तारों की निज गति: घटक, अनुप्रस्थ चाल और पूरी गणना

तारे की निज गति से अनुप्रस्थ चाल निकालें: 4.74047 का अर्थ, सही RA घटक, लंबन के उदाहरण, मापन-अनिश्चितता और समय के साथ स्थिति।

ज्योतिष और हिंदू परंपरालेख · 12 मिनटRead in English ↗

लेखन और प्रकाशन: Astrogyana

· संशोधित:

संपादकीय नीति · सुधार कैसे भेजें

निज गति से तारे की अनुप्रस्थ चाल कैसे निकलती है?

कुल निज गति μ आर्कसेकंड प्रति वर्ष में और दूरी d पारसेक में हो तो अनुप्रस्थ चाल vt = 4.74047 μd km/s होती है। μ मिलीआर्कसेकंड प्रति वर्ष में हो तो पहले उसे 1000 से भाग दें। सूत्र लगाने से पहले दो लंबवत गति-घटकों का परिमाण निकालें और देखें कि विषुवांश वाला घटक पहले से cos δ सहित दिया गया है या नहीं।

आकाश में बड़ा कोणीय बदलाव अकेले बड़ी भौतिक चाल सिद्ध नहीं करता। समान अनुप्रस्थ चाल वाला पास का तारा दूर वाले तारे से अधिक कोण बदल सकता है। नीचे के काल्पनिक उदाहरण और मूल गणना-चित्र इन्हीं परिमाणों को अलग करके समझाते हैं।

निज गति आकाश के तल में कोण बदलने की दर है। त्रिज्यीय वेग हमारी ओर या हमसे दूर होने की दर बताता है। दोनों को जोड़ने के लिए समान संदर्भ-तंत्र और दूरी चाहिए। केवल एक घटक से पूरी अंतरिक्ष-गति नहीं मिलती।

निज गति को आकाश के दैनिक घूमने से अलग समझें

ESA का निज गति परिचय तारे की स्थिति के दीर्घकालिक कोणीय बदलाव की चर्चा करता है। यह पृथ्वी के घूमने से होने वाली दैनिक आकाशीय चाल और लंबन से बनने वाले वार्षिक स्थिति-परिवर्तन से अलग है।

एक सरल शिक्षण मॉडल में मापी गई स्थिति के भीतर आरंभिक स्थान, स्थिर निज गति का पद और आवर्ती लंबन का पद हो सकता है। वास्तविक खगोलमिति में निरीक्षण की ज्यामिति तथा अन्य प्रभाव भी शामिल होते हैं। दो तस्वीरों में स्थान का अंतर निकाल देने से अपने आप केवल निज गति अलग नहीं हो जाती।

कैटलॉग का संदर्भ-समय, निर्देशांक-तंत्र और इकाइयाँ लिखें। बिना इकाई का “200” मान 200 mas/year भी हो सकता है और 200 arcsec/year भी; दोनों में हजार गुने का अंतर है। जिस समय के लिए निर्देशांक दिए गए हैं, वह हर बार उसी समय की तस्वीर का समय नहीं होता।

4.74047 का गुणांक कहाँ से आता है?

पारसेक की परिभाषा वाले कोणीय रूपांतरण में एक पारसेक पर एक आर्कसेकंड का सूक्ष्म कोणीय बदलाव एक खगोलीय इकाई के अनुप्रस्थ विस्थापन से जुड़ता है। इसलिए एक पारसेक पर 1 arcsec/year की दर, इस स्थानीय संबंध में, एक खगोलीय इकाई प्रति वर्ष के बराबर है।

NASA JPL की स्थिरांक तालिका में एक खगोलीय इकाई 149,597,870,700 मीटर, एक दिन 86,400 सेकंड और जूलियन वर्ष 365.25 दिन है। इस प्रकार एक जूलियन वर्ष 31,557,600 सेकंड होता है। अतः:

149,597,870.7 km ÷ 31,557,600 s = 4.7404704635… km/s.

