का मार्ग मोड़ता है, इसलिए सूर्य की दृश्य छवि बिना इस वायुमंडलीय मोड़ के निकाली गई दिशा से ऊपर हो सकती है। यहाँ के मॉडल में दृश्य ऊँचाई = ज्यामितीय ऊँचाई h + धनात्मक सुधार R(h)। यह सुधार ऊँचाई पर निर्भर करता है।

केवल लगभग आधा अंश कहना पूरी व्याख्या नहीं है। यह भी बताना चाहिए कि इनपुट कौन-सी ऊँचाई है, सुधार की इकाई क्या है और सूर्योदय की पद्धति में अपवर्तन पहले से शामिल है या नहीं। इस लेख में नामित सन्निकटन की गणना को वास्तविक मौसम-आधारित प्रेक्षण से अलग रखा गया है।

तीन संख्याओं के लिए अलग कॉलम रखें

ज्यामितीय ऊँचाई इस वायुमंडलीय सुधार से पहले का कोण है। दृश्य ऊँचाई सुधार के बाद का कोण है। अपवर्तन दोनों का अंतर है। यदि h = 1° और R लगभग 0.3634° हो, तो दृश्य ऊँचाई लगभग 1.3634° होगी; केवल 0.3634° या 0.6366° नहीं।

अलग खगोलीय उत्पादों में apparent शब्द का आशय अलग हो सकता है, क्योंकि निर्देशांक-प्रक्रिया में कई प्रकार के सुधार होते हैं। यहाँ अर्थ स्पष्ट है: केवल घोषित वायुमंडलीय R(h) का अंतर दिखाया जा रहा है। दूसरी सेवा का कॉलम पढ़ते समय परिभाषा देखें; केवल नाम से समान प्रक्रिया का निष्कर्ष न निकालें।

Hong Kong Observatory वायुमंडल में सूर्य-प्रकाश के मुड़ने से प्रभाव की दिशा समझाता है: दृश्य छवि अपवर्तन-रहित स्थिति से उठी हुई दिखाई देती है। उसके सूर्योदय-विवेचन में सूर्य के ऊपरी किनारे की बात है। नीचे का कार्य-पत्र केंद्र की ऊँचाई पर है और उसे अलग नाम दिया गया है।

घोषित मॉडल ज्यामितीय 0°–45° तक है

NOAA के प्रकाशित सौर-स्थिति अपवर्तन सन्निकटन की दो शाखाएँ इस्तेमाल की गई हैं। अभ्यास में h को जानबूझकर 0°–45° तक रखा गया है। निकट-क्षितिज सूत्र को हर ऋणात्मक ऊँचाई, शिरोबिंदु की विशेष स्थिति या असामान्य वायुमंडलीय परतों तक नहीं फैलाया गया है।

0° ≤ h ≤ 5° के लिए अंश में सुधार है: R = (1735 − 518.2h + 103.4h² − 12.79h³ + 0.711h⁴) / 3600। h दशमलव अंश में संख्या है। 3600 से भाग देने के पहले बहुपद का उत्तर आर्कसेकंड में है।

5° < h ≤ 45° के लिए T = tan(h) लें और त्रिकोणमितीय फलन की इकाई सही रखें। फिर R = (58.1/T − 0.07/T³ + 0.000086/T⁵) / 3600। यदि प्रोग्राम का फलन रेडियन लेता है तो उसमें h × π/180 दें, सीधे अंश की संख्या नहीं।

ठीक 5° पर प्रकाशित कैलकुलेटर की शर्त के अनुसार बहुपद शाखा लगती है। दोनों फिट किए गए व्यंजक पूर्ण गणितीय चिकनाई से जुड़ें, यह जरूरी नहीं। सीमा पर छोटा अंतर सन्निकटन का गुण हो सकता है; वह ठीक 5° पर हर किरण से मिलने वाली अचानक भौतिक परत नहीं है।

