द्वादश ज्योतिर्लिंग भारत के अलग-अलग भूगोल में स्थित हैं—समुद्रतट, मैदानी नगर, वन क्षेत्र और हिमालय तक। इसलिए सभी मंदिरों के लिए एक जैसी यात्रा-योजना उपयुक्त नहीं होती।
पहले मार्ग नहीं, ऋतु चुनें
केदारनाथ जैसे हिमालयी तीर्थ घोषित यात्रा-ऋतु में ही सुलभ होते हैं, जबकि सोमनाथ, काशी विश्वनाथ और महाकालेश्वर वर्ष भर पहुँचे जा सकते हैं। श्रावण, महाशिवरात्रि और विशेष पर्वों में भीड़ तथा प्रतीक्षा बढ़ती है।
आधिकारिक जानकारी जाँचें
दर्शन-समय, विशेष आरती, पंजीकरण और दान के लिए मंदिर या राज्य प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट ही उपयोग करें। किसी अनजान संदेश, निजी भुगतान कड़ी या अनधिकृत प्रतिनिधि को धन न भेजें।
यात्रा-सूची
- पहचान-पत्र, आवश्यक पंजीकरण और यात्रा बीमा
- मौसम के अनुकूल वस्त्र और सहज चलने वाले जूते
- दवाएँ, जल और चिकित्सकीय सलाह
- मंदिर के वस्त्र, छायांकन और सामान संबंधी नियम
- पर्व-दिवस पर अतिरिक्त समय और वैकल्पिक मार्ग