लेख में इसे 4.74047 तक गोल किया गया है। यहाँ जूलियन वर्ष लिया गया है, किसी विशेष कैलेंडर वर्ष के दिनों की गिनती नहीं। मुख्य सूत्र में μ आर्कसेकंड प्रति वर्ष और d पारसेक में रखें। μ mas/year में हो तो vt = 0.00474047 μd होगा। μ mas/year और d किलोपारसेक में हो तो गुणांक फिर 4.74047 हो जाता है।

इकाइयाँ बदलने से संख्यात्मक गुणांक बदलता है। यह तारे की कोई अतिरिक्त भौतिक विशेषता नहीं है। हर इनपुट के साथ इकाई लिखने से ऐसे उत्तर से बचा जा सकता है जो देखने में सही लगे लेकिन हजार गुना गलत हो।

विषुवांश और क्रांति के घटक सही ढंग से जोड़ें

μα* = (dα/dt) cos δ और μδ = dδ/dt लें। ये आकाशीय गोले पर स्थानीय लंबवत घटक हैं। कुल परिमाण μ = √(μα*² + μδ²) होगा। घटक ऋणात्मक हो सकता है, लेकिन परिमाण ऋणात्मक नहीं होता।

Astropy का Gaia उदाहरण स्पष्ट करता है कि कैटलॉग का pmra कॉलम cos δ सहित घटक देता है। यदि कॉलम में पहले से μα* है तो फिर cos δ से गुणा करना गलत होगा। किसी दूसरे कैटलॉग के लिए उसके अपने कॉलम-विवरण को जाँचना जरूरी है।

काल्पनिक उदाहरण में δ = 60° और मूल विषुवांश-दर dα/dt = 120 mas/year लें। इससे μα* = 60 mas/year मिलता है। μδ = 80 होने पर कुल निज गति 100 mas/year है। यदि दिया हुआ pmra पहले से 60 है तो सीधे 60 लें; उसे फिर आधा करके 30 न करें।

विषुवांश कभी समय की इकाइयों में भी लिखा जाता है। विषुवांश-समय का एक सेकंड, cos δ लगाने से पहले, निर्देशांक कोण के पंद्रह आर्कसेकंड के बराबर है। यह अलग इकाई-रूपांतरण है। पहले से कोणीय mas/year में दिए कॉलम पर बिना कारण पंद्रह का गुणक नहीं लगाना चाहिए।

धनात्मक काल्पनिक लंबन से छह पूरी गणनाएँ

छह काल्पनिक तारे: घटकों से अनुप्रस्थ चाल तक
μα* (mas/yr)μδ (mas/yr)p (mas)μ (mas/yr)d (pc)vt (km/s)
3040105010023.702350
-3040105010023.702350
05020505011.851175
120-160202005047.404700
6821050023.702350
51251320012.325222

हर पंक्ति में p मिलीआर्कसेकंड में है और पहले d = 1000/p लिया गया है। फिर चाल का सूत्र लगाया गया है। आसान गणना के लिए चुने ये इनपुट किसी नामित तारे के वास्तविक मापन नहीं हैं। इस ज्यामितीय अभ्यास में सीधा व्युत्क्रम उपयुक्त है; अनिश्चित वास्तविक लंबन से दूरी निकालने के लिए उचित अनुमान-पद्धति चाहिए।

चौथी पंक्ति में 120 और −160 mas/year घटकों से μ = 200 mas/year मिलता है। 20 mas लंबन से दूरी 50 pc होती है। μ को 0.2 arcsec/year में बदलने पर vt = 4.74047 × 0.2 × 50 = 47.4047 km/s निकलता है।

पहली दो पंक्तियों में एक घटक का चिह्न उलट दिया गया है, लेकिन कुल परिमाण समान है। गति की दिशा अलग है, अनुप्रस्थ चाल समान। चिह्न सहित घटकों को सीधे जोड़ देने पर दोनों के लिए अलग और गलत परिमाण मिलेंगे।

