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पंचांग को पढ़कर निर्णय तक कैसे पहुँचें

पाँच अंगों के नाम के साथ उनका संदर्भ-क्षण पढ़ें। नीचे 20 अक्टूबर 2026, अयोध्या का सहेजा हुआ गणना-उदाहरण है; ऊपर चुनी हुई तारीख का परिणाम अलग हो सकता है।

संदर्भ और उदाहरण संशोधित: · Astrogyana

सूर्योदय की स्थिति और पूरे दिन की स्थिति में अंतर

इस उदाहरण में संदर्भ स्थानीय सूर्योदय 06:03:17 IST है। उस समय शुक्ल नवमी, श्रवण नक्षत्र, शूल योग और कौलव करण सक्रिय हैं। मंगलवार नागरिक सप्ताह का वार है। तिथि या नक्षत्र का नाम पढ़ने के बाद उसका समाप्ति-समय भी देखें।

नवमी 12:50:55 पर समाप्त होती है, जबकि श्रवण 17:59:46 तक रहता है। इसलिए सूर्योदय की पंक्ति को रात तक बिना बदलाव चलने वाला विवरण समझना सही नहीं होगा। किसी पर्व में प्रदोष, चंद्रोदय या दूसरी अवधि महत्त्वपूर्ण हो तो उस पर्व का अलग नियम देखें।

20 अक्टूबर 2026 · अयोध्या · Asia/Kolkata · north_india / smarta
अंगसूर्योदय परउसी अंग का अंत
तिथिनवमी20 अक्टूबर, 12:50:55
नक्षत्रश्रवण20 अक्टूबर, 17:59:46
योगशूल21 अक्टूबर, 00:45:18
करणकौलव20 अक्टूबर, 12:50:55

अपने परिणाम की जाँच का क्रम

यह उदाहरण प्रकाशित गणना को पढ़ने का अभ्यास है। किसी व्रत या संस्कार की अंतिम तारीख निकालने के लिए उसका नाम, परंपरा और निर्णय-नियम भी चाहिए।

  1. अपना शहर और स्थानीय नागरिक तारीख चुनें। यात्रा हो तो जहाँ अनुष्ठान होगा, वह स्थान लें।
  2. सूर्योदय का संदर्भ और अंग की समाप्ति अलग-अलग पढ़ें।
  3. आधी रात के बाद समाप्ति हो तो अगली नागरिक तारीख साथ लिखें।
  4. व्रत के लिए केवल तिथि-अंत से पारण का समय न निकालें; संबंधित प्रकाशित पारण-प्रविष्टि देखें।

इस उदाहरण के स्रोत

  • Astrogyana — 20 अक्टूबर 2026, अयोध्या का मूल गणना-उत्तर

    दिनांकित उदाहरण के सूर्योदय, सूर्यास्त, पंचांग अंग और उनकी समाप्ति के मूल मान। यह हमारी गणना का रिकॉर्ड है, स्वतंत्र प्रमाणीकरण नहीं।

  • Skyfield — time scales and civil time

    UTC, पृथ्वी-घूर्णन समय और समय-क्षेत्रों में अंतर का खगोलीय संदर्भ। धार्मिक दिन-चयन के नियम इस स्रोत से नहीं निकलते।

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