ग्यारह ऊँचाइयों पर गणना

NOAA के प्रकाशित फिट से उदाहरण; मौसम का मापा हुआ सुधार नहीं
ज्यामितीय h, अंशR, अंशR, आर्कमिनटदृश्य h + R, अंश
0.000.48194428.91670.481944
0.250.44769926.86190.697699
0.500.41672125.00330.916721
1.000.36336721.80201.363367
2.000.28368217.02092.283682
3.000.22868413.72103.228684
5.000.1596189.57715.159618
10.000.0881225.287310.088122
20.000.0439422.636520.043942
30.000.0278531.671230.027853
45.000.0161190.967245.016119

h = 0° पर h वाले सारे बहुपदीय पद शून्य हो जाते हैं। सुधार 1735/3600 = 0.481944° है, अर्थात लगभग 28.9167 आर्कमिनट। इसलिए मॉडल में ज्यामितीय केंद्र के क्षितिज पर आने तक उसका दृश्य केंद्र क्षितिज के ऊपर हो चुका है।

1° पर अंश है: 1735 − 518.2 + 103.4 − 12.79 + 0.711 = 1308.121 आर्कसेकंड। 3600 से भाग देने पर लगभग 0.363367° मिलता है। इनपुट में इसे जोड़ने से दृश्य ऊँचाई 1.363367° होती है। इकाई को हर चरण में साथ रखने से अंतर स्पष्ट रहता है।

45° पर tan h = 1 है। दूसरा सूत्र (58.1 − 0.07 + 0.000086)/3600 बनता है, लगभग 0.016119°। यह एक आर्कमिनट से कम है और इसी फिट में क्षितिज के पास के सुधार से काफी छोटा है। सारणी स्थिर ऑफ़सेट के बजाय ऊँचाई-निर्भर प्रभाव दिखाती है।

छह दशमलव गणित दोहराने में सहायक हैं; वे छह दशमलव की प्रेक्षण-सटीकता का दावा नहीं करते। वास्तविक वायुमंडलीय दशाएँ इनपुट में नहीं हैं। छपे हुए अतिरिक्त अंक स्थिर गुणांकों वाले अभ्यास की गणना का विवरण हैं।

आर्कमिनट घड़ी के मिनट नहीं हैं

एक कोणीय अंश में 60 आर्कमिनट या 3600 आर्कसेकंड होते हैं। इसलिए 30 आर्कमिनट = 0.5°। ये कोण की इकाइयाँ हैं। नाम में मिनट होने से वे अपने आप 30 मिनट का समय नहीं बन जाते।

सारणी में आर्कमिनट वाला R, अंश वाले R का 60 गुना है। अंश में वापस आने के लिए 60 से भाग दें। h = 0° की पंक्ति में 28.9167 आर्कमिनट लगभग 0.481944° हैं, 28.9167° नहीं।

0.5° दशमलव लिखावट है और 0°30′ उसी कोण की अंश-मिनट लिखावट। लेकिन 0.30° लिखने पर अर्थ 18 आर्कमिनट होगा। साफ रिपोर्ट संख्या के साथ इकाई लिखती है और समय में होने वाला कोई अगला परिवर्तन अलग गणना के रूप में दिखाती है।

दृश्य कोण से ज्यामितीय कोण निकालना उलटा प्रश्न है

दिए दृश्य कोण से ज्यामितीय कोण; मूल समीकरण हल करके
दिया दृश्य कोण, अंशहल किया h, अंशR(h), अंशपुनः h + R(h), अंश
0.500.0210770.4789230.500000
1.000.5941630.4058371.000000
2.001.6952080.3047922.000000
5.004.8362470.1637535.000000
10.009.9111330.08886710.000000

यदि इनपुट पहले से दृश्य ऊँचाई a है, तो अज्ञात h के लिए a = h + R(h) हल करना होगा। केवल R(a) घटा देने पर सूत्र में दृश्य कोण दिया जाएगा, जबकि वह ज्यामितीय कोण अपेक्षित करता है। यह छोटा रास्ता सामान्यतः मूल सीधी गणना को ठीक-ठीक वापस नहीं बनाता।

उदाहरणों में h को 0° और 45° के बीच रखकर अंतराल बार-बार छोटा किया गया है। चुने हुए लक्ष्य मॉडल की उपलब्ध सीमा में हैं और फिट की शाखा-सीमा की अस्पष्टता से दूर हैं। हल किए हुए h को फिर h + R(h) में रखने पर दिया हुआ दृश्य लक्ष्य वापस मिलता है।