लंबन और दूरी की अनिश्चितता वाला लेख बताता है कि ऋणात्मक या बहुत अनिश्चित मापे गए लंबन को सीधे उलटकर भरोसेमंद भौतिक दूरी क्यों नहीं मिलती। केवल धनात्मक उत्तर पाने के लिए उसका निरपेक्ष मान लेना सही समाधान नहीं है।

समान कोणीय दर, अलग दूरी और अलग चाल

मूल गणना-चित्र में 1 से 200 पारसेक दूरी के साथ अनुप्रस्थ चाल बढ़ती है। तीन सीधी रेखाएँ 50, 100 और 200 मिलीआर्कसेकंड प्रति वर्ष की निज गति दिखाती हैं; समान कोणीय दर पर दूरी दोगुनी होने से भौतिक चाल दोगुनी होती है।
तीन निज गतियों में प्रत्येक के लिए 200 दूरी-मानों की मूल गणना। नीला: 50 mas/year; नारंगी टूटी रेखा: 100; बैंगनी बिंदु-रेखा: 200। ये मॉडल के मान हैं, देखे गए तारों के आँकड़े नहीं।
चित्र के चुने हुए मान; सभी चालें km/s में
d (pc)μ = 50 mas/yrμ = 100 mas/yrμ = 200 mas/yr
102.3702354.7404709.480940
255.92558811.85117523.702350
5011.85117523.70235047.404700
10023.70235047.40470094.809400
15035.55352571.107050142.214100
20047.40470094.809400189.618800

निज गति स्थिर हो तो दूरी दोगुनी करने पर अनुमानित अनुप्रस्थ चाल दोगुनी होगी। दूरी स्थिर हो तो निज गति दोगुनी करने पर भी यही होता है। चित्र ये संबंध दिखाता है; यह किसी वास्तविक तारे के दूर जाते हुए अपनी कोणीय दर स्थिर रखने का दावा नहीं करता।

तुलना के लिए पिंड A की निज गति 200 mas/year और दूरी 25 pc लें। पिंड B की निज गति 50 mas/year और दूरी 100 pc लें। दोनों की अनुप्रस्थ चाल 23.70235 km/s है। कोणीय दर का चार गुना अंतर दूरी के उलटे चार गुना अंतर से संतुलित हो गया।

क्षैतिज अक्ष लंबाई और ऊर्ध्वाधर अक्ष चाल दिखाता है। इस चित्र की ढाल इकाइयाँ बदलने के बाद चुनी हुई कोणीय दर से संबंधित है; वह तारे का त्वरण नहीं है। सीधी रेखा देखकर उसे अंतरिक्ष में तारे का वास्तविक पथ मान लेना अलग गलती होगी।

त्रिज्यीय वेग जोड़ने से पहले संदर्भ-तंत्र देखें

समान संदर्भ-तंत्र में vr त्रिज्यीय घटक और vt अनुप्रस्थ परिमाण हो तो v = √(vt² + vr²) होगा। चौथे उदाहरण में vr = −30 km/s लेने पर कुल चाल लगभग 56.10 km/s निकलती है। सामान्य धनात्मक-दूर-जाने के नियम में ऋण चिह्न पास आने को बताता है।

vt = 47.4047 km/s के साथ अलग त्रिज्यीय वेग
vr (km/s)कुल चाल (km/s)
-5068.899968
-3056.099961
047.404700
3056.099961
5068.899968

vr का चिह्न उलटने से दिशा बदलती है, इस गणना का कुल परिमाण नहीं। त्रिज्यीय वेग उपलब्ध न होना उसके शून्य होने का प्रमाण नहीं है। उस घटक के बिना अनुप्रस्थ चाल पूरी चाल का केवल एक भाग है।

वेग सूर्यकेन्द्रीय, सौरमंडल के द्रव्यमान-केन्द्र वाला, स्थानीय विश्राम-तंत्र वाला या आकाशगंगा-केन्द्र वाला है, यह स्पष्ट होना चाहिए। संदर्भ-तंत्र बदलने से घटक और कुल चाल बदल सकते हैं। वर्गों के योग का सूत्र केवल घटक जोड़ता है; वह अपने आप तंत्र-परिवर्तन या आकाशगंगीय कक्षा की गणना नहीं करता।

निकट समय के लिए स्थान कैसे बदलें?

ध्रुवों से दूर छोटे विस्थापन में प्रथम-क्रम स्थानीय सन्निकटन है: Δδ = μδΔt और Δα = μα*Δt/cos δ। mas को अंश में बदलने के लिए 3,600,000 से भाग दें। यहाँ हर में शुरुआती क्रांति δ को सन्निकटन के लिए स्थिर रखा गया है।

स्थानीय रेखीय उदाहरण: α₀ = 120°, δ₀ = 60°
Δt (वर्ष)पूर्व विस्थापन (mas)उत्तर विस्थापन (mas)α (°)δ (°)
-10-600-800119.99966666759.999777778
000120.00000000060.000000000
5300400120.00016666760.000111111
10600800120.00033333360.000222222
2012001600120.00066666760.000444444

उदाहरण की शुरुआती स्थिति α = 120°, δ = 60° और गति-घटक μα* = 60, μδ = 80 mas/year हैं। दस वर्षों में पूर्व और उत्तर दिशा के स्पर्शतलीय विस्थापन 600 और 800 mas होंगे। उनका परिमाण 1000 mas, यानी एक आर्कसेकंड है। मूल विषुवांश निर्देशांक का अंतर 1200 mas है क्योंकि cos 60° = 0.5 है।

यह तालिका बहुत लंबे समय के लिए सटीक पंचांग या तारकीय स्थिति-सारणी नहीं है। ध्रुव के पास cos δ से भाग देना अस्थिर हो जाता है और निर्देशांक कोण की जगह सदिश विधि बेहतर है। बड़े समय-अंतर, त्रिज्यीय गति और बदलती दूरी के लिए भी अधिक सावधानी चाहिए।

Astropy का स्थान-परिवर्तन विवरण जड़त्वीय संदर्भ-तंत्र में स्थिर वेग से सीधी रेखा की गति मानकर गणना समझाता है। उसमें अनुपस्थित त्रिज्यीय वेग को शून्य मानने की बात भी स्पष्ट है। सॉफ्टवेयर की इस मान्यता को वास्तविक मापन नहीं समझना चाहिए। वैज्ञानिक उपयोग में पूरा उपलब्ध खगोलमितीय समाधान और उसका संदर्भ-समय साथ रखें।

गति और दूरी, दोनों की अनिश्चितता शामिल करें

μ और d की छोटी, स्वतंत्र त्रुटियों के लिए प्रथम-क्रम संबंध है: σv/v ≈ √[(σμ/μ)² + (σd/d)²]। μ = 100 ± 2 mas/year और d = 50 ± 5 pc पर केंद्रीय चाल 23.70235 km/s है। अनुमानित सापेक्ष अनिश्चितता लगभग 10.20%, अर्थात करीब 2.42 km/s होती है।

इनपुट बदलने पर चाल: ये विश्वास-अंतराल नहीं हैं
μ (mas/yr)d (pc)vt (km/s)
984520.905473
1005023.702350
1025526.594037
1004521.332115
1005526.072585

तालिका की पंक्तियाँ इनपुट बदलने की संवेदनशीलता दिखाती हैं। सबसे नीचे या ऊपर का मान कोई विश्वास-अंतराल नहीं है। दोनों इनपुटों को एक साथ उनकी ऊपरी या निचली सीमा पर रखने और संयुक्त सांख्यिकीय संभावना-क्षेत्र तय करने में अंतर है।

निज गति के परिमाण की अपनी अनिश्चितता भी निकालनी होती है। गैर-शून्य μ तथा a, b घटकों के लिए प्रथम-क्रम विचरण है: (a²σa² + b²σb² + 2ab Cov(a,b))/μ²। a = 60, b = 80 और दोनों की स्वतंत्र अनिश्चितता 2 mas/year हो तो σμ = 2 mas/year निकलता है।