हर दृश्य इनपुट इस सीमित कार्य-पत्र में नहीं आएगा। सबसे छोटा ज्यामितीय इनपुट 0° है, जिसका दृश्य उत्तर लगभग 0.481944° है। इससे कम दृश्य मान का हल घोषित ज्यामितीय 0°–45° सीमा में नहीं मिलेगा। उसके लिए अधिक व्यापक और स्पष्ट रूप से बताई गई पद्धति चाहिए; ऋणात्मक हल चुपचाप स्वीकार करना उचित नहीं होगा।

दो किनारों का अलग सुधार ऊर्ध्व व्यास घटाता है

सरल अभ्यास के लिए ज्यामितीय ऊर्ध्व व्यास d = 0.5° घोषित करें। केंद्र h हो तो निचले और ऊपरी किनारों की ज्यामितीय ऊँचाइयाँ h − 0.25° और h + 0.25° हैं। हर किनारे पर उसका अपना अपवर्तन-सुधार लगाएँ।

दृश्य ऊर्ध्व व्यास है: dapp = d + R(h + d/2) − R(h − d/2)। इन उदाहरणों में निचला किनारा अधिक ऊपर उठता है, इसलिए दोनों की ऊर्ध्व दूरी घटती है। पूरे चक्र को केंद्र के सुधार जितना समान रूप से ऊपर खिसकाने पर यह अंतर नहीं मिलेगा।

घोषित 0.5° ऊर्ध्व व्यास; ऊपरी और निचले किनारे का अलग सुधार
केंद्र h, अंशनिचला R, आर्कमिनटऊपरी R, आर्कमिनटदृश्य ऊर्ध्व व्यास, अंशऊर्ध्व संपीड़न, %
0.2528.916725.00330.43477713.0447
0.5026.861923.32240.44100711.7985
1.0023.322420.42610.4517299.6541
2.0018.048916.08410.4672546.5492
5.009.96229.25330.4881862.3628
8.006.68306.31810.4939181.2165
10.005.41505.16510.4958350.8331

सभी किनारों के इनपुट मॉडल की 0°–45° सीमा में हैं। चुना हुआ 0.5° चक्र शिक्षण का इनपुट है, किसी तारीख को सूर्य का मापा व्यास नहीं। अंतिम कॉलम 100 × (d − dapp)/d है। प्रतिशत का हर, घोषित ज्यामितीय ऊर्ध्व व्यास है।

यह एक आयाम की गणना है। इसमें पूरी क्षैतिज रूपरेखा, हर दिशा का आवर्धन, मरीचिका या मापे गए वायुमंडल में किरणों का पूरा मार्ग नहीं निकाला गया। ऊर्ध्व संपीड़न के प्रतिशत को सीधे चक्र के कुल क्षेत्रफल में उतनी ही कमी न कहें।

सुधार और दो किनारों का अंतर ग्राफ में देखें

मूल गणना के दो ग्राफ। ऊपर ज्यामितीय शून्य से 45 अंश ऊँचाई तक आर्कमिनट में अपवर्तन घटता है। नीचे 0.25 से 10.25 अंश केंद्र-ऊँचाई तक घोषित आधे अंश के चक्र का ऊर्ध्व संपीड़न अलग प्रतिशत-पैमाने पर दिखता है।
घोषित NOAA फिट से मूल गणना। ऊपर कोणीय सुधार है। नीचे 0.5° चक्र के दोनों किनारों को अलग सुधारने का परिणाम है। दोनों भागों में जानबूझकर अलग क्षैतिज सीमाएँ और अलग ऊर्ध्व इकाइयाँ हैं।

ऊपरी वक्र पूछता है कि एक दिशा कितनी उठती है। निचला वक्र पूछता है कि पास-पास की दो दिशाएँ कितनी अलग मात्रा से उठती हैं। दोनों प्रश्न जुड़े हैं, पर एक नहीं हैं। दोनों का बड़ा समान स्थानांतरण अपने आप व्यास का बदलाव निर्धारित नहीं करता; किनारों के सुधार का अंतर महत्वपूर्ण है।

दो भागों की तुलना से पहले अक्ष पढ़ें। ऊपर आर्कमिनट और नीचे घोषित व्यास का प्रतिशत है। यह दोहराई जा सकने वाली मॉडल-गणना है, सूर्य की तस्वीर या आज के वायुमंडल की पुनर्रचना नहीं।

−0.833° हर जगह जोड़ने वाला सुधार क्यों नहीं?

सूर्योदय के समय केंद्र की परिचित लगभग −0.833° ऊँचाई में दो बातें जुड़ी हैं: सूर्य का अर्धव्यास और क्षितिज के पास अपवर्तन का अनुमान। Hong Kong Observatory लगभग 50 आर्कमिनट के उदाहरण में करीब 16 आर्कमिनट सौर अर्धव्यास और औसत दशा में 34 आर्कमिनट अपवर्तन समझाता है।

यह ऊपरी किनारे के क्षितिज पर आने की घटना-पद्धति है। हर ज्यामितीय केंद्र-ऊँचाई में 0.833° जोड़ने का नियम नहीं। यह हमारी h = 0° पंक्ति जैसा इनपुट भी नहीं है। एक स्थिति में ऊपरी किनारा दिखते समय केंद्र नीचे है; दूसरी में ज्यामितीय केंद्र स्वयं शून्य अंश तक पहुँच चुका है।

यदि प्रकाशित सूर्योदय-समय में परंपरागत सुधार पहले से शामिल हो तो उसे फिर जोड़ना दोहरी गिनती होगी। पहले पहचानें कि संख्या ज्यामितीय कोण है, दृश्य कोण है या दृश्य-किनारे की पद्धति से निकाला गया घटना-समय। सूर्योदय और संधिप्रकाश का लेख इन परिभाषाओं को अलग करता है।

समान कोणीय बदलाव से समय-अंतर अलग हो सकता है

स्थानीय रैखिक अनुमान Δt ≈ R / |dh/dt| है। ऊँचाई की ऊर्ध्व दर को समय की इकाई के अनुसार अंश में रखें। क्षितिज से छोटा कोण बनाते हुए पार करने पर ऊर्ध्व दर कम हो सकती है, इसलिए समान कोणीय सुधार अधिक समय-अंतर दे सकता है।

केवल स्थानीय रैखिक उदाहरण: स्थिर R = 0.5°, काल्पनिक ऊर्ध्व दर
|dh/dt|, अंश/घंटालगभग समय-अंतर, मिनट
15.02.0
10.03.0
5.06.0
1.030.0

दरें काल्पनिक हैं और तुलना के लिए R को जानबूझकर 0.5° स्थिर रखा गया है। कोई पंक्ति नामित स्थान के सूर्योदय का पूर्वानुमान नहीं है। विशेष रूप से सूर्य का घंटे-कोण जिस दर से बदलता है, वही उसकी ऊर्ध्व ऊँचाई की दर नहीं होती। अक्षांश, क्रांति और घंटे-कोण क्षितिज के सापेक्ष पथ तय करते हैं।

अनुमानित अंतराल में ऊर्ध्व दर काफी बदल जाए तो रैखिक अनुमान भरोसेमंद नहीं रहेगा। केवल स्पर्श वाली स्थिति के पास लगभग शून्य दर से भाग देना संकेत है कि साधारण अनुमान पर्याप्त नहीं। ध्रुवीय प्रकाश वाला लेख समझाता है कि कभी सीमा का पारगमन होता ही नहीं है।

दो ऊँचाई-रिपोर्टों की तुलना के छह चरण

  1. समान स्थान, क्षण, खगोलीय पिंड और संदर्भ-क्षितिज की पुष्टि करें।
  2. पहचानें कि हर ऊँचाई ज्यामितीय है या पहले से सुधारी गई है।
  3. मॉडल, इनपुट-सीमा और सुधार की इकाई लिखें।
  4. सही इनपुट पर R लगाएँ या जरूरत हो तो उलटा समीकरण हल करें।
  5. सौर अर्धव्यास, क्षितिज के अवरोध और घटना-पद्धति अलग रखें।
  6. राउंडिंग से पहले पुनर्निर्मित परिणाम मिलाएँ और शेष मान्यताएँ दर्ज करें।