दूरी और गति सहसंबद्ध हों तो उनका सहप्रसरण भी आएगा। शून्य के बहुत पास सदिश परिमाण की रेखीय त्रुटि-गणना भरोसेमंद न हो सकती है। अनिश्चित लंबन से अनुमानित दूरी के लिए संबंधित पद्धति और सहप्रसरण की जानकारी अपनाएँ; केवल सुविधा के लिए सममित त्रुटि न जोड़ें।

कैटलॉग पढ़ने की जाँच-पत्रिका

  1. कैटलॉग संस्करण, तारे की पहचान और संदर्भ-समय लिखें।
  2. निर्देशांक-तंत्र और हर कॉलम की इकाई दर्ज करें।
  3. देखें कि RA घटक में cos δ पहले से शामिल है या नहीं।
  4. दो लंबवत घटकों से कुल μ निकालें।
  5. उचित धनात्मक दूरी-अनुमान और उसकी अनिश्चितता लें।
  6. इकाइयाँ बदलकर vt निकालें।
  7. त्रिज्यीय वेग उपलब्ध हो तो समान तंत्र में ही जोड़ें।
  8. दूसरे समय की स्थिति निकालते समय सन्निकटन लिखें।

इन चरणों से आकाश में बदलता बिंदु भौतिक चाल से जुड़ता है और गणना की मान्यताएँ भी दिखाई देती हैं। चमक, वार्षिक लंबन, निज गति और दैनिक उदय-अस्त एक ही तारे के अलग-अलग प्रश्नों के उत्तर हैं; इन्हें एक-दूसरे का स्थानापन्न नहीं बनाना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनुप्रस्थ चाल का सूत्र क्या है?

μ आर्कसेकंड प्रति जूलियन वर्ष और d पारसेक में हो तो vt = 4.74047 μd km/s है। मिलीआर्कसेकंड प्रति वर्ष वाली निज गति को पहले 1000 से भाग दें।

क्या Gaia के pmra को फिर cos क्रांति से गुणा करना चाहिए?

नहीं। Gaia का pmra पहले से प्रक्षेपित विषुवांश घटक μα* है। दूसरे कैटलॉग की परिभाषा देखकर ही किसी कोसाइन का उपयोग करें।

क्या दूर के तारे की छोटी निज गति के बावजूद बड़ी चाल हो सकती है?

हाँ। अनुप्रस्थ चाल समान हो तो दूरी बढ़ने से कोणीय निज गति घटती है। छोटी कोणीय दर अकेले धीमी भौतिक गति नहीं बताती।

क्या अनुप्रस्थ चाल ही पूरी अंतरिक्ष-चाल है?

नहीं। यह दृष्टि-रेखा के आर-पार वाला भाग है। कुल चाल के लिए समान संदर्भ-तंत्र में त्रिज्यीय वेग भी चाहिए।

त्रिज्यीय वेग न दिया हो तो क्या शून्य मान सकते हैं?

केवल स्पष्ट लिखी हुई मॉडल-मान्यता के रूप में, मापन के रूप में नहीं। यह मान्यता समय के साथ स्थिति और कुल चाल के अनुमान को प्रभावित कर सकती है।

क्या सरल स्थान-परिवर्तन हर समय-अंतर पर सही है?

नहीं। स्थानीय रेखीय सन्निकटन कोण, समय-अंतर, बदलती दूरी और निर्देशांक-ज्यामिति से सीमित है। सटीक कार्य के लिए उचित सदिश विधि और अनिश्चितता की जानकारी चाहिए।

स्रोत और संदर्भ

Google पर एस्ट्रोज्ञान से जुड़े रहें

एस्ट्रोज्ञान को Google Search में अपने पसंदीदा स्रोतों में जोड़ें।

Google पर पसंदीदा स्रोत बनाएँ