लगभग R(h) जितना अलग दो कॉलम एक ही ज्यामिति के सुधार से पहले और बाद के मान हो सकते हैं। पूरे सूर्योदय-मानक जितना अंतर रखने वाले कॉलम अलग प्रश्नों का उत्तर दे सकते हैं। केवल अंतर की मात्रा कारण का प्रमाण नहीं है।

स्थान के अनुसार घटना-सूचना के लिए सूर्योदय-सूर्यास्त पृष्ठ देखें। यह लेख हर बाहरी ऐप की अपवर्तन-पद्धति या हर ध्रुवीय निर्देशांक के परिणाम की पुष्टि नहीं करता।

सीमाएँ और स्रोत-टिप्पणियाँ

NOAA की गणना-टिप्पणियाँ बताती हैं कि वायुमंडलीय दशाएँ बदलती हैं और देखी गई घटनाएँ गणितीय समय से अलग हो सकती हैं, खासकर जब सौर पथ क्षितिज से छोटे कोण पर मिलता हो। इस कार्य-पत्र में तापमान-प्रोफ़ाइल, दाब का प्रेक्षण, भू-दृश्य की रूपरेखा या प्रेक्षक-ऊँचाई सुधार नहीं है। स्थिर गुणांकों से असामान्य अपवर्तन की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।

गुणांक और शाखा-सीमा NOAA के व्याख्यात्मक पृष्ठ तथा प्रकाशित कैलकुलेटर स्रोत दोनों से जाँचे गए हैं। उसमें लौटे सुधार को ज्यामितीय ऊँचाई में जोड़ा जाता है। NOAA अब कैलकुलेटर का सक्रिय समर्थन और रखरखाव न होने की सूचना देता है। संदर्भ विधि समझाने के लिए हैं, महत्वपूर्ण समय-निर्णय में उस सेवा के समर्थन का दावा नहीं।

ऊँचाई, उलटी गणना, किनारों और समय-दरों के उदाहरण स्पष्ट मान्यताओं से किए गए नए अभ्यास हैं। वे ज्यामिति और वायुमंडलीय सन्निकटन का अंतर समझाते हैं। वे देखे गए क्षितिज, तारीख-आधारित खगोलीय सारणी या वायुमंडलीय संरचना के माप का विकल्प नहीं हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ज्यामितीय ऊँचाई में अपवर्तन जोड़ें या घटाएँ?

इस मॉडल में सुधार धनात्मक है और दृश्य ऊँचाई h + R(h) है। दृश्य इनपुट से ज्यामितीय ऊँचाई पाने के लिए यही संबंध उलटा हल करना होगा।

क्या 0.833° हर ऊँचाई पर अपवर्तन-सुधार है?

नहीं। परिचित सूर्योदय-मान में अपवर्तन का अनुमान और सौर अर्धव्यास दोनों शामिल हैं। वह हर केंद्र-ऊँचाई पर जोड़ने वाला स्थिर ऑफ़सेट नहीं है।

ज्यामितीय शून्य पर मॉडल करीब 29 आर्कमिनट क्यों देता है?

यह h = 0° पर घोषित NOAA बहुपद का मान है। यह सामान्य दृश्य-किनारे वाले सूर्योदय से अलग इनपुट-स्थिति है, जिसमें ज्यामितीय केंद्र क्षितिज के नीचे होता है।

सूर्य का चक्र ऊर्ध्व दिशा में दबा हुआ क्यों लग सकता है?

मॉडल में निचले किनारे का ऊपर उठना ऊपरी किनारे से अधिक है। इसलिए दोनों की दृश्य ऊर्ध्व दूरी घोषित ज्यामितीय व्यास से कम होती है।

क्या आर्कमिनट सीधे घड़ी के मिनट बन जाते हैं?

नहीं। वे कोण की इकाई हैं। समय-अंतर के लिए स्थानीय ऊर्ध्व कोणीय दर भी चाहिए; दर बदलने पर पूरी घटना-गणना जरूरी हो सकती है।

क्या ये सारणियाँ आज का वायुमंडल बताती हैं?

नहीं। इनमें निश्चित प्रकाशित सन्निकटन और घोषित सीमा है। वर्तमान मौसम-प्रोफ़ाइल, भू-दृश्य मॉडल या मापी गई सौर छवि इस्तेमाल नहीं की गई है।

स्रोत और संदर्भ

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